नई दिल्ली: शेयर बाजार की दुनिया भी कमाल की है, जहां एक कंपनी का शेयर रॉकेट की तरह उड़ान भर रहा है। हम बात कर रहे हैं हेल्थकेयर सेक्टर के एक बड़े खिलाड़ी पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) की, जिसके शेयरों ने इस साल की शुरुआत, यानी जनवरी 2026 से अब तक, करीब 95 फीसदी का तगड़ा उछाल दिखाया है। अब सोचिए, जब कोई शेयर इतनी तेजी से भाग रहा हो, तो निवेशकों की आंखें उस पर टिकना लाज़मी है।
लेकिन ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती। मशहूर ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग (Choice Broking) ने तो इस शेयर पर अपनी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए एक नया टारगेट प्राइस भी दे दिया है।
उन्होंने कहा है कि पार्क मेडी वर्ल्ड का शेयर यहां से करीब 20 फीसदी और उछलकर 350 रुपये के स्तर तक जा सकता है। ये खबर उन निवेशकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, जो हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़िया ग्रोथ की तलाश में हैं।
ब्रोकरेज हाउस ने अपने ताजा नोट में साफ-साफ कहा है कि वे FY28E (वित्तीय वर्ष 2028 अनुमानित) के आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन को 18x EV/EBITDA पर बनाए हुए हैं। इसी के चलते उन्होंने 350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी 'BUY' रेटिंग पर भरोसा जताया है।
आखिर क्यों उड़ रहा है ये शेयर, क्या है इसकी वजह?
अब सवाल उठता है कि ऐसा क्या खास है इस कंपनी में, जो इसका शेयर इतनी रफ्तार से भाग रहा है? ब्रोकरेज के मुताबिक, पार्क मेडी वर्ल्ड अपनी मौजूदा क्लस्टर्स को और मजबूत करते हुए पूरे नॉर्थ इंडिया में अपनी पहुंच बढ़ा रही है। ये एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे कंपनी की ग्रोथ को पंख मिल रहे हैं।
कंपनी के विस्तार प्लान की बात करें तो, गुरुग्राम में एक नया 100-बेड वाला पार्क हॉस्पिटल प्लैटिनम फैसिलिटी तैयार हो रहा है। ये नया अस्पताल, कंपनी के पहले से मौजूद 225-बेड वाले पालम विहार हॉस्पिटल के ठीक पास बन रहा है।
इस पर करीब 25 करोड़ रुपये का कैपिटल खर्च आने का अनुमान है।
बता दें कि इस नए हॉस्पिटल के नवंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। अब आप सोच रहे होंगे कि एक और अस्पताल की क्या जरूरत थी? दरअसल, गुरुग्राम में कंपनी की मौजूदा फैसिलिटी में क्षमता की कमी हो रही थी।
FY26 में इसकी ऑक्यूपेंसी लगभग 86 फीसदी थी और इसने करीब 25 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था। ये साफ संकेत देता है कि गुरुग्राम के मार्केट में हेल्थकेयर सर्विसेज की जबरदस्त डिमांड है, जिसे पूरा करने के लिए ये नया अस्पताल गेमचेंजर साबित होगा।
उत्तराखंड में नए अधिग्रहण से क्या बदलेगा?
सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं, कंपनी ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में भी एक बड़ा दांव खेला है। उन्होंने हाल ही में 1.77 बिलियन रुपये में 330-बेड वाले मेडिसिटी हॉस्पिटल का अधिग्रहण किया है।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि ये अधिग्रहण कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा ग्रोथ इंजन साबित होगा।
इस मेडिसिटी हॉस्पिटल में अगले महीने के आखिर तक ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सभी 330 बेड पहले दिन से ही चालू हो जाएंगे। मैनेजमेंट का टारगेट है कि पहले साल में ये अस्पताल 1 बिलियन रुपये का रेवेन्यू, लगभग 20 फीसदी EBITDA मार्जिन और करीब 12 फीसदी PAT मार्जिन हासिल करेगा।
इतना ही नहीं, दूसरे साल में ऑक्यूपेंसी बढ़ने, हर बेड पर एवरेज रेवेन्यू (ARPOB) में बढ़ोतरी और बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी मिक्स से इसमें और भी सुधार की उम्मीद है।
कंपनी का ऑपरेशनल मॉडल क्या है?
कंपनी की ऑपरेटिंग ताकत के बारे में बताते हुए चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने एक अहम बात बताई। उनके मुताबिक, कंपनी का 'क्लस्टर-बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल' एक मुख्य अंतर बनाता है।
इसका मतलब ये है कि आस-पास के हॉस्पिटल डॉक्टर, खास इक्विपमेंट और ऑपरेशनल रिसोर्स को आपस में शेयर कर सकते हैं। इससे उनका इस्तेमाल बेहतर होता है, मरीजों की भर्ती आसान होती है और कुल मिलाकर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार होता है।
यह एक स्मार्ट तरीका है, जिससे कंपनी अपने रिसोर्सेज का अधिकतम लाभ उठा पाती है।
अगर कंपनी के भविष्य के प्लान्स की बात करें तो, मार्च 2028 तक कुल बेड कैपेसिटी लगभग 5,590 बेड तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें खरीदे गए अस्पतालों के इंटीग्रेशन और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार का बड़ा हाथ होगा।
वहीं, कंपनी का मैनेजमेंट तो FY33 तक 10,000 बेड की उम्मीद कर रहा है।
ब्रोकरेज ने साफ किया है कि कंपनी की रणनीति सिर्फ बेड जोड़ने तक सीमित नहीं है। यह स्ट्रेटेजिक लोकेशन, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, विस्तार की संभावना और आकर्षक व





































