मौसम डेस्क: भैया, अगर आप गर्मी से बेहाल होकर बारिश का इंतजार कर रहे थे, तो आपकी मुराद पूरी होने वाली है! लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस बार इंद्रदेव थोड़ा ज्यादा ही मेहरबान होने वाले हैं, क्योंकि देश के एक बड़े हिस्से पर अब भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 15 जुलाई के लिए एक नहीं, बल्कि कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज वॉर्निंग जारी कर दी है।
आप तैयार हो जाइए मूसलाधार बारिश, तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक वाली बिजली के लिए, क्योंकि बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों समेत कुल मिलाकर 14 से भी ज्यादा सूबों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने बाकायदा चेताया है कि कुछ जगहों पर तो इतनी भयानक बारिश हो सकती है कि पूछो मत!
अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि अचानक ऐसा क्या हो गया जो मौसम विभाग इतना सीरियस हो गया है? तो भैया, बात ये है कि इस वक्त देश में कई बड़े-बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइनें एक्टिव हैं, जो मिलकर ये पूरा खेल कर रही हैं।
तो आखिर क्यों हो रहा है ये सब और क्या हैं एक्टिव सिस्टम्स?
देखिए, मौसम वैज्ञानिकों ने साफ बताया है कि इस समय समुद्र तल पर मानसून ट्रफ रेखा जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा और कैनिंग से होते हुए बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से की ओर बढ़ रही है। ये एक मुख्य वजह है जो पूरे देश में मौसम पर असर डाल रही है।
इसके साथ ही, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। ये परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के अंदर, इसी के असर से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटीय इलाकों में एक लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। और आप जानते हैं, जब लो-प्रेशर बनता है, तो बारिश आती ही आती है।
इतना ही नहीं, उत्तरी गुजरात और उसके पड़ोस वाले दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण घूम रहा है। उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के पड़ोसी इलाकों पर भी इतनी ही ऊंचाई पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक्टिव है।
दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास भी 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। कुल मिलाकर, हवा में कई सारे 'खेल' चल रहे हैं जो बारिश को न्योता दे रहे हैं।
कौन से राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और क्या है अलर्ट?
मौसम विभाग ने 15 जुलाई के लिए कुछ राज्यों के लिए बेहद गंभीर वॉर्निंग जारी की है। इसमें सबसे ऊपर नाम है:
- ओडिशा (रेड वॉर्निंग): भैया, ओडिशा के लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। IMD ने यहां के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ 'अत्यंत भारी बारिश' की प्रबल आशंका जताई है। 'अत्यंत भारी' मतलब इतनी कि बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं। इसलिए अगर आप ओडिशा में हैं, तो हर अपडेट पर नजर रखें।
- बिहार (वेरी हैवी रेन अलर्ट): बिहार में भी मौसम का मिजाज बहुत खराब होने वाला है। 15 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। सिर्फ बारिश ही नहीं, इसके साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, आंधी आ सकती है और बिजली चमकने का भी गंभीर खतरा है। खेत-खलिहान में काम करने वाले लोग और खुले में रहने वाले लोग खास ध्यान रखें।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने बताया है कि इन राज्यों के अलावा भी देश के कम से कम 12 अन्य राज्यों में भी 15 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इन सभी 12 राज्यों की विस्तृत लिस्ट फिलहाल खबर में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसका मतलब है कि देश का एक बड़ा हिस्सा इस मानसून की चपेट में आने वाला है।
तो भैया, मौसम विभाग की तरफ से यही ताजा अपडेट है। आप जहां भी हैं, अपनी और अपनों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
बेवजह बाहर निकलने से बचें और मौसम से जुड़ी हर खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें।









































