मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में गुरुवार की रात एक अजीब सी खामोशी फैली थी, लेकिन नौचंदी थाना क्षेत्र के जयदेवी नगर में जो हुआ, उसने इस खामोशी को चीरते हुए सनसनी फैला दी। मनोज, जिसकी उम्र बस 31 साल थी और जो फल बेचकर अपने परिवार का पेट पालता था, उसका शव अचानक अपने ही घर में फंदे से झूलता मिला। एक पल को तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है।
रात के करीब साढ़े आठ बजे का वक्त था। घर में रहने वाला एक बच्चा मनोज के कमरे में गया और जो देखा, उसे देखकर उसकी चीख निकल गई।
बच्चे की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े। कमरे के भीतर का नजारा देख सब सन्न रह गए।
मनोज का बेजान शरीर फंदे के सहारे लटका हुआ था और उसकी सांसे थम चुकी थीं। आनन-फानन में पुलिस को खबर दी गई।
नौचंदी थाने की पुलिस बिना देर किए मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, लोगों से पूछताछ की और फिर शव को नीचे उतरवाकर पंचनामे की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
लेकिन यह सिर्फ एक मौत नहीं थी, इसके पीछे एक लंबी कहानी छिपी थी – तनाव की, विवादों की और शायद कर्ज के बोझ की भी।
सुबह पत्नी से हुई तकरार, फिर उठा विवाद का बवंडर
मनोज की जिंदगी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। घरवालों और पुलिस की शुरुआती जांच से जो बातें सामने आईं, वो दिल दहला देने वाली थीं।
जिस दिन मनोज का शव मिला, उसी सुबह उसके घर में एक बड़ा झगड़ा हुआ था। मनोज का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
विवाद इतना बढ़ा कि मनोज ने अपना आपा खो दिया और उसने अपनी पत्नी और बच्चों तक से मारपीट कर दी।
इस मारपीट से पत्नी इतनी परेशान हो गई कि उसने नौचंदी थाने का रुख किया। पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई।
थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मनोज और उसकी पत्नी को समझाने-बुझाने की कोशिश की।
पुलिस ने मनोज की पत्नी को सलाह दी कि कुछ दिनों के लिए वो अपने मायके चली जाए, ताकि दोनों का गुस्सा शांत हो सके और फिर बाद में जब माहौल ठीक हो जाए तो वापस आ जाए। पुलिस की बात मानकर, या शायद और कोई रास्ता न देख, मनोज की पत्नी अपने तीनों बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई।
यह सब दिन में ही हो गया था। रात को घर में मनोज अकेला था, जब यह दर्दनाक घटना हुई।
परिवार के लोगों के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी, खासकर जब उन्हें पता चला कि मनोज की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी।
कर्ज और शराब का बोझ: भीतर ही भीतर घुटता मनोज
पुलिस की शुरुआती छानबीन और मनोज के घरवालों से मिली जानकारी एक गहरी समस्या की ओर इशारा कर रही थी। मनोज लंबे समय से कर्ज के जाल में फंसा हुआ था।
बताया जा रहा है कि उस पर तीन से चार लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज था। यह कर्ज उसके लिए एक अदृश्य बोझ बन गया था, जो उसे दिन-रात घेरे रहता था।
इस मानसिक दबाव ने मनोज को इस कदर तोड़ दिया था कि उसने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया।
शराब की लत ने उसकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। आए दिन घर में झगड़े होने लगे।
जब उसकी पत्नी शराब पीने का विरोध करती या कर्ज चुकाने की बात करती, तो मनोज मारपीट पर उतर आता था। देर रात तक शराब पीना और फिर घर में कलह करना उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था।
यह सब उसके परिवार के लिए भी बेहद मुश्किल दौर था। मनोज का भाई हरिकिशन भी इन परेशानियों से वाकिफ था।
इस कर्ज और शराब के दलदल में मनोज धीरे-धीरे धंसता जा रहा था, और शायद इसी वजह से उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस और फोरेंसिक की पड़ताल: क्या कोई सुसाइड नोट मिला?
मनोज की मौत की खबर मिलते ही नौचंदी थाना पुलिस हरकत में आई। एसएचओ नौचंदी अनूप सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
सबसे पहले कमरे की बारीकी से छानबीन की गई। पुलिस को उम्मीद थी कि शायद मनोज ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा हो, जिससे उसकी मौत के पीछे की असली वजह का पता चल सके, लेकिन काफी तलाश के बाद भी ऐसा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
कुछ देर बाद, फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से मुआयना किया, सबूत जुटाए और फिर शव को फंदे से नीचे उतारा।
जांच पड़ताल पूरी होने के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया ताकि मौत की सही वजह का पता चल सके। एसएचओ अनूप सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मनोज कर्ज से परेशान था, और इसी वजह से उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
उन्होंने यह भी बताया कि सुबह उसकी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की स्पष्ट और अंतिम वजह सामने आ पाएगी।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और परिवार के बयानों को भी रिकॉर्ड कर रही है। इलाके में इस घटना को लेकर अभी भी चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर मनोज ने ऐसा कदम क्यों उठाया।

