मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की पवित्रता और समाज में दहेज के दानव पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां लोहियानगर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता को तेजाब जैसा कोई जानलेवा पदार्थ पिलाने का आरोप उसके पति पर लगा है। सोचिए, जिस हमसफ़र के साथ सात फेरे लिए, जिस पर जीवन भर का भरोसा किया, वही अगर जान का दुश्मन बन जाए तो कैसी दहशत फैलती होगी? गंभीर हालत में महिला अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है, और पुलिस अब इस पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है।
ये कहानी है मुस्कान नाम की एक युवती की, जिसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले फतेहउल्लापुर निवासी नाजिम से हुई थी। आमतौर पर शादियां खुशियों और नए सपनों की शुरुआत होती हैं, लेकिन मुस्कान के लिए ये रिश्ता शुरुआती दिनों से ही एक बुरे सपने जैसा बन गया।
उसके मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नाजिम और उसके ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग को लेकर मुस्कान को प्रताड़ित कर रहे थे। ये सिर्फ मौखिक प्रताड़ना नहीं थी, बल्कि आए दिन के झगड़े, ताने और दबाव ने मुस्कान की जिंदगी को नरक बना दिया था।
हर घर की तरह ही शायद मुस्कान ने भी सोचा होगा कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा, रिश्ते सुधर जाएंगे, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके लिए एक और भयानक मोड़ इंतजार कर रहा है।
रिश्तों में घुलता ज़हर: दहेज की मांग और बढ़ता तनाव
मुस्कान के परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही उसकी ज़िंदगी में खुशियों की जगह तानों और मांगों ने ले ली थी। दहेज की आग ने उनके घर की शांति को ऐसे जलाया कि हर दिन तनाव और डर का माहौल रहने लगा।
आए दिन कोई न कोई नई मांग सामने आती और अगर वो पूरी न होती, तो मुस्कान को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान किया जाता। ये एक ऐसा चक्र था जिसमें फंसी मुस्कान बस निकलने की उम्मीद करती रहती थी।
उसे लगता था कि शायद पति का प्यार या परिवार का साथ उसे इस नरक से बाहर निकाल लेगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
मुस्कान के घरवाले बताते हैं कि उन्होंने अपनी बेटी को एक अच्छे घर में भेजने का सपना देखा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस घर को वो खुशियों का आशियाना समझ रहे थे, वो उनके लिए एक ऐसी खाई बन जाएगा, जहां से शायद लौटना भी मुश्किल हो जाए। वे लगातार अपनी बेटी के साथ हो रही ज्यादतियों के बारे में जानते थे, लेकिन शायद सामाजिक दबाव और बेटी के घर बसाने की चाहत में वो सब सह रहे थे।
उन्हें लग रहा था कि शायद नाजिम और उसका परिवार सुधर जाएगा, लेकिन हालात दिन-ब-दिन बदतर होते गए।
वो खौफनाक रात: जब जिंदगी और मौत के बीच झूलने लगी मुस्कान
फिर आई वो रात, बुधवार देर रात लगभग 12 बजे। मुस्कान के परिवारवालों के आरोपों के मुताबिक, उस रात पति-पत्नी के बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ।
ये कोई आम झगड़ा नहीं था, ये उस तनाव का चरम था जो पिछले डेढ़ साल से मुस्कान की जिंदगी में घुल रहा था। आरोप है कि इस दौरान पति नाजिम ने सारी हदें पार कर दीं।
उसने गुस्से में आकर या शायद किसी गहरी साजिश के तहत मुस्कान को जबरन तेजाब जैसा कोई पदार्थ पिला दिया। सोचिए, उस पल मुस्कान पर क्या बीती होगी? शरीर में जलती हुई आग और आंखों के सामने अंधेरा।
यह सिर्फ एक हमला नहीं था, यह रिश्तों और भरोसे की हत्या थी।
तेजाब पीने के बाद मुस्कान की हालत बिगड़ती चली गई। उसकी चीखें शायद घर की दीवारों के अंदर ही दब गईं, लेकिन उसकी ज़िंदगी का खतरा बढ़ता जा रहा था।
किसी तरह इस घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को मिली। रात के अंधेरे में पुलिस तुरंत हरकत में आई।
बिना एक पल गंवाए, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुस्कान को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। ये पुलिस की त्वरित कार्रवाई थी, जिसने शायद मुस्कान को तत्काल मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।
पुलिस का एक्शन और आगे की कार्रवाई
स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, मुस्कान की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे गढ़ रोड स्थित एक बड़े निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अब वह वहीं पर डॉक्टरों की देखरेख में है, जहां हर पल उसकी सेहत के लिए दुआएं की जा रही हैं।
मुस्कान की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, घटना की जानकारी मिलते ही मुस्कान के मायके वाले भी अस्पताल पहुंच गए।
अपनी बेटी को इस हालत में देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत पति नाजिम और पूरे ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि अगर पुलिस समय पर न पहुंचती, तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा न होती।
थाना लोहियानगर के प्रभारी ने बताया है कि उन्हें डायल-112 के जरिए इस घटना की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, वे मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह पुष्टि हो सके कि पीड़िता को कौन सा पदार्थ पिलाया गया था और उसके शरीर पर उसका क्या प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, पुलिस अन्य सभी साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
इसमें घटनास्थल की जांच, परिवार के सदस्यों से पूछताछ और अगर कोई और गवाह हो तो उससे भी बात करना शामिल है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की राह और परिवार की उम्मीदें
फिलहाल मुस्कान अस्पताल में संघर्ष कर रही है और उसके परिवार वाले न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका आरोप है कि यह केवल एक घरेलू विवाद नहीं, बल्कि दहेज के लोभ में की गई एक सोची-समझी साजिश और जानलेवा हमला है।
पुलिस इस मामले की गंभीरता को समझते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। यह मामला एक बार फिर समाज में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा और दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ सख्त कानून और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करता है।
देखना यह होगा कि इस घटना में न्याय कब तक मिलता है और गुनहगारों को उनके किए की सजा कब मिलती है। पुलिस के लिए यह एक चुनौती भरा मामला है, जहां उन्हें न केवल सच्चाई सामने लानी है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि पीड़िता को न्याय मिले और ऐसे अपराध करने वालों के लिए एक सख्त संदेश जाए।


