सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाने में कानू टोला नाम का एक मोहल्ला है, वार्ड नंबर 28 में। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, तो डॉ. उमेश भगत के घर एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया, जिसने सबकी नींद उड़ा दी। चोरों ने सिर्फ हाथ साफ नहीं किया, बल्कि विरोध करने पर परिवार के एक सदस्य पर जानलेवा हमला भी कर दिया। 11 लाख से ज़्यादा की चोरी हुई है और इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है।
रात करीब ढाई बजे का वक्त था। डॉ.
उमेश भगत का पूरा परिवार आराम से सो रहा था। चोरों ने इतनी सफाई से सेंध लगाई कि घर में किसी को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस को आशंका है कि अंदर घुसने से पहले चोरों ने शायद किसी तरह के स्प्रे का इस्तेमाल किया होगा, जिससे घर के लोग गहरी नींद में सो गए और उन्हें चोरी का पता ही नहीं चला। चोरों ने बड़े आराम से घर के कीमती सामान बटोरने शुरू कर दिए।
नगदी से लेकर सोने-चांदी के जेवरात तक, सब कुछ उनकी लिस्ट में था।
आधी रात घर लौटे बेटे का चोरों से सामना
चोर अपना काम निपटा कर भागने की फिराक में थे। तभी, डॉ.
उमेश भगत के 28 साल के बेटे ओमबाबू एक शादी समारोह से घर लौटे। रात के अंधेरे में घर का दरवाजा खुलवाने के दौरान ही उनका सामना घर से बाहर निकल रहे चोरों से हो गया।
ओमबाबू ने हिम्मत दिखाते हुए एक चोर को पकड़ लिया। फिर क्या था, दोनों के बीच जबरदस्त हाथापाई शुरू हो गई।
चोर अपने मंसूबों को नाकाम होते देख घबरा गया। उसने अपनी जेब से देसी कट्टा निकाला और उसकी बट से ओमबाबू के सिर और चेहरे पर लगातार कई वार कर दिए।
ओमबाबू खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।
ओमबाबू की चीख-पुकार सुनकर घरवाले जागे। शोर मचता देख चोर हड़बड़ी में मौके से फरार हो गए।
इतनी जल्दबाजी थी कि वो अपना देसी कट्टा और उसमें लगा एक जिंदा कारतूस भी वहीं छोड़ गए। पुलिस ने बाद में ये सबूत जब्त कर लिए।
परिवार ने जब सारा माजरा देखा, तो उनके होश उड़ गए। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था।
अलमारियां खुली थीं और अंदर से कीमती चीजें गायब थीं।
लाखों के जेवर और कैश पर हाथ साफ
डॉ. उमेश भगत ने बताया कि चोरों ने उनके घर से करीब 3 लाख रुपये नकद और 8 लाख रुपये से ज्यादा के जेवरात चुराए हैं।
इन जेवरात में एक बेशकीमती डायमंड की अंगूठी और सोने की पांच अन्य अंगूठियां भी शामिल हैं। हैरानी की बात ये है कि चोरी हुए सामान में डॉ.
भगत की बेटी के भी कीमती जेवरात थे, जो शादी में शामिल होने के लिए मुरलीगंज से यहां आई हुई थीं। यानी चोरों ने एक साथ दो परिवारों का नुकसान कर दिया।
डॉ. उमेश भगत की बेटी मौसम कुमारी ने घटना की पूरी आपबीती सुनाई।
उन्होंने बताया, 'मैं रात करीब 12 बजे एक शादी समारोह से घर लौटी थी और अपने सारे जेवर कमरे में रख दिए थे। मुझे और मेरे परिवार को इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं लगी कि हमारे घर में चोरी हो रही है।
लेकिन जब मेरे भाई ने चोरों को गेट पर देखा और उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने मेरे भाई का सिर फोड़ दिया।' मौसम कुमारी की आवाज में दर्द साफ झलक रहा था।
उनके भाई ओमबाबू को गंभीर चोटें आई हैं। उनके सिर और चेहरे पर कट्टे की बट से कई घाव हो गए हैं।
पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज
घटना की सूचना मिलते ही सिमरी बख्तियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से चोरों द्वारा छोड़ा गया देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद कर लिया।
ये कट्टा इस बात का सबूत है कि चोर कितने खतरनाक इरादों से आए थे। पुलिस ने ओमबाबू के बयान दर्ज किए और पूरे घर का मुआयना किया।
घर के अंदर बिखरा सामान और दीवारों पर लगे निशान, सब इस चोरी की दास्तां बयां कर रहे थे।
सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने मीडिया को बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से तहकीकात कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि चोरों को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की कोई पहचान हो सके या उनके भागने का कोई सुराग मिल सके। उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से कोई ठोस जानकारी हाथ लगेगी और पुलिस जल्द ही इन बेखौफ चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।
इस वारदात से कानू टोला के लोग डरे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करेगी। परिवार अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है।

