बीजिंग: क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एनवीडिया (Nvidia) के चिप्स के दुनिया का सबसे पावरफुल AI मॉडल बनाया जा सकता है? सुनने में यह नामुमकिन लगता है, क्योंकि आज की तारीख में पूरी दुनिया AI ट्रेनिंग के लिए एनवीडिया के हार्डवेयर पर निर्भर है। लेकिन चीन की एक कंपनी ने वो कर दिखाया है जिसने टेक जगत में खलबली मचा दी है।
चीन की मशहूर कंपनी मेइतुआन (Meituan), जिसे अक्सर चीन का डोरडैश (DoorDash) कहा जाता है, ने अपना नया ओपन सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल 'LongCat-2.0' लॉन्च किया है। यह सिर्फ एक नया मॉडल नहीं है, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसने सबको हैरान कर दिया है।
इस मॉडल में 1.6 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं और इसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो 1 मिलियन टोकन की है।
मोटा-मोटी कहें तो इसका मतलब यह है कि यह मॉडल एक साथ बहुत बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस कर सकता है और उसकी समझने की क्षमता अविश्वसनीय है। यह स्केल इसे डीपसीक (DeepSeek) के फ्लैगशिप V4-pro के बराबर खड़ा कर देता है, जिसे इस साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था।
लेकिन असली ट्विस्ट तो इसके बनाने के तरीके में है।
बिना एनवीडिया के कैसे हुआ यह कमाल?
सबसे बड़ी बात यह है कि LongCat-2.0 की पूरी प्री-ट्रेनिंग प्रक्रिया में एनवीडिया के किसी भी हार्डवेयर का इस्तेमाल नहीं किया गया। आमतौर पर जब कोई कंपनी इतना बड़ा मॉडल बनाती है, तो उसे हजारों एनवीडिया GPU की जरूरत होती है, लेकिन मेइतुआन ने इस चैलेंज को अलग तरीके से हैंडल किया।
कंपनी ने इस मॉडल को ट्रेन करने के लिए 50,000 से ज्यादा घरेलू AI एक्सीलरेटर्स (Domestic AI Accelerators) का इस्तेमाल किया। यह पहली बार है जब किसी ट्रिलियन-पैरामीटर मॉडल को पूरी तरह से लोकल हार्डवेयर पर ट्रेन किया गया है।
बता दें कि अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए एक्सपोर्ट प्रतिबंधों की वजह से चीन को एडवांस ग्राफिक्स प्रोसेसर मिलने में काफी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन इस कामयाबी ने साबित कर दिया कि चीन अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
हुआवेई के चिप्स ने कैसे बदली गेम?
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सब संभव कैसे हुआ, तो इसका जवाब हुआवेई (Huawei) के सिस्टम में छिपा है। मेइतुआन ने इस पूरे सिस्टम को बड़े AI ASIC सुपरपोड्स (Superpods) पर बनाया है।
साथ ही, प्रोसेसर्स के बीच कम्युनिकेशन को स्टेबल रखने के लिए हुआवेई की 'कलेक्टिव कम्युनिकेशन लाइब्रेरी' का इस्तेमाल किया गया।
यहाँ एक और जरूरी बात समझना जरूरी है। डीपसीक V4-pro जैसे मॉडल्स केवल इन्फरेंस (Inference) के दौरान चीनी चिप्स का इस्तेमाल करते थे, लेकिन LongCat-2.0 ने सबसे मुश्किल स्टेज यानी 'प्री-ट्रेनिंग' को भी घरेलू हार्डवेयर के दम पर पूरा किया है।
यह टेक की दुनिया में एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है क्योंकि प्री-ट्रेनिंग में सबसे ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है।
कुल मिलाकर, मेइतुआन की यह उपलब्धि दिखाती है कि विदेशी हार्डवेयर के बिना भी फ्रंटियर-स्केल AI मॉडल्स बनाना संभव है। चीन अब अपनी कंप्यूटिंग क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहा है ताकि वह बाहरी दबावों के बावजूद AI की रेस में पीछे न रहे।
इस मॉडल की ओपन सोर्स रिलीज से अब दुनिया भर के डेवलपर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि बिना एनवीडिया के भी इतने बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग कैसे की जा सकती है।



































