मुंबई: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा, लेकिन नैक पैकेजिंग (Knack Packaging) के निवेशकों के चेहरे पर चमक जरूर दिखी। जिस शेयर की कीमत आईपीओ (IPO) के दौरान 170 रुपये तय की गई थी, उसकी एंट्री मार्केट में धमाकेदार रही। जब यह शेयर लिस्ट हुआ, तो इसने सीधे छलांग लगाई और निवेशकों को लिस्टिंग गेन का स्वाद चखाया।
बता दें कि मार्केट के उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बावजूद इस कंपनी ने प्रीमियम एंट्री मारी। बीएसई (BSE) पर इसकी शुरुआत 186 रुपये और एनएसई (NSE) पर 188 रुपये पर हुई।
मोटा-मोटी हिसाब लगाएं तो निवेशकों को करीब 10 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा तुरंत मिल गया। लेकिन शेयर मार्केट का मिजाज तो आप जानते ही हैं, खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और शेयर की कीमत थोड़ी नीचे खिसक गई।
लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयर टूटकर बीएसई पर 185 रुपये के आसपास आ गया। फिर भी, जिन लोगों को अलॉटमेंट मिला था, वे अभी भी करीब 8.82 प्रतिशत के मुनाफे में बैठे हैं।
कुल मिलाकर, शुरुआत अच्छी रही, बस थोड़ी सी गिरावट ने उत्साह को हल्का सा कम कर दिया।
निवेशकों ने क्यों दिखाया इतना क्रेज?
अगर आप सोच रहे हैं कि इस आईपीओ के पीछे इतनी भीड़ क्यों थी, तो इसका जवाब इसके सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में छिपा है। नैक पैकेजिंग के 439 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को निवेशकों ने जबरदस्त रिस्पांस दिया था।
ओवरऑल यह आईपीओ 87 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था, जो दिखाता है कि मार्केट में इस कंपनी को लेकर काफी पॉजिटिविटी थी।
इसकी बारीकियों पर नजर डालें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने तो जैसे धावा ही बोल दिया था, उनका हिस्सा 160 गुना से ज्यादा भरा गया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 146 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 21 गुना भरा गया था।
कंपनी के कर्मचारियों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई और उनका हिस्सा करीब 10 गुना भरा गया।
कंपनी जुटाए पैसों का करेगी क्या?
अब सवाल यह आता है कि कंपनी ने जनता से जो पैसा जुटाया है, उसका इस्तेमाल कहां होगा? इस आईपीओ के जरिए कुल 439 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिसमें से 380 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए। बाकी के 35 लाख शेयर 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए बिके, जिसका पैसा बेचने वाले शेयरहोल्डर्स की जेब में गया।
रही बात नए शेयरों से मिले पैसों की, तो कंपनी का प्लान काफी क्लियर है। करीब 320 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने और उससे जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल इश्यू के खर्चों और कंपनी के आम कॉरपोरेट कामों के लिए होगा।
आखिर क्या काम करती है नैक पैकेजिंग?
शायद आप सोच रहे होंगे कि यह कंपनी आखिर बनाती क्या है? सरल शब्दों में कहें तो नैक पैकेजिंग 'इंटीग्रेटेड पैकेजिंग सॉल्यूशंस' देती है। यह कंपनी मुख्य रूप से PLWPP (प्रिंटेड एंड लेमिनेटेड वुवन पॉलीप्रॉपिलीन) बैग बनाती है।
आपने अक्सर फूड, खाद, सीमेंट या केमिकल्स की बोरियां देखी होंगी, यह कंपनी उन्हीं तरह के अलग-अलग वैरायटी के बैग्स जैसे पिंच बॉटम और रिटेल शॉपिंग बैग्स बनाती है।
कंपनी का फोकस इनोवेशन और सस्टेबिलिटी पर है। आंकड़ों की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इंडियन फ्लेक्सिबल बल्क पीएलडब्ल्यूपीपी बैग मार्केट में इस कंपनी की करीब 10.1 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
सिर्फ भारत ही नहीं, कंपनी का कारोबार ग्लोबल मार्केट में भी फैला है और इसके प्रोडक्ट्स अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।







































