खेल डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों कुछ मुश्किल भरे दौर से गुज़र रही है। लगातार दो टी20 सीरीज में मिली हार के बाद फैंस से लेकर एक्सपर्ट्स तक टीम पर सवाल उठा रहे हैं। आलम ये है कि सोशल मीडिया पर भी 'टीम इंडिया' की परफॉरमेंस को लेकर बहस छिड़ी हुई है। लेकिन इन सब आलोचनाओं के बीच टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने एक झन्नाटेदार बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि महज़ दो मैच हारने से टीम खराब नहीं हो जाती और लोग पिछले दो साल के शानदार प्रदर्शन को इतनी जल्दी कैसे भूल सकते हैं?
मामला कुछ यूं है कि भारत को हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इस हार से फैंस अभी उबर भी नहीं पाए थे कि इंग्लैंड के खिलाफ चल रही 5 मैचों की टी20 सीरीज में भी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही।
सीरीज का पहला मैच तो बारिश की भेंट चढ़ गया, लेकिन दूसरे मैच में भारत को इंग्लैंड के हाथों 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
लगातार मिल रही इन हारों के बाद टीम पर चारों तरफ से आलोचनाओं के तीर बरसने लगे। सोशल मीडिया पर मीम्स बनने लगे और क्रिकेट के पंडित भी टीम की कमियों को उजागर करने लगे।
ऐसे में बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने मोर्चा संभाला और आलोचकों को करारा जवाब दिया।
सीतांशु कोटक का करारा जवाब: 'दो हार से टीम खराब नहीं होती'
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले से ठीक पहले, जो 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेला जाना है, सीतांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यहां उन्होंने टीम की परफॉरमेंस और उस पर हो रही आलोचनाओं पर खुलकर बात की।
कोटक ने कहा, "देखिए, हमारा मुख्य लक्ष्य है बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग - तीनों डिपार्टमेंट में लगातार सुधार करना। पिछले वर्ल्ड कप के बाद से हमारी कोशिश यही रही है कि हम टीम को अगले लेवल तक ले जाएं, क्योंकि दूसरी टीमें भी लगातार खुद को बेहतर बना रही हैं।
हम सिर्फ एक या दो मैच के नतीजों को देखकर कोई बड़ा फैसला नहीं लेते।"
कोटक ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि, "कई बार ऐसा होता है कि आप एक मैच जीतते हैं तो लोग आपकी तारीफों के पुल बांध देते हैं, लेकिन अगले ही मैच में हार मिल जाए या दो कैच छूट जाएं, तो वही लोग कहने लगते हैं कि टीम की फील्डिंग खराब है। ये क्रिकेट है, यहां उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेट सिर्फ एक दिन का खेल नहीं, बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है और हमें बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना होता है।
पिछले दो साल का शानदार रिकॉर्ड: वर्ल्ड कप, एशिया कप और अजेय सीरीज
सीतांशु कोटक ने आलोचकों को आइना दिखाते हुए टीम के पिछले दो साल के रिकॉर्ड की याद दिलाई। उन्होंने कहा, "पिछले दो साल में हमने एक भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई।
हमने वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता और तब सभी ने हमारी जमकर तारीफ की थी। उस समय किसी को कोई कमी नज़र नहीं आती थी।
अब सिर्फ दो मैच हारने के बाद लोग कहने लगे हैं कि टीम लगातार हार रही है। भई, आखिर ये भी तो खेल का ही हिस्सा है।
"
कोटक का इशारा साफ था कि क्रिकेट में जीत-हार लगी रहती है और सिर्फ चंद हारों से टीम के पूरे प्रदर्शन को आंकना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम ने पिछले कुछ समय में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है और इस पर गौर करना ज़रूरी है।
उनका कहना था कि जब टीम जीत रही थी, तब सब ठीक था, लेकिन अब जब थोड़ा बुरा दौर आया है, तो हर कोई सवाल उठाने लगा है।
टीम में बदलाव और नए खिलाड़ियों को मौका: भविष्य की रणनीति
कोच सीतांशु कोटक ने टीम में हो रहे बदलावों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि मौजूदा टीम में कई बड़े बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा, "हमारी टीम में कई बदलाव हुए हैं। कप्तान बदला है, हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी यहां नहीं हैं।
हम अगले दो साल को ध्यान में रखते हुए नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। ऐसा होना आदर्श नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां खेल का हिस्सा होती हैं और हमें इनके साथ डील करना होता है।
"
कोटक के बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहा है और मौजूदा हारों को एक सीखने की प्रक्रिया के तौर पर देख रहा है। वे नए टैलेंट को परख रहे हैं और उन्हें बड़े मंच पर मौका दे रहे हैं।
ये एक तरह से भविष्य के लिए निवेश है, जिसमें तुरंत नतीजे भले ही न मिलें, लेकिन आगे चलकर ये फायदेमंद साबित हो सकता है।
अगले वर्ल्ड कप पर नज़र: 'और बेहतर करना होगा'
बल्लेबाजी कोच ने आखिर में अपनी बात खत्म करते हुए टीम के अगले बड़े लक्ष्य पर भी बात की। उन्होंने कहा, "कुछ कमियां ज़रूर हैं और हम उन पर काम कर रहे हैं।
लेकिन हमें अच्छी तरह पता है कि अगर अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। हम इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं और हर मैच से सीख लेकर खुद को मजबूत कर रहे हैं।
"
भारतीय टीम अब 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड से भिड़ेगी। यह मैच टीम इंडिया के लिए सीरीज में वापसी करने का एक अहम मौका होगा।
कोच के इस बयान के बाद देखना ये होगा कि टीम मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है और क्या वह आलोचकों को अपने खेल से जवाब दे पाती है या नहीं।







































