मुंबई: इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर मिली लगातार तीन हार ने भारतीय क्रिकेट टीम के खेमे में भूचाल ला दिया है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अगले जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में बड़े बदलाव किए हैं। 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जो टीम चुनी गई है, उसमें कई चौंकाने वाले नाम हैं और कुछ परिचित चेहरे गायब हैं। कप्तानी की बागडोर श्रेयस अय्यर के हाथों में सौंपी गई है, जबकि हाल के समय में चर्चा में रहे संजू सैमसन और युवा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को इस टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
अभी कुछ दिन पहले ही इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से ड्रॉप किया गया था। लगातार तीन मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा, और अब उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में जगह ही नहीं मिली है।
इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब संजू के फैंस सोशल मीडिया पर लगातार उनके पक्ष में माहौल बना रहे थे। वहीं अर्शदीप सिंह, जो अपनी तेज गेंदबाजी से एक समय खूब सुर्खियां बटोर रहे थे, उन्हें भी इस दौरे से बाहर रखा गया है।
साफ है कि चयनकर्ता अब कुछ नए विकल्पों को आजमाना चाहते हैं, ताकि टीम को जीत की पटरी पर वापस लाया जा सके।
नए चेहरों की फौज; वापसी करने वाले 'पुराने' खिलाड़ी भी
जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम में कई ऐसे नाम हैं, जिन्हें पहली बार नीली जर्सी पहनने का मौका मिलेगा। विदर्भ के दो युवा सितारे सबसे पहले चर्चा में हैं – स्पिनर हर्ष दुबे और तेज गेंदबाज यश ठाकुर।
हर्ष दुबे ने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए अपना डेब्यू किया था, और अब उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में भी शामिल कर लिया गया है। वहीं, यश ठाकुर ने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया-ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, जिसके दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।
ये दोनों खिलाड़ी विदर्भ क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं।
इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। आईपीएल में अपने प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था, और अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिला है।
ये तीनों गेंदबाज निश्चित रूप से भारतीय पेस अटैक में नई ऊर्जा भरेंगे और जिम्बाब्वे की पिचों पर अपना जलवा बिखेरने की कोशिश करेंगे।
सिर्फ नए चेहरे ही नहीं, कुछ 'पुराने' और चोट से वापसी कर रहे खिलाड़ी भी इस टीम का हिस्सा बने हैं। पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया है।
वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन तब उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला था। उम्मीद है कि इस बार उन्हें अपना कौशल दिखाने का पूरा अवसर मिलेगा।
बात वापसी की हो, तो कोलकाता नाइट राइडर्स के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह का नाम कैसे भूला जा सकता है? आईपीएल में अपने फिनिशिंग टच से उन्होंने सबको प्रभावित किया था और अब उन्हें एक बार फिर भारतीय टीम में मौका मिला है। रिंकू की वापसी टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती देगी और ताबड़तोड़ रन बनाने की उनकी क्षमता का टीम को पूरा फायदा मिलेगा।
एक और बड़ी वापसी है तेज गेंदबाज मयंक यादव की। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था, जिसके बाद चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे थे।
उनकी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें खूब सराहा था। चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।
मयंक की वापसी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और धार देगी, खासकर जब टीम को नए और युवा तेज गेंदबाजों की सख्त जरूरत है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इस प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर काफी दबाव बढ़ा दिया था।
संजू सैमसन की लगातार असफलता और कुछ अन्य खिलाड़ियों का औसत प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बन गया था। ऐसे में, जिम्बाब्वे जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ युवा और नए खिलाड़ियों को मौका देना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है।
इसका मकसद बेंच स्ट्रेंथ को आजमाना और भविष्य के लिए नए टैलेंट को तैयार करना भी है।
हालांकि, बीसीसीआई की ओर से जारी बयान में यह साफ नहीं किया गया है कि संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर होना कई सवाल खड़े करता है।
वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों, जैसे अक्षर पटेल, हर्षित राणा, आदि को भी इस टीम में जगह नहीं मिली है, जिससे साफ है कि चयनकर्ता आगामी बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को रोटेट कर रहे हैं और नई प्रतिभाओं को मौका दे रहे हैं।







































