मथुरा: रविवार की सुबह-सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने कुछ पल के लिए सबको सकते में डाल दिया। नोए़डा से आगरा की ओर तेज रफ्तार से दौड़ रही टमाटर से लदी एक पिकअप गाड़ी अचानक बेकाबू हुई और धड़ाम से डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि गाड़ी वहीं पलट गई और एक्सप्रेसवे पर चारों ओर लाल-लाल टमाटर बिखर गए, मानो किसी ने होली खेल दी हो। ये सब नौहझील थाना क्षेत्र में, यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-67 पर हुआ। इस हादसे में पिकअप के ड्राइवर समेत दो लोग बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। बाकी दो लोग बाल-बाल बच गए।
कहते हैं, नींद एक झटके में सब कुछ पलट सकती है, और इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ लगता है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि ड्राइवर को सफर के दौरान नींद की झपकी आ गई थी, जिसकी वजह से गाड़ी पर से उसका नियंत्रण हट गया।
और बस, एक पल की चूक भारी पड़ गई। सुबह का वक्त था, करीब 7 बजकर 10 मिनट हुए थे, जब ये खौफनाक मंज़र सामने आया।
सड़क पर टमाटरों का अंबार और पलटी हुई गाड़ी देखकर वहां से गुजर रहे लोग भी सहम गए।
हादसे की पूरी दास्तान
पिकअप गाड़ी नोएडा से चली थी और आगरा की तरफ अपनी मंजिल पर जा रही थी। उसमें सिर्फ टमाटर ही नहीं, चार लोग भी सवार थे।
गाड़ी के चालक श्याम सिंह, जो अलीगढ़ के भिदौनी के रहने वाले हैं, और राजकुमार सिंह, जो मनोहरपुर, महावन के निवासी हैं, इस हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हुए। उन्हें इतनी चोटें आईं कि उन्हें फौरन मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ी।
वहीं, गाड़ी में सवार घनश्याम सिंह और सल्लू, ये दोनों भी मनोहरपुर के ही रहने वाले हैं, उनकी किस्मत अच्छी थी कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई और उन्हें सुरक्षित गाड़ी से बाहर निकाल लिया गया।
हादसे के बाद का मंज़र बड़ा भयावह था। एक्सप्रेसवे पर टमाटर हर तरफ बिखरे पड़े थे, जिससे सड़क पर फिसलन बढ़ गई थी और यातायात भी कुछ देर के लिए थम सा गया था।
लोग अपनी गाड़ियों को धीरे-धीरे निकाल रहे थे और कई लोग मदद के लिए भी आगे आए। इस तरह के हादसों में अक्सर देखा जाता है कि लोग पहले अपनी जान बचाने की सोचते हैं, लेकिन कुछ भले लोग ऐसे भी होते हैं जो तुरंत मदद का हाथ बढ़ाते हैं।
पुलिस की मुस्तैदी और राहत कार्य
जैसे ही इस हादसे की खबर पुलिस को मिली, बाजना कट चौकी प्रभारी हरेंद्र तोमर अपनी टीम और पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस की फुर्ती तारीफ के काबिल थी।
उन्होंने बिना देर किए, सबसे पहले घायल लोगों को संभाला। श्याम सिंह और राजकुमार सिंह की हालत देखते हुए, उन्हें तुरंत नौहझील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया।
वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद, पुलिस की अगली चुनौती थी सड़क पर बिखरे टमाटर और पलटी हुई गाड़ी को हटाना ताकि एक्सप्रेसवे पर यातायात फिर से सामान्य हो सके। इसके लिए एक क्रेन मंगाई गई।
क्रेन ने आकर पलटी हुई पिकअप को सीधा किया और सड़क से हटाया। इसके बाद पुलिस ने सड़क पर बिखरे टमाटरों और गाड़ी के मलबे को साफ करवाया।
इस पूरे ऑपरेशन में थोड़ा समय लगा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से कुछ ही देर में यमुना एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही फिर से सुचारु हो गई।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती जांच में यही सामने आया है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आना ही हादसे की मुख्य वजह थी। ये हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि लंबी दूरी की यात्रा करते समय ड्राइवरों को अपनी नींद पूरी करनी चाहिए और अगर बीच रास्ते में नींद आने लगे, तो थोड़ी देर के लिए गाड़ी रोककर आराम करना बहुत जरूरी है।
एक छोटी सी चूक कैसे जानलेवा बन सकती है, ये उसी का एक दुखद उदाहरण है।




































