नवादा: बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र का परमा गांव बुधवार की देर रात एक ऐसी ख़बर से दहल गया, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। एक घर के बंद कमरे से पति-पत्नी के शव मिले, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दरवाजा अंदर से बंद था और जब कई घंटों तक कोई हलचल नहीं हुई, तो ग्रामीणों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नज़ारा देख हर कोई हैरान रह गया – पति और पत्नी दोनों बेजान पड़े थे।
ये घटना रात की है जब गांव में एक अजीब सी खामोशी फैली थी। ग्रामीणों ने देखा कि परमा गांव में रहने वाले सुबोध सिंह और उनकी पत्नी रूबी कुमारी के घर का दरवाज़ा काफी देर से बंद है और अंदर से कोई आवाज़ नहीं आ रही।
आम तौर पर जहाँ चहल-पहल रहती थी, वहाँ आज सन्नाटा पसरा था। कुछ लोगों ने हिम्मत करके दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अनहोनी की आशंका गहराने लगी और धीरे-धीरे गांव के लोग इकट्ठा होने लगे।
हालात को भांपते हुए ग्रामीणों ने फौरन नारदीगंज थाने को खबर दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई।
गांववालों की मौजूदगी में पुलिस ने दरवाज़े को तोड़ा और जैसे ही अंदर कदम रखा, सब के सब सकते में आ गए। कमरे के फर्श पर सुबोध सिंह और उनकी पत्नी रूबी कुमारी के शव पड़े थे।
ये दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।
पुलिस की शुरुआती जांच और फोरेंसिक टीम
पुलिस ने तुरंत ही पूरे इलाके को सील कर दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह मामला आत्महत्या जैसा लग रहा है, क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद था और जबरन अंदर घुसने का कोई निशान नहीं मिला।
नारदीगंज थाना प्रभारी ने बताया कि "प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत की असली वजह क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
" पुलिस ने किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है और हर एंगल से जांच करने की बात कही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने बारीकी से कमरे की जांच की, घटनास्थल से कई नमूने इकट्ठा किए और हर छोटे-बड़े सुराग पर ध्यान दिया।
दीवारों से लेकर फर्श तक, हर चीज़ की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, "फिलहाल फॉरेंसिक टीम को कोई ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे सीधे तौर पर हत्या या किसी अन्य आपराधिक घटना की पुष्टि हो सके।
" पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू को ध्यान में रख रहे हैं और जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
मायके पक्ष का सनसनीखेज आरोप: जहर देकर मारा!
लेकिन कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती। जैसे ही इस दुखद घटना की खबर मृतका रूबी कुमारी के मायके पहुंची, वहां से लोग फौरन परमा गांव के लिए निकल पड़े।
मृतका के भाई राजीव कुमार ने गांव पहुंचते ही ससुराल वालों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। राजीव कुमार का कहना है कि उनकी बहन और बहनोई की हत्या की गई है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
राजीव कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि लगभग 20 साल पहले उनकी बहन रूबी कुमारी की शादी परमा गांव के सुबोध सिंह के साथ बड़े धूमधाम से हुई थी। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि "मेरी बहन और जीजा को जहर देकर मार डाला गया है।
यह साफ़ तौर पर हत्या का मामला है और अब इसे आत्महत्या दिखाने का नाटक किया जा रहा है।" राजीव कुमार के इस बयान ने मामले को और भी उलझा दिया है।
संपत्ति विवाद और उत्पीड़न की पुरानी कहानी
राजीव कुमार ने आगे बताया कि उनके परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद की मुख्य वजह संपत्ति थी।
उनके अनुसार, "परिवार के दूसरे सदस्यों को तो संपत्ति का हिस्सा मिला, लेकिन सुबोध सिंह को कुछ नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे।
" सुबोध सिंह निजी वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे और स्कूल वाहन चालक के रूप में काम करते थे। राजीव ने बताया कि सुबोध सिंह को उनकी मेहनत के बावजूद परिवार में वह सम्मान और हिस्सा नहीं मिला जिसके वो हक़दार थे।
मृतका के भाई ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले भी परिवार में बहुत गंभीर विवाद हुआ था।
उस समय मायके पक्ष ने तीन बार सुलह कराने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार स्थिति जस की तस बनी रही और कभी भी चीज़ें सामान्य नहीं हो पाईं। राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि "ससुराल पक्ष के लोग मेरी बहन और जीजा को लगातार परेशान करते थे, उन्हें प्रताड़ित करते थे।
इसी वजह से हमें पूरा यकीन है कि उनकी हत्या की गई है।"
राजीव कुमार ने अपनी आशंका को और गहराने वाली एक घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि जब वे इस दुखद खबर सुनकर गांव पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें वहां से भगाने की कोशिश की।
"मुझे गांव से चले जाने को कहा गया, जिससे मेरी शंका और बढ़ गई है कि ज़रूर कोई साज़िश हुई है और वे सच छुपाना चाहते हैं।" ये बात सुनकर पुलिस ने भी इस बिंदु पर गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है।
पुलिस की व्यापक जांच जारी; सच का इंतजार
नारदीगंज थाना पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इस पूरे मामले की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि "प्रथम दृष्टया भले ही यह घटना आत्महत्या जैसी लग रही हो, लेकिन मायके पक्ष के आरोपों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।
हम सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रहे हैं, जिसमें संपत्ति विवाद और उत्पीड़न के आरोपों की पड़ताल भी शामिल है।" पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतज़ार कर रहे हैं, जो इस गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
अब सभी की नज़रें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि पति-पत्नी की मौत का असल सच सामने आ सके।




































