नवादा: बिहार के नवादा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने रेल यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से अपने घर नवादा लौट रहा था, लेकिन सफर के बीच ही उसकी दुनिया लुट गई। महाबोधि एक्सप्रेस में उसे नशाखुरानी का शिकार बनाया गया। जब वह मिला, तो अचेत था और उसके शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में सक्रिय नशाखुरानी गिरोहों की दहशतगर्दी को उजागर कर दिया है।
यह मामला निवास कुमार नाम के शख्स का है, जो दिल्ली में रहता है। उनकी सास का निधन हो गया था और वो उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए आनन-फानन में दिल्ली से नवादा के लिए महाबोधि एक्सप्रेस में सवार हुए थे।
शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस यात्रा को वो अपनों के दुख में शामिल होने के लिए कर रहे हैं, वही यात्रा उनके लिए एक भयानक हादसे में बदल जाएगी। उनकी पत्नी के मुताबिक, सबकुछ ठीक चल रहा था, जब तक कि ट्रेन मुगलसराय (आज का पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) पहुंचने वाली नहीं थी।
दिल्ली से नवादा का सफर और अनहोनी का साया
निवास कुमार की पत्नी ने बताया कि उन्होंने अपने पति से आखिरी बार मुगलसराय पहुंचने से करीब 15 मिनट पहले फोन पर बात की थी। निवास ने फोन पर कहा था कि वे जल्द ही मुगलसराय पहुंचने वाले हैं और वहां से उतरने के बाद या ट्रेन आगे बढ़ने पर फिर से फोन करेंगे।
यह बात कहकर फोन कट गया। पत्नी को क्या पता था कि यह उनकी अपने पति से आखिरी 'नॉर्मल' बात होगी।
इसके बाद निवास का फोन बंद हो गया। पहले तो पत्नी ने सोचा कि शायद नेटवर्क नहीं होगा या पति मुगलसराय के स्टेशन पर व्यस्त होंगे, इसलिए कॉल नहीं उठा रहे।
लेकिन जब कई बार कोशिश करने के बाद भी फोन बंद ही आया, तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं।
पत्नी ने बार-बार फोन मिलाया, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। समय बीतता गया और ट्रेन मुगलसराय से आगे निकल गई।
अब पत्नी की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। उन्होंने ऑनलाइन ट्रेन की लोकेशन चेक की, तो देखा कि ट्रेन काफी आगे निकल चुकी है।
उनका दिल तेजी से धड़कने लगा। मन में तरह-तरह के बुरे ख्याल आने लगे।
एक तरफ सास के निधन का गम था, दूसरी तरफ पति की ऐसी गुमशुदगी ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया, जो उनके पति का फोन बंद हो गया और वे उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
रात के अंधेरे में अनजान ट्रेन में, अपनों से दूर, यह चिंता किसी भी इंसान को तोड़ सकती है।
लखीसराय से आया दिल दहला देने वाला फोन
पत्नी अभी इसी उधेड़बुन में थीं कि अचानक उनके फोन की घंटी बजी। यह फोन उनके लिए एक झटके से कम नहीं था।
फोन पर बताया गया कि उनके पति निवास कुमार लखीसराय स्टेशन पर ट्रेन में अचेत अवस्था में मिले हैं। इतना ही नहीं, उनके शरीर पर कपड़े तक नहीं थे।
यह सुनकर पत्नी के पांव तले जमीन खिसक गई। एक पल के लिए उन्हें लगा कि वह कोई बुरा सपना देख रही हैं।
जिस पति को कुछ घंटे पहले उन्होंने सामान्य बात करते सुना था, वह अचानक इस हालत में कैसे पहुंच गया? यह सवाल उन्हें अंदर तक झकझोर गया।
रेलवे पुलिस और कुछ स्थानीय लोगों की मदद से निवास कुमार को लखीसराय से नवादा लाया गया। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गहन जांच की और इलाज शुरू किया।
पत्नी ने बताया कि निवास को नशाखुरानी गिरोह ने अपना शिकार बनाया था। इस गिरोह ने उन्हें कोई नशीला पदार्थ खिलाया या पिलाया, जिसके बाद वे अचेत हो गए।
इसके बाद बदमाशों ने उनके पास मौजूद सारा सामान, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती वस्तुएं लूट लीं। उनके कपड़े भी गायब थे, जो इस बात का सबूत है कि लुटेरों ने उन्हें पूरी तरह से बेबस कर दिया था।
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि देश भर की ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। नशाखुरानी गिरोहों की सक्रियता भारतीय रेलवे के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
ये गिरोह अक्सर उन यात्रियों को निशाना बनाते हैं जो अकेले सफर कर रहे होते हैं या जो लंबी दूरी की यात्रा पर होते हैं। वे दोस्ती का हाथ बढ़ाकर या सहयात्री बनकर यात्रियों से घुलमिल जाते हैं और फिर मौका पाकर उन्हें नशे का शिकार बना देते हैं।
नवादा सदर अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, निवास कुमार नवादा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अच्छी खबर यह है कि वे अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना का मानसिक और शारीरिक आघात उन पर गहरा पड़ा है।
डॉक्टरों की टीम उनकी पूरी देखभाल कर रही है ताकि वे जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ हो सकें। उनके परिवार ने राहत की सांस ली है कि कम से कम उनकी जान बच गई, लेकिन जो कुछ उनके साथ हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने फौरन जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उन इलाकों में अपनी चौकसी बढ़ा दी है, जहां ऐसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।
पुलिस का कहना है कि वे इस नशाखुरानी गिरोह के सदस्यों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन गिरोहों का नेटवर्क काफी फैला होता है और अक्सर ये अलग-अलग इलाकों में जाकर अपनी वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे इन्हें पकड़ना एक चुनौती भरा काम होता है।
रेलवे में नशाखुरानी की ये घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। अक्सर समाचारों में ऐसी खबरें देखने को मिलती हैं, जहां यात्रियों को इसी तरह निशाना बनाया जाता है।
रेलवे प्रशासन को इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है। यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में सफर करते समय किसी भी अनजान शख्स द्वारा दी गई खाने-पीने की चीजों को स्वीकार न करें और हमेशा सतर्क रहें।
निवास कुमार के साथ हुई यह घटना सभी यात्रियों के लिए एक सबक है कि यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर कभी लापरवाह न हों। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में जल्द ही अपराधियों को पकड़कर न्याय दिलाएगी और निवास कुमार जल्द ही पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने परिवार के पास लौटेंगे।




































