शाहजहांपुर: भैया, एक बात एकदम सीधी-सीधी समझ लीजिए। किसी भी समाज की नींव दो चीजों पर खड़ी होती है – एक तो बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई, और दूसरी सब लोगों की बढ़िया सेहत। अगर ये दोनों चीजें ठीक रहीं, तो समझो विकास का इंजन एकदम फर्राटेदार दौड़ेगा। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में इन दिनों एक बड़े काम की शुरुआत हुई है। यहां जिलाधिकारी (DM) धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार की सुबह करीब 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर से 'स्कूल चलो अभियान' और 'विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान' के लिए जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सोचिए, एक साथ शिक्षा और सेहत, दोनों मोर्चों पर काम शुरू! ये कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि एक बड़ा प्रयास है जिससे शाहजहांपुर के भविष्य में नई रोशनी आ सकती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये अचानक इतना बड़ा अभियान क्यों? तो भई, इसका मकसद बहुत साफ है। DM साहब ने खुद बताया कि इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
साथ ही, अलग-अलग बीमारियों से कैसे बचें, इसके तरीके भी लोगों को सिखाने हैं। उन्होंने बिल्कुल ठीक कहा कि जब बच्चे पढ़ेंगे-लिखेंगे, तभी तो उनका भविष्य संवरेगा।
शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देती, वो बच्चों को दुनिया समझने और बेहतर नागरिक बनने की समझ भी देती है। और जब बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी तो अच्छे से पढ़ पाएंगे।
इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं।
इस मौके पर बेसिक शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे। भैया, जब दो-दो बड़े विभाग मिलकर किसी काम में जुटते हैं, तो समझो उस काम की गंभीरता कितनी ज्यादा होगी।
इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर न रहें, बल्कि जमीन पर उनका असर दिखे।
स्कूल चलो अभियान: शिक्षा की राह पर एक और कदम
चलिए, सबसे पहले बात करते हैं 'स्कूल चलो अभियान' की। इसका नाम ही बताता है कि स्कूल की तरफ चलो, बच्चों को स्कूल भेजो।
इस अभियान के तहत शाहजहांपुर में एक शानदार रैली निकाली गई। इस रैली में स्कूली बच्चे खूब जोश में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर तरह-तरह के नारे लिखे थे।
'सब पढ़ें, सब बढ़ें,' 'शिक्षा सबका अधिकार,' 'स्कूल जाएंगे, ज्ञान पाएंगे' – ऐसे ही कई नारे गूंज रहे थे। बच्चों के चेहरे पर वो उत्साह देखने लायक था।
DM साहब ने इस मौके पर लोगों से खुलकर अपील की। उन्होंने कहा कि भैया, अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवाओ।
शिक्षा का महत्व समझो। ये सिर्फ बच्चों का भला नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भला है।
सरकार का भी यही सपना है कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। खासकर वे बच्चे जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा पाए या जिनकी पढ़ाई बीच में छूट गई, उन्हें वापस स्कूल तक लाना इस अभियान का मुख्य मकसद है।
सोचिए, जब गांव-गांव, घर-घर जाकर लोग बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे, तो कितना बड़ा बदलाव आएगा। शिक्षा सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं है, यह बच्चों को बेहतर अवसर देती है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें सही-गलत की पहचान सिखाती है।
एक शिक्षित पीढ़ी ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकती है, और 'स्कूल चलो अभियान' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान: सेहत का पहरा
अब आते हैं दूसरे बड़े अभियान पर, जिसका नाम है 'विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान'। शाहजहांपुर में ये अभियान 1 जुलाई से शुरू होकर पूरे महीने यानी 31 जुलाई तक चलेगा।
यानी भैया, एक महीना पूरा फोकस रहेगा बीमारियों से बचाव पर। आप जानते ही हैं, बरसात के मौसम में संचारी रोग बहुत तेजी से फैलते हैं – जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड, डायरिया वगैरह।
ये बीमारियां अक्सर साफ-सफाई की कमी और जागरूकता के अभाव में पैर पसारती हैं।
इस अभियान के तहत सबसे खास बात ये है कि 11 जुलाई से 31 जुलाई तक 'दस्तक अभियान' भी चलाया जाएगा। 'दस्तक' का मतलब क्या? मतलब घर-घर जाकर दरवाजा खटखटाना।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताएंगी। जैसे, अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, साफ पानी पिएं, शौच के बाद और खाना खाने से पहले हाथ साबुन से धोएं, मच्छरों से बचाव के लिए कूलर और बर्तनों का पानी बदलते रहें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, आदि।
रैली के दौरान भी लोगों को बीमारियों से बचाव के ये तरीके बताए गए, ताकि वे स्वस्थ रह सकें। स्वस्थ शरीर में ही तो स्वस्थ दिमाग वास करता है और तभी बच्चे अच्छे से पढ़ाई भी कर पाते हैं।
तो भैया, ये दोनों अभियान एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और इनका लक्ष्य सिर्फ एक है – शाहजहांपुर को एक स्वस्थ और शिक्षित समाज बनाना।

