मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का बिगुल बज चुका है, और इसी के साथ मुरादाबाद में आज यानी 2 जुलाई से हजारों युवा अपने शिक्षक बनने के सपने को साकार करने के लिए परीक्षा हॉल में उतरेंगे। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है, यह उन सपनों का इम्तिहान है जो सालों की मेहनत और लगन से बुने गए हैं। मुरादाबाद जिले में अगले तीन दिनों तक इन सपनों की परवाह में लगभग 56 हजार अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
इन अभ्यर्थियों के लिए 26 परीक्षा केंद्र तैयार किए गए हैं, जहाँ दो पालियों में इम्तिहान होगा। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
मुरादाबाद के चौक-चौराहों से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह बस इसी परीक्षा की चर्चा है। प्रशासन ने भी इस बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
'शिक्षक बनने का सपना' और विशाल परीक्षा की चुनौती
यूपीटीईटी, उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का पहला और सबसे अहम पड़ाव है। हर साल लाखों युवा इसमें शामिल होते हैं, और इस बार मुरादाबाद में 56 हजार अभ्यर्थियों का हुजूम जुटने वाला है।
यह संख्या अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, जिसे जिला प्रशासन ने पूरी गंभीरता से लिया है। इन 56 हजार उम्मीदवारों के लिए 26 केंद्रों पर व्यवस्था बनाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और नकलविहीन परीक्षा कराना किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं।
परीक्षा की दो पालियां यह भी बताती हैं कि किस तरह से एक ही दिन में हजारों युवाओं की किस्मत का फैसला होना है। सुबह की शिफ्ट में एक बैच, तो दोपहर में दूसरा।
यह सिर्फ एक पेपर नहीं है, यह उन मास्टरों की फौज तैयार करने की प्रक्रिया है, जो कल देश का भविष्य गढ़ेंगे। इसलिए, इस परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सबसे ऊपर रखी गई है।
प्रशासन की कमर कस तैयारी: DM ने दिए कड़े निर्देश
इस मेगा-इवेंट को सफल बनाने के लिए मुरादाबाद का पूरा जिला प्रशासन कमर कस चुका है। जिलाधिकारी डॉ.
राजेंद्र पैसिया ने खुद कमान संभाल रखी है और परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उनका साफ-साफ कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक छोटी सी चूक भी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर सकती है, इसलिए हर स्तर पर चौकसी बरती जाएगी।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट और एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी आँखों के सामने हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखें।
इन मजिस्ट्रेट्स का काम सिर्फ व्यवस्था देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई भी बाहरी तत्व या अनुचित साधन परीक्षा प्रक्रिया में बाधा न डाल पाए। पुलिस बल भी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगा ताकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।
बाहर से आए अभ्यर्थियों के लिए खास इंतजाम और होटल-टैक्सी को चेतावनी
यूपीटीईटी में सिर्फ मुरादाबाद जिले के ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और दूर-दराज से भी अभ्यर्थी आते हैं। इन बाहरी परीक्षार्थियों की सुविधा का ख्याल रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता में है।
उनके ठहरने और अन्य जरूरतों के लिए जिले के रैन बसेरों में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। इन रैन बसेरों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, ताकि दूर से आए अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यह एक मानवीय पहलू है, जो प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
इसके अलावा, प्रशासन ने परीक्षा के दौरान अक्सर होने वाली मनमानी वसूली पर भी लगाम कसने की तैयारी की है। होटल, रेस्टोरेंट और टैक्सी संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे परीक्षार्थियों से निर्धारित दरों से ज्यादा किराया या पैसा वसूलने की कोशिश न करें।
अगर किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि परीक्षार्थियों को अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े और वे अपनी पूरी एकाग्रता परीक्षा पर ही रख सकें।
परीक्षा के ये तीन दिन मुरादाबाद में प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी करती रहेंगी, ताकि 56 हजार सपनों का यह इम्तिहान पूरी ईमानदारी और शांति के साथ संपन्न हो सके।

