इंटरनेट की दुनिया: भई, सोशल मीडिया है तो यहां क्या कुछ नहीं देखने को मिलता! कभी कोई जुगाड़ वायरल हो जाता है, कभी कोई वीडियो लोगों का दिल जीत लेता है, तो कभी ऐसे दावे सामने आते हैं कि दिमाग ही चकरा जाए। आजकल एक ऐसा ही अजब-गजब दावा इंटरनेट पर हल्ला मचाए हुए है। दावा ये कि ब्राजील में एक ऐसा सेंटर खुला है, जहां आप 13 हजार डॉलर (जो करीब 11 लाख रुपये के आस-पास बैठते हैं) देकर अपना 'बॉडी काउंट' रीसेट करवा सकते हैं। मतलब, पुराने सारे रिश्ते-नाते, जो भी आपके रोमांटिक अतीत में हुए, उनको टाटा-बाय-बाय करके एकदम नया पेज शुरू कर सकते हैं। सुन के कैसा लगा? दिमाग हिल गया न? यही तो है सोशल मीडिया का कमाल, पल भर में किसी भी बात को कहां से कहां पहुंचा देता है!
इस 'बॉडी काउंट रिकवरी सेंटर' वाली खबर ने तो भैया, तगड़ी वाली सनसनी मचा रखी है। पोस्ट्स में लोग इसे एक खास आध्यात्मिक प्रक्रिया बता रहे थे, जिससे लोग नई शुरुआत करने का दावा करते हैं।
हजारों-लाखों लोगों ने इस अजीबोगरीब दावे को देखा, शेयर किया और अपनी राय भी दी। कोई इसे मजाक बता रहा था, तो कोई कह रहा था कि मॉडर्न रिश्तों में ये सब भी होने लगा! कुछ लोगों ने तो इसे आज के दौर के रिश्ते और सोच पर बहस का मुद्दा भी बना दिया।
तो क्या सच में ब्राजील में है ऐसा कोई सेंटर?
लेकिन भैया, जैसा कि हमेशा होता है, सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चमकती चीज सोना नहीं होती। इस वायरल दावे की जब पड़ताल की गई, तो जो कहानी सामने आई, वो एकदम अलग ही थी।
जिस वीडियो को ब्राजील का और 13 हजार डॉलर में 'बॉडी काउंट रीसेट' करने वाला बताया जा रहा था, उसका असल कनेक्शन ब्राजील से था ही नहीं। बल्कि ये वीडियो तो किसी और देश और एक पुरानी आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा निकला।
यानी कुल मिलाकर, जो दिख रहा था, वो था नहीं और जो था, वो किसी ने देखा नहीं था!
तो भैया, ये वीडियो ब्राजील का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया के बाली का है। जी हां, वही बाली जहां लोग घूमने जाते हैं, बीच पर मजे करते हैं और सुकून ढूंढते हैं।
वीडियो में जो समारोह दिख रहा है, वो दरअसल बाली का बहुत ही मशहूर हिंदू शुद्धिकरण अनुष्ठान है, जिसे 'मेलुकैट (Melukat)' कहते हैं। ये कोई आज की चीज़ नहीं, बल्कि एक बहुत पुरानी धार्मिक परंपरा है, जिसमें लोग पवित्र जल से स्नान करते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और अपनी जिंदगी में मानसिक व आध्यात्मिक शांति की कामना करते हैं।
इसका मतलब दूर-दूर तक किसी के रोमांटिक या यौन इतिहास को मिटाने से नहीं है।
ये 'मेलुकैट' क्या बला है और क्यों करते हैं लोग इसे?
अब आप सोच रहे होंगे कि ये मेलुकैट क्या है और क्यों करते हैं लोग इसे? तो भैया, मेलुकैट बाली के हिंदू समुदाय में किया जाने वाला एक बड़ा ही पवित्र शुद्धिकरण संस्कार है। इसमें लोग मंदिरों में जाते हैं, वहां पवित्र जल (जिसे वहां 'तिरता' कहते हैं) से स्नान करते हैं।
ये सब वो अपनी जिंदगी में पॉजिटिव एनर्जी लाने, मन की शांति पाने और एक नई शुरुआत करने की प्रार्थना के साथ करते हैं।
- कुछ लोग इसे करते हैं ताकि उनके दिमाग का स्ट्रेस या टेंशन कम हो।
- कोई इसे अपनी जिंदगी के किसी नए पड़ाव की शुरुआत करने के लिए करता है।
- तो कोई इसे आध्यात्मिक शुद्धि और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए करता है।
लेकिन भैया, कहीं भी, किसी भी धर्म ग्रंथ में या लोकल कहानी में ये नहीं लिखा कि ये अनुष्ठान किसी के पुराने रिश्तों या 'यौन इतिहास' को 'रीसेट' कर सकता है। ये तो एकदम ही बेबुनियाद दावा है!
13 हजार डॉलर? अरे भैया, हकीकत तो कुछ और है!
अब बात आती है 13 हजार डॉलर की। वायरल दावे में तो इतनी बड़ी रकम बताई गई थी, लेकिन असल में बाली के कई लोकल मंदिरों में ये मेलुकैट अनुष्ठान बड़ा ही आम और सस्ता होता है।
कई जगहों पर तो आप ये अनुष्ठान कुछ ही डॉलर (जो कुछ सौ रुपये बनते हैं) में कर सकते हैं। इसमें वहां के लोकल लोगों के साथ-साथ टूरिस्ट भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
इसका मेन मकसद होता है एक आध्यात्मिक एक्सपीरियंस लेना और मन को शांति देना, न कि किसी की पुरानी जिंदगी को जादू से मिटा देना।
तो फिर ये गलतफहमी फैली कैसे, आखिर इसका सोर्स क्या था?
अब सवाल ये कि एक इतनी पवित्र धार्मिक परंपरा को इस तरह से मजाक और सनसनीखेज दावे के साथ सोशल मीडिया पर कैसे पेश कर दिया गया? असल में हुआ ये कि किसी ने इस अनुष्ठान के वीडियो को लिया और उसके साथ 'बॉडी काउंट रीसेट' जैसे चटपटे और अटपटे शब्दों को जोड़ दिया। ये शब्द ही ऐसे थे कि लोगों का ध्यान तुरंत खींच लिया और भैया, फिर क्या था! पोस्ट तो ऐसी भागी कि रॉकेट भी शर्मा जाए।
लोग बिना सोचे-समझे इसे शेयर करते रहे और देखते ही देखते ये खबर पूरे इंटरनेट पर छा गई।
कुल मिलाकर, ये मामला सोशल मीडिया पर फैली एक बड़ी गलतफहमी का था, जहां एक पवित्र धार्मिक अनुष्ठान को लेकर एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी गई। तो अगली बार जब कोई ऐसा दावा दिखे, तो भैया पहले थोड़ा रुकना, रिसर्च करना, तभी आगे बढ़ना, क्योंकि इंटरनेट की दुनिया में सब सच नहीं होता!






































