शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक सनसनीखेज खबर ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पिछले दो दिनों से लापता चल रहे एक बीटेक छात्र का शव जमुआरा पहाड़ की खाई में भरे पानी से बरामद हुआ है। 20 साल के हंसराज, जिसे घरवाले राजा के नाम से पुकारते थे, शनिवार से गायब थे। सोमवार को जब उनका शव मिला, तो परिवार में कोहराम मच गया और पूरे शहर में मातम पसर गया। इस घटना के बाद, घटनास्थल पर पहुंची प्रशासन की गाड़ियों पर भीड़ ने पत्थरबाजी भी की, जिससे तनाव का माहौल बन गया।
हंसराज, शेखपुरा शहर के मेहूस मोड़ स्थित भगवती चौक के रहने वाले थे। शनिवार दोपहर वे अपनी अपाची बाइक लेकर घर से निकले थे।
उन्होंने घरवालों को बताया था कि वे कमासी मोड़ स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने जा रहे हैं। लेकिन शाम ढलने और रात गहराने तक जब हंसराज घर नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी।
उन्होंने अपने स्तर पर हर संभावित जगह पर तलाश की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। रात होते-होते परिवार की उम्मीदें धुंधली पड़ने लगीं और अनहोनी की आशंका सताने लगी।
लापता छात्र की तलाश और लावारिस बाइक का मिलना
शनिवार की देर रात, जमुआरा पहाड़ के पास से हंसराज की अपाची बाइक लावारिस हालत में मिली। बाइक मिल जाने के बाद परिजनों की बेचैनी और भी बढ़ गई।
उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनका बेटा कहां चला गया और उसकी बाइक यहां लावारिस क्यों पड़ी है। रातभर की भागदौड़ और खोजबीन के बाद जब कोई रास्ता नहीं दिखा, तो थक हारकर हंसराज के पिता ने नगर थाना में अपने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत युवक की तलाश शुरू कर दी। यह एक सामान्य लापता व्यक्ति का मामला नहीं था, क्योंकि बाइक का लावारिस मिलना कई सवालों को जन्म दे रहा था।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल अपनी जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह समझना मुश्किल था कि हंसराज आखिर किस दिशा में गए होंगे और उनके साथ क्या हुआ होगा।
परिवार का हर सदस्य इस उम्मीद में था कि उनका राजा सकुशल वापस लौट आए। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, उम्मीदें कम होती जा रही थीं और आशंकाएं बढ़ती जा रही थीं।
पुलिस की टीम ने संभावित रास्तों और जगहों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था, ताकि जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।
सीसीटीवी फुटेज से खुला रास्ता और एसडीआरएफ की कार्रवाई
पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। यह आधुनिक तकनीक पुलिस के लिए एक बड़ा हथियार साबित हुई।
फुटेज की घंटों गहनता से जांच करने के बाद एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा था कि हंसराज अपनी बाइक से गिरिहिंडा बाजार होते हुए जमुआरा पहाड़ की ओर जा रहे थे।
इस खुलासे ने पुलिस को एक ठोस दिशा दे दी। अब यह साफ था कि युवक जमुआरा पहाड़ की तरफ गया था और वहीं से उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने जमुआरा पहाड़ और उसके आसपास के पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस को यह आशंका थी कि शायद युवक खाई में गिर गया हो, क्योंकि इलाके में कई गहरी खाइयां हैं जिनमें बरसात का पानी भरा रहता है।
इस गंभीर आशंका के मद्देनजर, बिहारशरीफ (नालंदा) से राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की एक विशेष टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम अपने अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत और लगातार खोजबीन के बाद, एसडीआरएफ के गोताखोरों ने आखिरकार खाई में डूबे हुए हंसराज के शव को ढूंढ निकाला। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
यह एक बेहद दुखद क्षण था, जिसने सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
शव बरामदगी पर उमड़ी भीड़ और पुलिस पर पथराव
जैसे ही खबर फैली कि खाई से एक लापता युवक का शव निकाला जा रहा है, बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटने लगे। जमुआरा पहाड़ के नीचे हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। शव निकालने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि तभी कुछ 'शरारती तत्वों' ने मौके पर खड़ी पुलिस और प्रशासन के वाहनों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
इस अचानक हुए पथराव से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के कुछ वाहनों के शीशे टूट गए और हल्का-फुल्का नुकसान हुआ।
हालांकि, पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया। भीड़ को तितर-बितर करने करने और स्थिति को शांत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।
इस पथराव की घटना पर नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ शरारती बच्चों द्वारा पुलिस वाहन के शीशे पत्थर मारकर तोड़े गए हैं।
पुलिस इन शरारती तत्वों की पहचान कर रही है और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना दिखाती है कि कैसे भीड़ का गुस्सा और अराजकता कई बार स्थिति को और भी जटिल बना देती है, खासकर ऐसे दुखद समय में।
मौके पर एसडीओ प्रियंका कुमारी, एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार, नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, बीडीओ और सीओ समेत कई थानों की पुलिस बल मौजूद थी, जिन्होंने स्थिति को संभाला।
जांच जारी: हत्या या आत्महत्या, राज खोलेगी फोरेंसिक रिपोर्ट
हंसराज के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अभी युवक की मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है और वैज्ञानिक तरीके से उनकी जांच की जा रही है।
अधिकारी ने आगे बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हंसराज की मौत किन परिस्थितियों में हुई। क्या यह एक हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है, ये सभी सवाल इन रिपोर्ट्स के बाद ही सुलझ पाएंगे।
परिवार और पूरा शेखपुरा शहर इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहा है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू पर बारीकी से काम कर रहे हैं ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके और मृतक के परिवार को जवाब मिल सके।





































