तकनीकी दुनिया: प्रिंटर... नाम सुनते ही कई लोगों को सिरदर्द होने लगता है। कभी इंक खत्म होने की टेंशन, कभी उल्टे-सीधे एरर कोड, और सबसे ऊपर ये कंपनियां जो हमें अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करती हैं। आज के ज़माने में जब सब कुछ स्मार्ट हो रहा है, तब भी प्रिंटर एक ऐसी चीज़ है, जो अक्सर हमें ‘पुराने ज़माने’ का अनुभव कराता है। लेकिन अब लगता है कि ये सब बदलने वाला है, क्योंकि मार्केट में एक ऐसी चीज़ आने की तैयारी में है, जो शायद हमारे प्रिंटर से जुड़ी सारी टेंशन को खत्म कर देगी।
जी हां, हम बात कर रहे हैं एक ऐसे इंकजेट प्रिंटर की, जिसका नाम है 'ओपन प्रिंटर' (Open Printer)। इसे बनाने वाली कंपनी का दावा है कि ये प्रिंटर सिर्फ प्रिंट करने का एक ज़रिया नहीं, बल्कि ये प्रिंटिंग की पूरी दुनिया को बदलने का माद्दा रखता है।
और इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि ये 'ओपेन सोर्स' है और 'DRM-फ्री' है। यानी, अब आपको कंपनियों की मनमानी से छुटकारा मिलने वाला है।
सोचिए, आपने एक प्रिंटर खरीदा और कुछ महीनों बाद कंपनी ने एक सॉफ्टवेयर अपडेट भेजा, जिससे आपके सस्ते वाले इंक कार्ट्रिज काम करना बंद कर दें? या फिर आपसे हर प्रिंट के लिए सब्सक्रिप्शन फीस मांगी जाए? ये सब प्रिंटर इंडस्ट्री की आम बातें हैं, जिनसे यूज़र्स हमेशा परेशान रहते हैं। लेकिन, 'ओपन प्रिंटर' इन सभी सिस्टम को चैलेंज करने के लिए तैयार है।
आखिर क्या है ये 'ओपन प्रिंटर' और क्यों है ये खास?
पेरिस की एक कंपनी है 'ओपन टूल्स' (Open Tools)। इन्हीं ने इस 'ओपन प्रिंटर' को डिज़ाइन किया है।
इनकी सोच बहुत साफ है: एक ऐसा प्रिंटर बनाना जो न सिर्फ रिपेयर किया जा सके, बल्कि जिसका हार्डवेयर डिज़ाइन भी 'ओपन' हो। इसका मतलब है कि इसके पुर्जे आसानी से बदले जा सकते हैं और इसके काम करने का तरीका किसी से छिपा नहीं होगा।
ये उस मौजूदा मॉडल के बिल्कुल उलट है, जहां प्रिंटर कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को इस तरह बनाती हैं कि उन्हें ठीक करना मुश्किल हो और यूज़र्स को नए ही खरीदने पड़ें।
इस प्रिंटर की सबसे बड़ी खूबी इसका 'ओपन हार्डवेयर' डिज़ाइन है। इसका मतलब है कि इस प्रिंटर को आप अपनी मर्ज़ी के हिसाब से रिपेयर कर सकते हैं, इसमें बदलाव कर सकते हैं और इसे अपग्रेड भी कर सकते हैं।
ये उन लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है, जो अपने इलेक्ट्रॉनिक्स पर ज्यादा कंट्रोल चाहते हैं और कंपनियों की पाबंदियों से आज़ाद रहना चाहते हैं।
दिमाग है रास्पबेरी पाई, तो क्या है इसका दिल?
'ओपन प्रिंटर' का दिमाग एक 'रास्पबेरी पाई ज़ीरो डब्लू' (Raspberry Pi Zero W) है। ये एक छोटा और पावरफुल सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर है, जो इस प्रिंटर के प्रिंट सर्वर का काम संभालता है।
अब आप पूछेंगे कि इसका फायदा क्या है? फायदा ये है कि रास्पबेरी पाई एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है, जिससे इसमें नई सुविधाएं जोड़ना और इसे अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज़ करना आसान हो जाता है। ये प्रिंटर को सिर्फ एक मशीन से कहीं ज़्यादा, एक स्मार्ट और फ्लेक्सिबल डिवाइस बना देता है।
वहीं, कार्ट्रिज बोर्ड को मैनेज करने के लिए इसमें एक अलग 'एसटीमाइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एसटीएम32' (STMicroelectronics STM32) माइक्रोकंट्रोलर लगा है। इस तरह, प्रिंटिंग के दोनों अहम हिस्सों (सर्वर और कार्ट्रिज मैनेजमेंट) को अलग-अलग कंट्रोल किया जाता है, जिससे प्रिंटर की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और इसमें गड़बड़ी होने की गुंजाइश भी कम होती है।
ये अपने आप में एक स्मार्ट इंजीनियरिंग है, जो यूज़र्स को ज्यादा कंट्रोल और पारदर्शिता देती है।
इस प्रिंटर को कंट्रोल करना भी आसान है। इसमें 1.47 इंच की टीएफटी एलसीडी स्क्रीन लगी है, जिसके साथ एक जॉग व्हील (jog wheel) दिया गया है।
यानी, मेन्यू में नेविगेट करना और सेटिंग्स बदलना बिलकुल आसान हो जाएगा। कनेक्टिविटी के मामले में भी ये प्रिंटर पीछे नहीं है।
इसमें यूएसबी-सी (USB-C), यूएसबी-ए (USB-A), ब्लूटूथ 4.1 (Bluetooth 4.1) और 24V डीसी इनपुट जैसे कई पोर्ट्स दिए गए हैं। इसका मतलब है कि आप इसे अपने मनपसंद डिवाइस से आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं, चाहे वो आपका लैपटॉप हो, स्मार्टफोन हो या कोई और गैजेट।
क्या ये हर डिवाइस के साथ काम करेगा?
आपकी इस चिंता का जवाब भी 'ओपन प्रिंटर' ने सोच रखा है। ये प्रिंटर 'सीयूपीएस' (CUPS - Common Unix Printing System) के ज़रिए प्रिंटिंग करता है।
सीयूपीएस भी एक ओपन-सोर्स सिस्टम है, जिसका मतलब है कि ये प्रिंटर विंडोज (Windows), मैकओएस (macOS), लिनक्स (Linux), एंड्रॉइड (Android) और आईओएस (iOS) जैसे सभी बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ बिना किसी खास ड्राइवर (vendor-specific drivers) के काम कर सकेगा। ये बहुत बड़ी बात है, क्योंकि अक्सर हमें प्रिंटर के लिए अलग-अलग डिवाइस पर अलग-अलग ड्राइवर्स इंस्टॉल करने पड़ते हैं, जो काफी झंझट भरा काम होता है।
प्रिंट क्वालिटी की बात करें, तो 'ओपन प्रिंटर' ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटिंग के लिए 600 डीपीआई (dots per inch) और कलर प्रिंटिंग के लिए 1200 डीपीआई तक का रेजोल्यूशन देता है। ये एक अच्छी क्वालिटी है, जो आम यूज़र्स की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफी है।
मतलब, आपके डॉक्युमेंट्स और फोटोज़ अच्छी क्वालिटी में निकलेंगे।
सबसे बड़ी बात ये है कि यह प्रिंटर किसी खास कंपनी के महंगे कार्ट्रिज तक सीमित नहीं रहेगा। यह अमेरिका में एचपी 63 (HP 63), यूरोप में एचपी 302 (HP 302) और एशिया में एचपी 803 (HP 803) जैसे आम तौर पर उपलब्ध एचपी कार्ट्रिज को सपोर्ट करेगा।
और हां, ब्लैक इंक और कलर इंक के लिए अलग-अलग कार्ट्रिज होंगे, जिसका मतलब है कि अगर सिर्फ एक कलर खत्म हो जाए, तो आपको पूरा सेट बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ये सीधा-सीधा आपकी जेब का ख्याल रखेगा।
तो कुल मिलाकर, 'ओपन प्रिंटर' सिर्फ एक नई डिवाइस नहीं, बल्कि एक नया नज़रिया पेश कर रहा है। ये प्रिंटिंग इंडस्ट्री में एक रिवॉल्यूशन ला सकता है, जहां कंपनियां यूज़र्स पर अपनी शर्तें नहीं थोप पाएंगी और यूज़र्स को अपने प्रिंटर पर पूरा कंट्रोल मिलेगा।
अगर ये प्रोटोटाइप सच में मार्केट में आ गया, तो प्रिंटर से जुड़ी हमारी सारी परेशानियां सच में टाटा-बाय-बाय कह सकती हैं। ये एक ऐसे फ्यूचर का संकेत है जहां टेक प्रोडक्ट्स सिर्फ बेचने के लिए नहीं, बल्कि यूज़र्स की सहूलियत और आज़ादी के लिए बनेंगे।

































