जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद शहर की शिक्षक कॉलोनी में अब तक का सबसे बड़ा हल्ला कटा है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात, जब पूरा शहर मीठी नींद सो रहा था, तब चोरों का एक शातिर गिरोह कॉलोनी में दाखिल हुआ। उन्होंने एक नहीं, बल्कि दो घरों को निशाना बनाया और इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दिया कि सुनकर किसी का भी माथा ठनक जाए। लगभग 42 लाख रुपए के गहने और 80 हज़ार रुपए नकद लेकर चोर चंपत हो गए। इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है और लोग अब पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग पर सवाल उठा रहे हैं।
ये घटना नगर थाना क्षेत्र के भगीरथ बीघा स्थित शिक्षक कॉलोनी की है। चोर इतनी सफाई से घरों में घुसे कि अंदर सो रहे परिवार को ज़रा सी भी भनक नहीं लगी।
सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं, तो पता चला कि उनके साथ कितनी बड़ी वारदात हो चुकी है। घर का सामान बिखरा पड़ा था, अलमारियां खुली थीं और लाखों के जेवर गायब थे।
घटना का पता चलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद नगर थाना की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
दो घरों में हुई सेंधमारी का पूरा मामला
चोरों ने सबसे पहले रवि रंजन कुमार के घर को निशाना बनाया। रवि रंजन अपने परिवार के साथ रात में गहरी नींद में थे।
चोरों ने बड़ी चालाकी से उनके घर की खिड़की का ग्रिल तोड़ा और अंदर घुस गए। उन्होंने पूरे घर की तलाशी ली, हर कोने को खंगाला और वहां से कीमती सामान समेटना शुरू किया।
रवि रंजन कुमार ने बाद में बताया कि चोर उनके घर से करीब 40 लाख रुपए के आभूषण और 80 हज़ार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। यह उनके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सदमा था।
रवि रंजन ने बताया, "सुबह जब हम सोकर उठे तो खिड़की का ग्रिल टूटा हुआ था। मैंने जाकर गोदरेज चेक किया तो उसका ताला भी टूटा हुआ था।
मेरी मां, बहन और पत्नी के सारे जेवरात गायब थे। घर में जो थोड़ी बहुत नकदी रखी थी, वो भी चोर ले गए थे।
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इसके ठीक बाद, चोरों ने रवि रंजन के पड़ोसी रविंद्र कुमार के घर को अपना निशाना बनाया। रविंद्र कुमार के घर में भी चोरों ने ठीक वैसी ही तरकीब अपनाई।
उन्होंने रविंद्र कुमार के घर की खिड़की का ग्रिल भी तोड़ा और अंदर दाखिल हो गए। यहां से चोरों ने लगभग 2.5 लाख रुपए के जेवरात पर हाथ साफ किया।
रविंद्र कुमार को चोरी का पता तब चला जब उनके एक पड़ोसी ने उन्हें सुबह-सुबह फोन करके खिड़की का ग्रिल टूटने की जानकारी दी। रविंद्र कुमार ने बताया, "मेरे पड़ोसी ने मुझे बताया कि मेरे घर की खिड़की का ग्रिल टूटा हुआ है।
मैं तुरंत अपने घर आया और जब मैंने अंदर देखा तो मेरे जेवरात भी गायब थे। यह सुनकर मैं पूरी तरह से हैरान रह गया।
"
पीड़ितों की आपबीती और पुलिस की कार्रवाई
दोनों परिवारों के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं थी। रवि रंजन और रविंद्र कुमार दोनों ही बेहद सदमे में थे।
उनके जीवन भर की कमाई और उनके प्रियजनों के यादगार जेवर पल भर में गायब हो गए थे। पुलिस को सूचना मिलने के बाद नगर थाना के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टूटे हुए ग्रिल, बिखरा हुआ सामान और खाली अलमारियां चोरी की भयावहता बता रही थीं।
पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और जल्द ही चोरों तक पहुंच जाएंगे।
हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों की चिंता और सुरक्षा की मांग
इस घटना से शिक्षक कॉलोनी सहित पूरे जहानाबाद शहर में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में सक्रिय चोरों का एक सुनियोजित गिरोह है जो ऐसे बंद या सुरक्षित समझे जाने वाले घरों को निशाना बना रहा है।
लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस की गश्त बेहद कम हो गई है, जिसका फायदा उठाकर चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस को जल्द से जल्द इन शातिर चोरों को गिरफ्तार करना चाहिए।
इसके साथ ही, उन्होंने इलाके में नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग भी की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। लोग चाहते हैं कि उनके घरों और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ताकि वे चैन की नींद सो सकें।
यह मामला अब जहानाबाद में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई यही जानना चाहता है कि पुलिस इन चोरों को कब तक पकड़ पाती है।




































