जहानाबाद: आजकल मोबाइल गुम हो जाना मतलब ऐसा लगता है, जैसे किसी ने आपकी आधी दुनिया ही चुरा ली हो। फोन सिर्फ बात करने का जरिया नहीं, अब वो हमारी जेब की दुकान है, हमारा बैंक है, बच्चों की पढ़ाई का जरिया है, और तो और हमारी यादों का पिटारा भी है। जब ऐसा अपना कीमती साथी कहीं खो जाए या चोरी हो जाए, तो चेहरे पर मायूसी छाना लाज़मी है। महीनों बीत जाते हैं, और एक उम्मीद भी धूमिल पड़ने लगती है कि अब फोन वापस नहीं मिलेगा। लेकिन बिहार के जहानाबाद में ठीक इसके उलट हुआ। यहाँ पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे 88 लोगों के चेहरों पर वो खोई हुई मुस्कान लौट आई है।
बुधवार को जहानाबाद पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' नाम का एक खास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन लोगों को बुलाया गया, जिनके मोबाइल महीनों पहले कहीं गुम हो गए थे या चोरी हो गए थे।
सभागार में बैठे ये लोग शायद उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि उनके फोन मिल गए हैं और उन्हें वापस सौंपे जाएंगे, तो वहां का माहौल देखने लायक था। कोई अपनी खुशी रोक नहीं पाया, तो किसी की आंखों में पानी आ गया।
मोबाइल वापस मिलते ही, मानो लोगों की पुरानी यादें और मेहनत दोनों लौट आईं।
'ऑपरेशन मुस्कान' और मेहनत का फल
'ऑपरेशन मुस्कान' सिर्फ एक नाम नहीं है, ये जहानाबाद पुलिस की एक ऐसी पहल है जिसने लोगों के दिलों में पुलिस के प्रति भरोसा जगाया है। इस अभियान के तहत, जिला पुलिस की एक विशेष टीम, जिसमें तकनीकी सेल के विशेषज्ञ भी शामिल थे, लगातार गुम हुए और चोरी हुए मोबाइल फोनों की ट्रैकिंग कर रही थी।
सोचिए, एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 88 मोबाइल फोन ट्रैक करके ढूंढ निकाले गए। ये काम सिर्फ कुछ दिनों का नहीं होता, इसमें महीनों की मशक्कत लगती है, लगातार मॉनिटरिंग करनी पड़ती है और सही तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करना पड़ता है।
पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के सीधे निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा था और उनकी टीम ने इस चुनौती को बखूबी अंजाम दिया।
जो लोग अपने फोन वापस लेने आए थे, उनमें समाज के हर तबके के लोग शामिल थे। कोई गृहिणी थी, तो कोई दिहाड़ी मजदूर, और कई किसान भी।
इन लोगों के लिए मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं होता। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने महीनों की कमाई जोड़कर या अपनी जरूरत की चीजें बेचकर ये फोन खरीदे थे।
कल्पना कीजिए, एक दिहाड़ी मजदूर जिसकी दिनभर की मेहनत शायद मुश्किल से हजार रुपये हो पाती हो, उसके लिए एक स्मार्टफोन खरीदना कितनी बड़ी बात होती होगी। जब वो फोन खो जाता है, तो वो सिर्फ एक वस्तु नहीं खोता, बल्कि उसकी मेहनत, उसके सपने और कभी-कभी तो उसकी रोजी-रोटी भी खतरे में पड़ जाती है।
ऐसे में जब वो फोन वापस मिलता है, तो ये किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।
मोबाइल से जुड़ी अनमोल यादें और आजीविका
एक गृहिणी ने बताया कि उनके फोन में उनके बच्चों की बहुत सारी तस्वीरें और वीडियो थे, जो उनके लिए अनमोल थे। एक किसान ने बताया कि उनके मोबाइल से ही वे मौसम की जानकारी लेते थे, फसल के दाम देखते थे और बैंक से जुड़े काम करते थे।
मोबाइल खो जाने से उनका सारा काम रुक गया था। कई छात्रों के लिए तो यह ऑनलाइन पढ़ाई का एकमात्र जरिया था।
ऐसे में पुलिस की यह पहल सिर्फ चोरी की संपत्ति वापस दिलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने लोगों की भावनाओं, उनकी आजीविका और उनकी यादों को भी सहेजने का काम किया है। यह दिखाता है कि एक छोटा सा दिखने वाला मोबाइल हमारे जीवन में कितना गहरा असर डालता है।
पुलिस का भरोसा और जनता की सराहना
पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने साफ किया कि मोबाइल रिकवरी का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। उनका लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस मिल सके।
मोबाइल वापस पाने वाले सभी लोगों ने जहानाबाद पुलिस और जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की खूब सराहना की है।
उनका कहना है कि इस तरह के काम से आम लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ती है और पुलिस पर उनका भरोसा भी मजबूत होता है। अक्सर ऐसा होता है कि लोग सोचते हैं कि अगर कोई छोटी-मोटी चीज़ चोरी हो गई, तो पुलिस कुछ नहीं कर सकती, लेकिन 'ऑपरेशन मुस्कान' ने इस धारणा को बदल दिया है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने लोगों से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर कभी उनका मोबाइल गुम हो या चोरी हो जाए, तो वे बिना देर किए तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जितनी जल्दी सूचना मिलेगी, उतनी ही तेजी से तकनीकी सहायता का उपयोग करके फोन को ट्रैक किया जा सकेगा और उसे बरामद करने की संभावना बढ़ जाएगी। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, क्योंकि समय पर जानकारी देने से पुलिस को कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
जहानाबाद पुलिस का यह 'ऑपरेशन मुस्कान' वाकई कई चेहरों पर मुस्कान लाने में कामयाब रहा है और यह पुलिस-जनता संबंध को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।


