जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में देर रात जो हुआ, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। एक ट्रक ड्राइवर अपनी ड्यूटी पर था, सड़क किनारे अपने वाहन के पास खड़ा था। रात का सन्नाटा पसरा था और तभी अचानक तीन हथियारबंद बदमाश एक गाड़ी से उतरे, ड्राइवर को घेर लिया और उसकी जिंदगी दांव पर लगा दी। लूट का विरोध करने पर उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। ड्राइवर ने जान बचाने के लिए बुरी तरह जख्मी हालत में भी हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह मौके से भागा। आप अंदाज़ा लगाइए, वो जख्मी और लहूलुहान ड्राइवर जब सड़क पर अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा होगा, तब उस पर क्या बीती होगी। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि उसी वक्त बर्मामाइंस थाना पुलिस की गश्ती टीम उधर से गुजरी और उस मरणासन्न हालत में पड़े ड्राइवर को उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
यह घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे से 2:00 बजे के बीच बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में, टीआरएफ कंपनी के ठीक पास हुई। पश्चिम बंगाल के बीरग्राम के रहने वाले ट्रक चालक जय प्रकाश रजक अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
वो शायद अपनी मंजिल पर पहुंचने की तैयारी में थे या शायद कुछ देर आराम करने के लिए रुके थे। तभी एक अज्ञात वाहन से तीन शातिर बदमाश वहां आ धमके।
उनके हाथों में चापड़ जैसे धारदार हथियार और पिस्टल थे। उन्होंने जय प्रकाश रजक को चारों तरफ से घेर लिया और धमकाते हुए उनका मोबाइल फोन और नकदी छीनने की कोशिश करने लगे।
अब इसके बाद की कहानी सुनिए। जय प्रकाश ने बदमाशों की धमकी और लूट के आगे घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए विरोध किया और अपनी आत्मरक्षा में बदमाशों से भिड़ गए। चालक का यह साहस हमलावरों को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे धारदार हथियार से उस पर कई वार कर दिए।
जय प्रकाश के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं और वो खून से लथपथ होकर वहीं गिर गए। लेकिन इतनी गंभीर चोटों के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
जैसे ही उन्हें मौका मिला, वे बदमाशों के चंगुल से किसी तरह निकलकर वहां से भाग निकले। यह उनकी जिंदगी बचाने की आखिरी कोशिश थी।
रात के अंधेरे में हमला और लूट की कोशिश
मामले की गहराई में जाएं तो यह पूरी घटना पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के टीआरएफ कंपनी के ठीक सामने हुई। यह इलाका औद्योगिक क्षेत्र के करीब है, जहां रात के समय ट्रक चालकों का आना-जाना लगा रहता है।
सोमवार की देर रात, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे, तब जय प्रकाश रजक नाम के यह ट्रक चालक अपने काम में लगे थे। तभी एक वाहन से तीन अज्ञात शख्स वहां पहुंचे, जिनके इरादे नेक नहीं थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उनके हाथों में चापड़ और पिस्टल जैसे खतरनाक हथियार थे। उन्होंने आते ही जय प्रकाश को घेर लिया और लूटपाट का प्रयास शुरू कर दिया।
उनकी मंशा साफ थी — मोबाइल फोन और जो भी नकदी जय प्रकाश के पास हो, उसे छीनना। लेकिन जय प्रकाश ने बदमाशों के सामने हार नहीं मानी, और यहीं से पूरा घटनाक्रम बदल गया।
घायल चालक की हिम्मत और पुलिस की फुर्ती
जय प्रकाश रजक ने अपनी जान बचाने के लिए जो साहस दिखाया, वो काबिलेतारीफ है। बदमाशों के धारदार हथियारों के वार से वो बुरी तरह घायल हो चुके थे, उनके शरीर से खून बह रहा था।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। किसी तरह वो मौके से बचकर भागने में कामयाब रहे।
उनकी यह फुर्ती और जीने की इच्छा ही शायद उनकी जान बचा गई। आप सोचिए, उस दर्द और खून के बीच भी उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं छोड़ी।
ठीक इसी वक्त, जब जय प्रकाश अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, बर्मामाइंस थाना की पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। पुलिसकर्मियों की नजर सड़क पर पड़े इस लहूलुहान शख्स पर पड़ी।
बिना देर किए, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाई और तुरंत उन्हें अपने वाहन में बिठाकर जमशेदपुर के सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया।
फिलहाल जय प्रकाश रजक का इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। अगर पुलिस समय पर न पहुंचती, तो शायद कहानी कुछ और हो सकती थी।
ड्राइवर यूनियन का गुस्सा और प्रदर्शन
जैसे ही इस जानलेवा हमले की खबर फैली, ट्रक चालकों और ड्राइवर यूनियन के सदस्यों में भारी गुस्सा देखा गया। मंगलवार की सुबह, बड़ी संख्या में ट्रक चालक और यूनियन के प्रतिनिधि बर्मामाइंस थाना पहुंच गए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और इस घटना पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई। उनकी मांग साफ थी: जिन बदमाशों ने जय प्रकाश रजक पर हमला किया है, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।
यूनियन ने यह भी कहा कि रात के समय ट्रक चालकों की सुरक्षा भगवान भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उनका कहना था कि ट्रक चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सुरक्षित माहौल में काम करने का अधिकार है।
पुलिस की जांच जारी; CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
बर्मामाइंस थाना पुलिस ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का काम जोर-शोर से चल रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे और इस मामले का खुलासा कर देंगे। पुलिस का प्रयास है कि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके और ट्रक चालकों में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
यह मामला सिर्फ जय प्रकाश रजक का नहीं, बल्कि रात में सड़क पर काम करने वाले सभी चालकों की सुरक्षा से जुड़ा है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इन बदमाशों को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करती है।


