सहरसा: बिहार का कोशी इलाका, जो अपनी ख़ूबसूरती और मिथिलांचल की संस्कृति के लिए जाना जाता है, पिछले कुछ समय से एक और वजह से खबरों में है – नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग। जी हां, यहां के पुलिस अधिकारियों ने नशा तस्करों की नींद हराम कर रखी है और एक के बाद एक ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खलबली मची है। कल्पना कीजिए, सिर्फ एक हफ्ते के भीतर 41 ऐसे लोग सलाखों के पीछे पहुंचा दिए गए, जो इलाके की जवानी को नशे की दलदल में धकेल रहे थे। ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं, ये बताता है कि कोशी पुलिस कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है।
कोशी रेंज के डीआईजी साहब के दफ्तर से जो आंकड़े सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। 27 जून से लेकर 3 जुलाई 2026 तक, यानी सिर्फ सात दिनों में, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा – इन तीनों जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की।
नतीजा? नशे के सौदागरों के अड्डे तहस-नहस हो गए और भारी मात्रा में नशीला सामान जब्त किया गया। पुलिस ने इन सात दिनों में 1861 लीटर से ज़्यादा अवैध शराब पकड़ी।
इसके अलावा, 21 ग्राम से ज़्यादा स्मैक, 200 ग्राम गांजा, 1.7 लीटर कोडीनयुक्त कफ सिरप और 205 नशीली टैबलेट भी बरामद की गईं। सोचिए, ये कितना बड़ा जखीरा है, जो अगर बाजार में पहुंचता तो कितने घरों को बर्बाद कर देता!
सिर्फ यही नहीं, पुलिस ने 4230 मिलीलीटर नशीले इंजेक्शन भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल अक्सर युवा करते हैं। इस पूरे खेल में इस्तेमाल होने वाले पैसे और वाहनों पर भी पुलिस की पैनी नजर रही।
नतीजतन, 20,000 रुपये नकद, 6 मोटरसाइकिलें, 1 तिपहिया वाहन और 1 चार पहिया गाड़ी भी जब्त की गई। नशा कारोबारियों के 5 मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जो आगे की जांच में अहम सुराग दे सकते हैं।
इस एक हफ्ते की कार्रवाई में कुल 34 लोग शराब तस्करी के आरोप में और 7 लोग सूखे नशे के धंधे में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए और जेल भेज दिए गए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि "नशा मुक्त कोशी" अभियान कितना गंभीर और प्रभावी है।
"नशा मुक्त कोशी" अभियान: एक लंबी और असरदार लड़ाई
आपको शायद लग रहा होगा कि ये कोई अचानक की कार्रवाई है, लेकिन ऐसा नहीं है। "नशा मुक्त कोशी" अभियान की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी और तब से लेकर अब तक पुलिस ने एक पल के लिए भी अपनी ढील नहीं छोड़ी है।
ये एक मैराथन है, जिसमें पुलिस हर दिन दौड़ रही है ताकि नशे के इस जाल को पूरी तरह से काटा जा सके। आंकड़े खुद इसकी गवाही देते हैं।
फरवरी 2026 से लेकर अब तक, पुलिस ने कुल 49,208.08 लीटर अवैध शराब जब्त की है। इतनी शराब कि अगर इसे एक जगह इकट्ठा कर दिया जाए, तो एक छोटा स्विमिंग पूल भर जाए! इसके अलावा, 2125.02 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप भी जब्त किया गया है, जिसका इस्तेमाल नशा करने के लिए किया जाता है।
सूखे नशे की बात करें, तो 3974.077 किलोग्राम गांजा और 4122.222 ग्राम स्मैक भी पुलिस के हाथ लगी है। ये वो जहर है जो हमारे समाज की नींव को खोखला कर रहा है।
सिर्फ नशीले पदार्थ ही नहीं, इस अभियान के दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें 2 विदेशी पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 3 मैगजीन और 5 कारतूस शामिल हैं।
इन हथियारों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये नशा तस्कर कितने खतरनाक और संगठित तरीके से काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन, 2 कार और यहां तक कि 1 नाव भी जब्त की है, जो शायद नदी के रास्ते तस्करी में इस्तेमाल होती होगी।
आर्थिक मोर्चे पर भी इन तस्करों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने उनके पास से 52 लाख 83 हजार 914 रुपये की भारतीय मुद्रा और 27 हजार 570 रुपये की नेपाली मुद्रा भी बरामद की है।
ये रकम बताती है कि नशे का कारोबार कितना फल-फूल रहा था और इससे कितना पैसा कमाया जा रहा था। फरवरी 2026 से लेकर अब तक, इस अभियान में कुल 1321 बड़े-छोटे नशा तस्करों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है।
ये आंकड़ा सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि कोशी क्षेत्र में एक बेहतर, नशामुक्त भविष्य की उम्मीद का भी है।
जनता का सहयोग है अनिवार्य: डीआईजी की अपील
कोशी रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने एक बार फिर आम जनता से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा है कि नशा तस्करों को खत्म करने के लिए पुलिस और जनता का साथ आना बेहद जरूरी है।
डीआईजी साहब ने जनता को भरोसा दिलाया है कि नशा तस्करों के बारे में सटीक सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इतना ही नहीं, जो सूचनाएं बड़ी सफलता दिलाएंगी, उन्हें डीआईजी द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।
यह एक प्रोत्साहन है ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आएं और इस मुहिम का हिस्सा बनें।
सूचना देने के लिए पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है: 9060384865। इस नंबर पर लोग कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए जानकारी साझा कर सकते हैं।
आप नशा कारोबारियों के नाम, पते, उनके ठिकानों की जानकारी और अगर संभव हो तो उनकी फोटो या वीडियो भी भेज सकते हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
यह सुनिश्चित किया गया है ताकि कोई भी नागरिक बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सके और समाज से इस बुराई को खत्म करने में योगदान दे सके। कोशी क्षेत्र पुलिस ने नशा मुक्ति के इस संकल्प को पूरा करने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है और उम्मीद जताई है कि जनता के सहयोग से यह लड़ाई जल्द जीती जाएगी।




































