सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के मनिया गांव के पास बहने वाली तिलावे नदी से गुरुवार को एक 45 वर्षीय महिला का शव बरामद किया गया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही शव को नदी से बाहर निकाला गया, लोगों में आक्रोश पनपने लगा। मामला इतना गरमाया कि गुस्साई भीड़ ने सोनवर्षा-महेशखुट सड़क को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन ठप रहा। यह सिर्फ एक लाश मिलने का मामला नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई सवाल थे, जो पुलिस और प्रशासन के सामने खड़े थे – क्या ये हत्या थी, आत्महत्या या फिर कोई और अनहोनी?
स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर था कि आखिर एक महिला का शव नदी में कैसे मिला और उनके चेहरे पर चोट के निशान क्या इशारा कर रहे थे। उन्हें शक था कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
उनकी मांग थी कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर को मौके पर पहुंचना पड़ा और उनके आश्वासन के बाद ही करीब आधे घंटे बाद सड़क जाम खुल सका।
लेकिन सवाल अभी भी जस के तस थे।
लापता मीना देवी और सदमे में परिवार
मृतका की पहचान बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 4 निवासी मीना देवी के रूप में हुई है, जो नरेश यादव की पत्नी थीं। उनके परिजनों ने बताया कि मीना देवी बुधवार शाम करीब 4 बजे से ही घर से लापता थीं।
शाम ढलने के साथ ही परिवार में बेचैनी बढ़ने लगी। पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद मीना देवी किसी काम से बाहर गई होंगी और जल्दी लौट आएंगी।
लेकिन जब देर रात तक उनका कोई अता-पता नहीं चला, तो परिवार की चिंता और बढ़ गई।
रात भर परिवार के लोग, रिश्तेदार और गांव के लोग मिलकर मीना देवी को तलाशते रहे। गांव-घर, खेतों, रिश्तेदारों के यहां, हर संभावित जगह पर खोजबीन की गई, लेकिन मीना देवी का कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
रात भर जागे परिवार को अगली सुबह भी कोई राहत नहीं मिली। सूरज की पहली किरण के साथ ही एक बुरी खबर इंतजार कर रही थी।
गुरुवार की सुबह उन्हें जानकारी मिली कि तिलावे नदी में एक अज्ञात महिला का शव मिला है। यह सुनते ही परिवार पर मानों पहाड़ टूट पड़ा।
उनकी सारी उम्मीदें एक झटके में बिखर गईं।
जब परिजन मौके पर पहुंचे और नदी से निकाले गए शव को देखा, तो उन्होंने पहचान लिया कि यह कोई और नहीं, बल्कि उनकी मीना देवी ही थीं। इस मंजर को देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
मीना देवी की दो बेटियां, गुड्डी कुमारी और करुणा कुमारी, अपनी मां का शव देखकर सदमे में आ गईं। उनकी चीखें और रुदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
परिवार के अन्य सदस्य और गांव के लोग भी इस दुखद घटना से मर्माहत थे। परिवार का कहना था कि मीना देवी बहुत सीधी-सादी महिला थीं और उनकी किसी से कोई बड़ी दुश्मनी नहीं थी।
ऐसे में उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे।
जमीन विवाद और हत्या की आशंका
परिजनों का आरोप है कि मीना देवी की हत्या जमीन विवाद के चलते की गई है। उन्होंने पुलिस के सामने साफ तौर पर यह बात रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
उनका कहना था कि कुछ लोगों से उनका जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और उन्हें शक है कि इसी विवाद के चलते मीना देवी को मौत के घाट उतारा गया है। ये आरोप काफी गंभीर थे और पुलिस के लिए जांच की एक नई दिशा खोलते थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, बनमा ईटहरी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सहनी और सोनवर्षा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने सबसे पहले आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया।
एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने शुरू किए। मृतका के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया किसी संघर्ष या मारपीट की ओर इशारा करते हैं।
ये निशान परिवार की हत्या की आशंका को और बल दे रहे थे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच रिपोर्ट इस मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुलिस की जांच: हर एंगल से पड़ताल
एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस मामले की जांच सभी पहलुओं से कर रही है। उन्होंने कहा, "हमारा पहला मकसद यह पता लगाना है कि यह हत्या है, आत्महत्या है या किसी अन्य कारण से हुई मौत है।
परिजनों ने जमीन विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाया है, हम इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रहे हैं। एफएसएल टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।"
पुलिस अब मीना देवी के लापता होने के समय से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, अगर कोई हो, तो उसकी भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा, जिन लोगों से जमीन विवाद बताया जा रहा है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस टीम उन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है जो बुधवार शाम मीना देवी के लापता होने से पहले उनके संपर्क में थे।
गांव के लोगों से भी घटना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए सहयोग मांगा जा रहा है। इस पूरी घटना ने सहरसा के लोगों को झकझोर कर रख दिया है और सभी को पुलिस की जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है ताकि मीना देवी की मौत के पीछे का सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

