सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में एक किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है गांव के ही 9-10 लोगों पर, जिन्होंने आधी रात को घर में घुसकर किसान को तब तक पीटा, जब तक वो अधमरा नहीं हो गया। सुनने में आता है कि दो महीने पहले एक मामूली सी कहासुनी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसे बाद में पंचायत में सुलझा भी लिया गया था। लेकिन, पुरानी रंजिश की आग बुझी नहीं थी और इसी ने एक घर का चिराग बुझा दिया। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और एक शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मामला सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र के उटेशरा वार्ड नंबर 3 का है। मृतक का नाम शत्रुघ्न यादव (45) था, जो जगदीश यादव के बेटे थे।
शत्रुघ्न अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। उनका एक बेटा और बेटी शादीशुदा हैं, जबकि एक बेटा अभी अविवाहित है।
शत्रुघ्न गांव में खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। अपने बच्चों और पत्नी के साथ सामान्य जीवन जी रहे इस किसान को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि दो महीने पुराना एक छोटा सा झगड़ा उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
दो महीने पुराना झगड़ा: सुलह की एक नाकाम कोशिश
इस खूनी वारदात की जड़ में दो महीने पहले हुआ एक विवाद है। मृतक शत्रुघ्न यादव के बेटे ने बताया कि करीब दो महीने पहले गांव के ही घनश्याम यादव और उनके दो बेटों, सचिन और बिट्टू के साथ उनके पिता का झगड़ा हुआ था।
बेटे के मुताबिक, सचिन शराब के नशे में धुत था और अपने पिता के साथ उलझ गया था। कहानी कुछ यूं थी कि शत्रुघ्न यादव सड़क किनारे खड़े थे और सचिन अपनी बाइक बहुत तेज रफ्तार से उनके पास से गुजार रहा था।
इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। शराब के नशे में सचिन ने शायद कुछ ऐसा कहा या किया, जिससे बात बढ़ गई।
लेकिन, उस वक्त मामला शांत होता दिखा था। गांव के बड़े-बुजुर्गों और पंचों ने मिलकर दोनों परिवारों के बीच सामाजिक समझौता कराया था।
पंचायत में बकायदा 50,000 रुपये का बॉन्ड बनाकर यह वादा लिया गया था कि भविष्य में दोनों पक्ष कोई गलती नहीं करेंगे और मामला आगे नहीं बढ़ेगा। लगा था कि बात आई गई हो गई, लेकिन शायद ये सिर्फ एक शांत दिखती सतह थी, जिसके नीचे बदले की आग सुलग रही थी।
आधी रात का खूनी हमला: जब घर पर टूटा कहर
दो महीने के इस 'शांति' वाले समझौते के बाद, मंगलवार रात करीब 12 बजे अचानक पूरा मामला पलट गया। शत्रुघ्न यादव की पत्नी मीना देवी के मुताबिक, वो और उनके पति अपने घर में सो रहे थे, तभी सचिन, बिट्टू समेत करीब 9-10 लोग शोर-शराबा करते हुए उनके घर में घुस आए।
सोचिए, रात के सन्नाटे में जब आप गहरी नींद में हों और अचानक इतने लोग आपके घर में घुस आएं, तो कैसा मंजर होगा!
मीना देवी बताती हैं कि घर में घुसते ही सचिन ने उनके पति को बिस्तर से नीचे खींच लिया। इसके बाद लाठियों, रॉड और न जाने किन-किन चीजों से शत्रुघ्न यादव को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया गया।
मीना देवी की आंखों के सामने उनके पति को तब तक मारा गया, जब तक वो अधमरे होकर बेहोश नहीं हो गए। उनकी चीख-पुकार का कोई असर नहीं हुआ।
जब तक मीना देवी अपने बेटे को बुलाने के लिए दौड़ीं, तब तक हमलावर अपना 'काम' करके वहां से फरार हो चुके थे। मीना देवी के मुताबिक, जब वो वापस लौटीं, तो उनके पति पूरी तरह बेहोश पड़े थे।
बेटे ने बताया कि घटना के वक्त वो और उनकी मां अपने नए मकान में सो रहे थे, जो उनके पुराने घर से करीब आधा किलोमीटर दूर बन रहा है। हमलावरों ने पुराने घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया, जहां शत्रुघ्न अकेले सो रहे थे।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
परिवार के लोग आनन-फानन में जख्मी हालत में शत्रुघ्न यादव को सलखुआ स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां उनकी गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने फौरन सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
लेकिन शायद शत्रुघ्न यादव की किस्मत में अस्पताल पहुंचना लिखा ही नहीं था। सहरसा सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही, रास्ते में रात करीब 3 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
एक छोटे से विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मीना देवी और उनके बच्चे इस अचानक आई विपदा से सदमे में हैं।
पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ
घटना की जानकारी सलखुआ थाना पुलिस को मिली। सलखुआ के थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि उन्हें रात 1 बजे इस घटना की सूचना मिली थी।
उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की कि करीब दो महीने पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन तब थाने में कोई लिखित आवेदन या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। यानी, पुलिस रिकॉर्ड में ये मामला नहीं था।
पुलिस अब इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने मामले में एक व्यक्ति, घनश्याम यादव को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
घनश्याम यादव वही शख्स हैं जिनके बेटों, सचिन और बिट्टू पर हत्या का आरोप लगा है। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप देगी।
पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को पकड़ा जा सके और इस वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

