सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने दिनदहाड़े शहर की सड़कों पर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। बात मंगलवार दोपहर की है, जब एक आम आदमी अपने रोज़मर्रा के काम से जा रहा था और अचानक तीन बाइक सवार लुटेरों ने उसे घेर लिया। आंखों के सामने चाकू, जान से मारने की धमकी और पलक झपकते ही जेब में रखी 16 हजार की मेहनत की कमाई गायब। इस घटना ने रिफ्यूजी कॉलोनी के पास से गुज़र रहे लोगों के मन में डर भर दिया है।
मामला सहरसा के सदर थाना क्षेत्र का है, जहां कहरा प्रखंड के दिघिया निवासी मो. शौकत अपने टीवीएस शोरूम की किस्त जमा करने शहर जा रहे थे।
मोटरसाइकिल पर सवार शौकत शायद यही सोच रहे होंगे कि कैसे जल्दी से अपनी किश्त जमा कर घर लौटेंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे कुछ शातिर अपराधी उनका इंतज़ार कर रहे थे।
एक छोटी सी दूरी, एक आम दिन और एक अचानक हुई घटना ने उनकी पूरी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया।
घटना का पूरा ब्यौरा: चाकू के बल पर लूट
मो. शौकत अपनी बाइक पर सवार होकर शहर की ओर बढ़ रहे थे।
उनकी जेब में 16 हजार रुपए थे, जो उन्हें अपनी बाइक की किस्त के तौर पर टीवीएस शोरूम में जमा करने थे। जब वह रिफ्यूजी कॉलोनी के पास से गुज़र रहे थे, तभी एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन नौजवानों ने उनका रास्ता रोक लिया।
यह सब इतनी तेज़ी से हुआ कि शौकत को संभलने का मौका ही नहीं मिला। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, एक बदमाश ने उनकी गर्दन पर चाकू अड़ा दिया।
बदमाशों ने धमकी दी, "अगर होशियारी दिखाई तो जान से हाथ धो बैठोगे। कोई विरोध करने की कोशिश मत करना, वरना अंजाम बुरा होगा।
" यह शब्द सुनते ही मो. शौकत के हाथ-पैर फूल गए।
सामने मौत खड़ी दिख रही थी। उन्होंने विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटाई।
चाकू की नोंक पर ऐसी धमकी मिलने के बाद किसी की भी हिम्मत टूट सकती है। पल भर में ही लुटेरों ने शौकत की जेब में हाथ डाला और 16 हजार रुपए निकाल लिए।
आँखों के सामने यह सब होता देख शौकत बस लाचार खड़े रहे।
लूट के बाद की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
पैसे छीनते ही तीनों बदमाश अपनी बाइक पर बैठकर तेज़ी से मौके से फरार हो गए। यह पूरी वारदात इतनी फुर्ती से हुई कि आसपास मौजूद इक्का-दुक्का लोग भी कुछ समझ नहीं पाए।
जब तक लोग कुछ रिएक्ट करते, अपराधी आंखों से ओझल हो चुके थे। मो.
शौकत इस घटना से सदमे में थे। उन्हें कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि उनके साथ क्या हो गया।
लेकिन जब हालात सामान्य हुए, तो उन्होंने हिम्मत जुटाई और सीधे सदर थाना पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई और तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की, ताकि कोई चश्मदीद मिल सके या कोई अहम सुराग हाथ लगे। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज से अक्सर अपराधियों की पहचान करने में काफी मदद मिलती है और पुलिस को उम्मीद है कि इन फुटेज से बदमाशों का सुराग मिल सकता है।
थानाध्यक्ष का बयान और आगे की जांच
इस मामले में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें चाकू के बल पर लूट की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, "यह एक गंभीर मामला है और हम इसकी पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं।
हमारी टीम लगातार काम कर रही है और मुझे पूरा भरोसा है कि हम घटना में शामिल अपराधियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।" थानाध्यक्ष ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर नकेल कसने का भी आश्वासन दिया है।
यह घटना सहरसा शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जब दिनदहाड़े मुख्य इलाकों में ऐसी वारदातें हो रही हैं। स्थानीय लोग भी इस घटना के बाद से सहमे हुए हैं।
उन्हें डर है कि अगर अपराधी इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो सकते हैं, तो उनकी खुद की सुरक्षा का क्या होगा। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा ताकि इलाके में फैली दहशत कुछ कम हो सके और मो.
शौकत को इंसाफ मिल सके।

