लखनऊ: राजधानी लखनऊ का मौसम इन दिनों किसी रहस्यमयी किरदार जैसा हो गया है. सुबह उठो तो आसमान में बादलों की फौज दिखती है, देखकर लगता है कि बस अब झमाझम बारिश होने ही वाली है, लेकिन फिर वही चिपचिपी गर्मी और उमस पूरे शरीर को निचोड़ लेती है. पिछले कई दिनों से लखनऊ वालों का यही हाल है – बादल दिखते हैं, उम्मीद जगती है, और फिर उम्मीदें सूख जाती हैं. हालांकि, आज यानी 1 जुलाई को मौसम विभाग ने एक सुखद भविष्यवाणी की है, जिससे लोगों की सूखी आंखों में नमी की आस जगी है. कहा जा रहा है कि दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जो इस घुटन भरी गर्मी से कुछ पल की राहत तो देगी ही.
सुबह से ही आसमान में बादलों का जमघट लगा हुआ है. ऐसा लगता है जैसे बादलों ने शहर को चारों तरफ से घेर रखा है, लेकिन हवा में जो नमी का स्तर है, वो लोगों की जान निकाले दे रहा है.
मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सुबह करीब 28 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सुनने में भले ही ज्यादा न लगे, लेकिन हवा में 85 फीसदी नमी के चलते इसका अहसास 34 डिग्री सेल्सियस जैसा हो रहा है. मतलब, आप हैं 28 डिग्री में और महसूस कर रहे हैं 34 डिग्री की गर्मी! सुबह की हल्की हवा भी इस उमस को कम करने में नाकाम रही, और दिनभर यही हाल बने रहने की आशंका जताई जा रही है.
लोग पसीने से लथपथ, रुमाल से माथे पोंछते और कूलर-एसी की शरण लेते दिख रहे हैं. चाय की चुस्कियां भी बेस्वाद लग रही हैं, क्योंकि गर्मी में चाय पीने की हिम्मत ही नहीं हो रही.
लखनऊ का बदलता मिजाज: कब मिलेगी राहत?
लखनऊ में इन दिनों जो मौसम का खेल चल रहा है, वह किसी पहेली से कम नहीं है. सुबह के वक्त मौसम थोड़ा सुहाना रहता है, जैसे लखनऊ के गोमती नगर स्थित कठौता झील के पास सुबह-सुबह का नज़ारा होता है.
वहां सुबह 6 बजे से ही एक अलग ही माहौल रहता है. लोग टहलने निकलते हैं, ठंडी हवा का लुत्फ लेते हैं, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, सूरज के तेवर तल्ख होते जाते हैं और फिर वही उमस और चिपचिपी गर्मी अपना रंग दिखाने लगती है.
हवा में घुली यह नमी सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि मन को भी बेचैन कर देती है. घर में बैठे हो या बाहर निकले हो, पसीने की धार रुकने का नाम नहीं लेती.
ऐसे में हर कोई यही दुआ कर रहा है कि भैया, कब बरसेगा बदरा!
मौसम विभाग के पंडितों की मानें तो आज दोपहर करीब 1 बजे के बाद ही लखनऊ वालों की यह तपस्या पूरी हो सकती है. अगर भविष्यवाणी सही निकली और मेघराज मेहरबान हुए तो हल्की-फुल्की बारिश से ही सही, लेकिन इस उमस से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी.
तापमान में भी मामूली गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे माहौल थोड़ा खुशनुमा हो सकता है. कम से कम शाम की चाय तो सुकून से पी जा सकेगी और घर से बाहर निकलकर थोड़ी देर खुली हवा में सांस ली जा सकेगी.
लेकिन तब तक, सुबह और दोपहर के बीच की यह चिपचिपी गर्मी और बेचैनी लोगों की परीक्षा लेती रहेगी.
आने वाले दिनों का हाल: क्या गर्मी से मिलेगी मुक्ति?
सिर्फ आज की बात नहीं है, मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक लखनऊ में ऐसा ही मिलाजुला मौसम बना रहेगा. बादलों की आवाजाही तो रहेगी ही, साथ ही बीच-बीच में रुक-रुककर बारिश भी होती रहेगी.
लेकिन इस सबके बावजूद, अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहने का अनुमान है. इसका मतलब साफ है कि लखनऊ वालों को अभी तेज धूप, चिपचिपी उमस और अचानक बरसने वाली बारिश – इन तीनों का सामना करना पड़ेगा.
यानी, छाता, धूप का चश्मा और पानी की बोतल, ये सब अब अगले कुछ दिन तक आपके सबसे अच्छे दोस्त रहने वाले हैं.
लोगबाग अब बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय हो जाए और ऐसी झमाझम बारिश हो कि ये उमस पूरी तरह से धुल जाए. खेतों को पानी मिले, किसानों के चेहरे पर मुस्कान आए और शहरियों को इस बेहाल करने वाली गर्मी से मुक्ति मिले.
अभी तो हर कोई आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठा है, उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही ठंडी फुहारें इस बेचैनी को शांत करेंगी और मौसम फिर से अपनी पुरानी चाल पर लौटेगा, जहाँ बारिश सिर्फ राहत नहीं, बल्कि सुकून लेकर आती है.
अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, ऐसे में लोगों को अपनी सेहत का भी खास ख्याल रखना होगा. पर्याप्त पानी पीते रहें और सीधे धूप में निकलने से बचें.
यह मौसम बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए उनकी देखभाल पर भी ध्यान देना जरूरी है.

