मेरठ: यूपी के मेरठ में इन दिनों एक अजीबोगरीब बवाल सुर्खियों में है, जिसकी जड़ में है एक गली का दरवाजा! जी हां, आपने ठीक सुना, एक नए दरवाजे को लेकर बात इतनी बढ़ गई कि लाठी-डंडे चल गए और एक युवक का सिर फूट गया। मामला मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र के पूर्वा ताहिर हुसैन इलाके का है, जहां रविवार देर शाम एक नया दरवाजा खुलने पर दो पक्षों में भयानक मारपीट हो गई। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग गुस्से में हैं।
बात सीधी और साफ है। पूर्वा ताहिर हुसैन में एक ऐसी गली है, जो सालों से लगभग 10-12 परिवारों के लिए ही आने-जाने का रास्ता रही है।
मोहल्ले वालों का कहना है कि ये गली सिर्फ उनके निजी इस्तेमाल के लिए है, किसी और का इसमें कोई लेना-देना नहीं। लेकिन अब यहीं से कहानी में ट्विस्ट आता है।
मोहल्ले के ही वसीम, जो हाजी नफीस के बेटे हैं, बताते हैं कि करीब तीन साल पहले निजामुद्दीन नाम के एक शख्स ने इसी गली से लगा हुआ एक मकान और दुकान खरीदी थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, जब तक निजामुद्दीन ने एक ऐसा काम नहीं किया, जिससे पूरे मोहल्ले में आग लग गई।
गली के दरवाजे पर क्यों मचा बवाल?
वसीम का आरोप है कि रविवार को निजामुद्दीन ने अपनी नई खरीदी हुई संपत्ति के पीछे की गली में जबरन एक नया दरवाजा खोल दिया। मोहल्ले के लोगों को ये बात नागवार गुज़री।
उनका कहना था कि ये गली उनकी निजी है और इसमें नया दरवाजा खोलना ठीक नहीं। जब मोहल्ले वालों ने इस दरवाजे का विरोध किया, तो निजामुद्दीन अपने कुछ परिजनों और अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया।
आरोप है कि उसने विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
ये मारपीट इतनी बढ़ गई कि वसीम के भाई के सिर पर गंभीर चोट आ गई। खून बहने लगा और अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी तुरंत डायल-112 पर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई तो की, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पीड़ित पक्ष को और भी ज्यादा नाराज कर दिया।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
घायल युवक के परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने देहली गेट थाने में निजामुद्दीन, उसके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर (लिखित शिकायत) दी। उन्होंने अपनी शिकायत में पूरा मामला विस्तार से बताया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
लेकिन, देर शाम तक भी पुलिस ने इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की।
इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपियों से मिलीभगत के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा। इस स्थिति ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है और लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
गुस्साए मोहल्ले के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने जल्द ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया और न्याय नहीं दिया, तो वे सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
इस पूरे मामले पर पुलिस का क्या कहना है? देहली गेट थाने के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखने वाली बात ये है कि पुलिस इस मामले में कब तक FIR दर्ज करती है और क्या पीड़ित पक्ष को इंसाफ मिल पाता है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटी सी बात भी कैसे बड़े विवाद का रूप ले सकती है, खासकर जब ज़मीन-जायदाद या रास्ते से जुड़ा मामला हो।




































