मेरठ: मामला रविवार रात का है। एक युवती अपने भाई को घर वापस लाने के लिए निकली थी, लेकिन उसे क्या पता था कि वहां उसका सामना कुछ ऐसे लोगों से होगा जो न सिर्फ बदतमीजी करेंगे, बल्कि मारपीट पर उतर आएंगे। आरोप है कि जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपियों ने सारी हदें पार कर दीं। अब इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस के रवैये को लेकर हो रही है, क्योंकि पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने गंभीर आरोपों को नजरअंदाज कर दिया।
पूरी कहानी यह है कि युवती का भाई घर से नाराज होकर कहीं चला गया था। काफी तलाश के बाद पता चला कि वह अपने कुछ परिचितों के साथ है।
जब युवती अपने भाई को घर ले जाने पहुंची, तो वहां साजिद, आबिद, मुनव्वर और जावेद नाम के युवक मौजूद थे। आरोप है कि इन युवकों ने युवती को देखते ही गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब युवती ने इसका विरोध किया, तो मामला और बिगड़ गया।
युवती का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल उसके और उसके भाई के साथ मारपीट की, बल्कि उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की। शोर सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तब जाकर आरोपी वहां से फरार हुए।
इस हंगामे और मारपीट में युवती और उसका भाई दोनों घायल हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद पीड़ित परिवार तुरंत सदर बाजार थाने पहुंचा। युवती का आरोप है कि उसने पुलिस को सारी बात बताई, लेकिन पुलिस ने उसकी तहरीर पर कोई सख्त मुकदमा दर्ज नहीं किया।
युवती का कहना है कि जिस मामले में छेड़छाड़ और मारपीट जैसे गंभीर आरोप थे, पुलिस ने उसे महज 'शांति भंग' की आशंका का मामला बनाकर कार्रवाई की। परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
इलाके में दबंगई का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि साजिद, आबिद और उनके साथी इलाके में अक्सर शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं। राहगीरों और महिलाओं के साथ अभद्रता करना उनके लिए आम बात हो गई है।
लोगों का कहना है कि ऐसे तत्वों के कारण इलाके में डर का माहौल रहता है, लेकिन पुलिस की ढिलाई उन्हें और बढ़ावा दे रही है।
अब पीड़ित परिवार ने हार नहीं मानी है। उन्होंने तय किया है कि वे इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से करेंगे।
परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




































