मेरठ: बात रविवार देर रात की है। दो भाई अपनी मां की दवा लेने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक मामूली सी टक्कर उन्हें अस्पताल पहुंचा देगी। मामला मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद का है, जहां एक स्कूटी और बाइक की टक्कर के बाद जो हुआ, उसने इलाके में दहशत फैला दी। मामूली विवाद इतना बढ़ा कि 12 युवकों की भीड़ ने दो भाइयों को तब तक पीटा जब तक कि वे बेहोश नहीं हो गए।
घटना की शुरुआत शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजे हुई। सराय बहलीम के रहने वाले हमजा अपने ममेरे भाई समीर के साथ बाइक से इस्लामाबाद गए थे।
मकसद सिर्फ मां की दवा लाना था, लेकिन मेडिकल स्टोर के पास उनकी बाइक की टक्कर एक स्कूटी से हो गई। टक्कर मामूली थी, लेकिन बहस शुरू हो गई।
वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत करा दिया। दोनों पक्षों को लगा कि बात खत्म हो गई है, लेकिन असली ड्रामा तो अभी शुरू होना था।
हमजा का कहना है कि विवाद सुलझने के बाद स्कूटी सवार चुप नहीं बैठा। उसने फोन घुमाया और अपने साथियों को बुला लिया।
कुछ ही मिनटों में पांच-छह स्कूटियों पर सवार होकर करीब 12 युवक मौके पर पहुंच गए। इन युवकों ने हमजा और समीर को चारों तरफ से घेर लिया और फिर शुरू हुआ लात-घूंसों और लाठी-डंडों का प्रहार।
हमलावर इतने हिंसक थे कि उन्होंने दोनों भाइयों को बुरी तरह पीटा और तब तक नहीं रुके जब तक कि दोनों बेहोश होकर सड़क पर नहीं गिर पड़े।
पुलिस की कार्रवाई और घायलों की हालत
जब शोर मचा और घटना की जानकारी लिसाड़ी गेट थाना पुलिस को मिली, तो पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।
पुलिस ने सड़क पर बेहोश पड़े हमजा और समीर को उठाया और उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
होश में आने के बाद हमजा ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दी। हमजा ने पुन्नू, आसिफ, विशाल, फराज उर्फ काला और जीशान समेत अन्य लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
हमजा का आरोप है कि उन्होंने आरोपियों के नाम दिए हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित परिवार अब गुस्से में है और उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सीधे एसएसपी (SSP) के पास जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे।
फिलहाल, जिला अस्पताल में भर्ती दोनों भाइयों का उपचार जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना बताती है कि कैसे सड़क पर होने वाली एक छोटी सी बहस हिंसक रूप ले सकती है और किसी की जान जोखिम में डाल सकती है।




































