लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए जाने की तैयारी है। सोमवार सुबह दस बजे मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली इस बैठक का एजेंडा देर रात तक जारी कर दिया गया। खबर है कि इस बार प्रदेश के करीब 1.60 लाख से ज़्यादा होमगार्ड्स और उनके आश्रितों के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत का पिटारा खोला है। उन्हें अब 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उनकी पुरानी चिंताएं दूर होने की उम्मीद है।
सिर्फ होमगार्ड्स ही नहीं, कैबिनेट की इस बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' करने जैसे कई बड़े फैसले भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रदेश में उच्च शिक्षा के नए केंद्र स्थापित करने और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण नीतियों को हरी झंडी मिल सकती है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने रविवार देर रात कुल 21 सूत्रीय एजेंडा जारी किया है, जो बताता है कि योगी सरकार इस बार एक साथ कई मोर्चों पर काम करने को तैयार है।
होमगार्ड्स को राहत का मरहम
होमगार्ड विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला प्रदेश के लाखों होमगार्ड्स और उनके परिवारों के लिए संजीवनी का काम करेगा। अभी यूपी में लगभग 1.18 लाख होमगार्ड काम कर रहे हैं।
हाल ही में 41 हज़ार से ज़्यादा होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई है। इस तरह, कुल मिलाकर 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड्स और उनके परिजनों को इस कैशलेस इलाज की सुविधा का सीधा फायदा मिलेगा।
सरकार की इस पहल से उन्हें आपात स्थिति में आर्थिक चिंता किए बिना बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, जो लंबे समय से उनकी एक बड़ी मांग रही है। यह कदम उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
नाम बदलेगा, पहचान भी?
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़े एक और अहम फैसले की तैयारी कर ली है। शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' किया जाएगा।
यह प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और माना जा रहा है कि इसे आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। इससे पहले भी योगी सरकार कई शहरों और स्टेशनों के नाम बदल चुकी है, और यह इसी कड़ी में एक और नया अध्याय होगा।
उच्च शिक्षा के नए ठिकाने
प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देने वाली है। तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी मिलेगी:
- कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय।
- गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय।
- फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय।
इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे और उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन को भी साधने में मदद करेगा।
स्टार्टअप को पंख और मिशन की तैयारी
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए भी योगी सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। कैबिनेट में नई 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026' को मंजूरी दी जाएगी।
इस नीति के तहत नए स्टार्टअप्स को शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। इसके साथ ही, प्रदेश में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के मकसद से 'सोसायटी पंजीकरण अधिनियम' के तहत 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन' की भी स्थापना की जाएगी।
यह मिशन प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक के एजेंडे में और भी कई अहम बिंदु शामिल हैं, जिन पर मुहर लगने की संभावना है। इनमें कुछ मुख्य प्रस्ताव ये हैं:
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन में बढ़ोतरी।
- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ (सहकारी समितियां और पंचायत) लेखा परीक्षा सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी।
- वेतन समिति 2016 की सिफारिशों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से दी गई सिफारिशों को मंजूरी।
- नगर निगम गोरखपुर और मुरादाबाद के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने और अवस्थापना विकास निधि से क्रेडिट रेटिंग के लिए राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
- वाराणसी में रोपवे पायलट परियोजना के तहत वाराणसी सदर तहसील के मौजा कोतवालपुर, परगना-देहात अमानत की 1 बिस्वा जमीन वाराणसी विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायतीराज विभाग संचालन एवं अनुरक्षण नीति 2026 को मंजूरी।
- उत्तर प्रदेश परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली 2026 में प्रथम संशोधन का प्रस्ताव।
- गोरखपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लिए 100 बेड के अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
इन सभी प्रस्तावों पर सोमवार सुबह अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।






































