फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की नौकरी पाना एक सपने जैसा है और इस सपने को पूरा करने की पहली सीढ़ी है उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा, जिसे हम प्यार से यूपीटीईटी कहते हैं। इस परीक्षा को सिर्फ पास करना ही नहीं, बल्कि इसे शांतिपूर्ण और पारदर्शिता के साथ आयोजित करवाना भी एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। इसी चुनौती से निपटने और इसे फतह करने के लिए फर्रुखाबाद में बैठकों का दौर जारी है। हाल ही में जिले के सबसे बड़े साहब, यानी जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक हुई। यह बैठक फर्रुखाबाद के कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में हुई, जिसमें परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर एक-एक बारीक बिंदु पर गहन चर्चा की गई।
फर्रुखाबाद जिले में इस बार 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और इन केंद्रों पर कुल 31,560 भावी शिक्षक अपनी किस्मत आजमाने वाले हैं। ये आंकड़ा बताता है कि यह कोई छोटी-मोटी परीक्षा नहीं, बल्कि एक विशाल आयोजन है, जिसमें हजारों जिंदगियों का भविष्य दांव पर है।
ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। जिलाधिकारी ने इस बैठक में अधिकारियों की एक पूरी फौज को कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी कीमत पर परीक्षा की शुचिता भंग न हो और परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो।
परीक्षा की तैयारियां और अधिकारियों को निर्देश
डॉ. अंकुर लाठर ने बैठक में मौजूद सभी महत्वपूर्ण अधिकारियों को साफ-साफ कह दिया कि शासन द्वारा जारी की गई निर्देश पुस्तिका का पालन हर हाल में गंभीरता से किया जाए।
इसमें सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, सह-केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक, सभी शामिल हैं। उनकी जिम्मेदारी सिर्फ परीक्षा करवा देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा निष्पक्ष हो और किसी भी प्रकार की धांधली या अव्यवस्था की कोई गुंजाइश न बचे।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर जरूरत का सारा सामान, जैसे कॉपी, पेन, स्टेशनरी और अन्य उपकरण समय से पहुंचा दिए जाएं ताकि केंद्र व्यवस्थापकों को आखरी समय पर भागदौड़ न करनी पड़े। डीएम साहब ने यह भी कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का जायजा लेंगे और यह प्रमाणपत्र देंगे कि सभी जरूरी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कोई भी कमी पहले से ही दूर की जा सके और ऐन मौके पर कोई परेशानी न आए।
सुरक्षा और सुविधाओं का खास ध्यान
परीक्षा में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल होती हैं और उनकी सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सख्त हिदायत दी कि महिला परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए केंद्रों पर पर्याप्त महिला और पुरुष कर्मियों की तैनाती की जाए।
सुरक्षा ऐसी हो कि किसी भी महिला अभ्यर्थी को असुरक्षित महसूस न हो। इसके अलावा, गर्मी का मौसम भी परीक्षाओं के लिए एक चुनौती बन जाता है।
इस बार भी गर्मी का असर दिख रहा है, इसलिए डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए ओआरएस (ORS) के पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। यह एक छोटा सा कदम है, लेकिन गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचाने में बहुत मददगार साबित हो सकता है।
शहर की साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था का जिम्मा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को सौंपा गया। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पीने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था हो और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए।
गंदगी या पानी की कमी से परीक्षा के माहौल में बाधा न पड़े, यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।
बिजली; एक बड़ी ज़रूरत
परीक्षा के दौरान बिजली की व्यवस्था भी एक अहम पहलू है। अक्सर देखने में आता है कि बिजली गुल होने से परीक्षार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के घंटों के दौरान किसी भी केंद्र पर बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए।
अगर किसी भी कारण से तकनीकी समस्या आती है और बिजली जाती है, तो तुरंत जनरेटर की व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। यानी, बिजली को लेकर 'नो कॉम्प्रोमाइज' का फंडा अपनाया गया है।
परीक्षा का कार्यक्रम और नियुक्तियां
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बैठक में बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) इस साल 2, 3 और 4 जुलाई को कुल पांच पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी।
इन पांच पालियों में कुल 31,560 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिसका मतलब है कि प्रति पाली करीब 6312 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इस पूरे आयोजन को सुचारु रूप से चलाने के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 19 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 19 केंद्र व्यवस्थापक और 19 सह-केंद्र व्यवस्थापक नामित किए गए हैं।
इसके अलावा, केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए 526 कक्ष निरीक्षक भी तैनात किए जाएंगे। यह पूरा अमला सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा अपने तय समय पर और बिना किसी रुकावट के पूरी हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सहित कई अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों का एक ही लक्ष्य था – फर्रुखाबाद में यूपीटीईटी को एक सफल और निष्पक्ष परीक्षा के रूप में संपन्न कराना।

