भोपाल: देश में मॉनसून का रंग इन दिनों गहरा गया है. कहीं झमाझम बारिश तो कहीं आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की घटनाओं ने ऐसा तांडव मचाया है कि जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई राज्यों में तो मॉनसून ने कहर बरपाया है, जिसकी वजह से छह लोगों की जान जा चुकी है. मध्य प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक और उत्तर प्रदेश से बिहार तक, हर तरफ पानी का शोर सुनाई दे रहा है. मुंबई जैसे शहर में तो हालत ये है कि बीएमसी को आज सभी स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़े हैं. एयरपोर्ट पर विमानों को रद्द और डायवर्ट करना पड़ा है, सोचिए जरा! सिर्फ मुंबई ही नहीं, यूपी और बिहार में सड़कें नदी बन गई हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में मासूम बच्चों को गड्ढों में डूबने से अपनी जान गंवानी पड़ी.
बात अगर मध्य प्रदेश की करें तो, रविवार का दिन यहां बादलों का गवाह बना. भोपाल समेत प्रदेश के सात जिलों में तेज बारिश हुई.
पांढुर्णा जिले से एक दुखद खबर आई, जहां बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई. शाजापुर में तो बादलों ने ऐसा डेरा जमाया कि 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, और इसका नतीजा ये हुआ कि कालीसिंध नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि वो उफान पर आ गई.
रायसेन जिले में तो दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब दो नाबालिग बच्चियां बेतवा नदी की लहरों में समा गईं और उनकी मौत हो गई.
महाराष्ट्र में भी मॉनसून ने अपनी पूरी ताकत दिखा दी है. रविवार को हुई तेज बारिश ने कई शहरों में तबाही मचाई.
कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिल्डिंग के हिस्से टूटकर जमीन पर आ गए. ठाणे में एक 17 साल का लड़का नदी के तेज बहाव में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई.
मुंबई में भी पेड़ गिरने से दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी. बारिश का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा.
मुंबई से उड़ने वाली इंडिगो की चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 13 फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया. हालात की गंभीरता को देखते हुए, मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ा फैसला लिया है.
आज यानी सोमवार को सरकारी, निजी और नगर निगम के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि अगले कुछ घंटों में और भी भारी बारिश हो सकती है.
देश के बाकी हिस्सों में मॉनसून का तांडव
अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ एमपी और महाराष्ट्र ही परेशान हैं, तो ऐसा नहीं है. उत्तर प्रदेश के दस से ज्यादा शहरों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसने शहरों की रफ्तार थाम दी है.
सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है. बिहार की तरफ रुख करें तो, कोसी नदी में बारिश के बाद पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि नदी किनारे कटाव शुरू हो गया है.
खगड़िया जिले के शिशवा गांव में तो रविवार को छह घर नदी में समा गए, सोचिए ज़रा उन परिवारों पर क्या गुज़री होगी! यूपी और बिहार, दोनों राज्यों में कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ में भी मॉनसून का कहर देखने को मिला. गरियाबंद जिले में एक गड्ढे में डूबने से पांच और छह साल के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई.
बलौदा बाजार में तो बालमदेही नदी में अचानक आई बाढ़ ने 250 से ज्यादा श्रद्धालुओं को मंदिर में फंसा लिया, जिन्हें बाद में रेस्क्यू टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला. देश के लगभग सभी हिस्सों में मॉनसून अपनी दस्तक दे चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही यह पूरे देश को अपनी आगोश में ले लेगा.
आने वाले दिनों का हाल और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है:
- 7 जुलाई (आज): उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल के दो जिलों के लिए रेड अलर्ट और तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है. ओडिशा में भी पांच जिलों में रेड अलर्ट और आठ अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
- 8 जुलाई (कल): आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है. असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के समुद्री इलाकों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
कुल मिलाकर, देश में मॉनसून ने अपनी चाल पकड़ ली है और शुरुआती दिनों में ही कई जगहों पर उसने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों का पालन करें.






































