चंडीगढ़: गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद आज जैसे ही स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल लौटी, एक धमकी भरी खबर ने पूरा माहौल ही बदल दिया। स्कूल की घंटियां बजनी शुरू हुई ही थीं कि एक के बाद एक कई नामी-गिरामी स्कूलों के प्रिंसिपल और स्टाफ को एक ईमेल मिला। ये ईमेल कोई सामान्य ईमेल नहीं था, बल्कि बम से स्कूलों को उड़ाने की धमकी थी। बात सिर्फ स्कूलों तक नहीं रुकी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के दफ्तर को भी ऐसी ही धमकी मिली। इससे पुलिस और प्रशासन में तुरंत हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जांच शुरू कर दी गई।
ये सारी धमकी भरी मेल आज दोपहर और शाम के अलग-अलग समय पर धमाके करने की बात कह रही थीं। एक तरफ जहां चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट का वक्त दिया गया था, वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के दफ्तर को दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर उड़ाने की धमकी मिली।
हालांकि, घंटों की सघन तलाशी के बाद भी कहीं से कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। लेकिन इस पूरी घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर चौकन्ना कर दिया है।
कैसे और कहां से आई यह धमकी?
पुलिस ने बताया कि यह धमकी भरी ईमेल जीमेल से नहीं, बल्कि रेडिफमेल से आई है, जो अपने आप में एक दिलचस्प और जांच का विषय है। इससे पहले इस तरह की धमकियां अक्सर जीमेल आईडी से आती रही हैं।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेडिफमेल का इस्तेमाल क्यों किया गया और इसके पीछे कौन है। जिस तरह से मेल में टाइमिंग दी गई थी, उसने शुरुआत में काफी दहशत फैला दी।
चंडीगढ़ के सेक्टर-31 में स्थित एयर फोर्स स्कूल को सबसे पहले धमकी मिली। इसके बाद एक-एक कर सेक्टर-37बी और 37डी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-38 के विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल और स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल, सेक्टर-40 के डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) और सेक्टर-9 के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना मिली।
धमकी भरे मेल में क्या लिखा था?
धमकी भरे इस ईमेल ने न सिर्फ स्कूलों और सीएम दफ्तर को निशाना बनाया, बल्कि इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी जिक्र था।
मेल भेजने वालों ने दावा किया कि रेलवे ट्रैक भी उनके निशाने पर हैं और लोगों से रेल यात्रा न करने की अपील की गई। सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि 15 अगस्त को अपने बच्चों को परेड में नहीं भेजने की भी धमकी दी गई।
इस मेल में साफ तौर पर लिखा था कि "चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान" और "15 अगस्त पंजाब सिखों का आजादी दिवस नहीं"। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को "ठोकने" की बात कही गई थी और "बम धमाका - आईडी, ड्रोन" का भी जिक्र था।
मेल में यह भी कहा गया था कि "खालिस्तान बच्चों के खिलाफ नहीं है - अपने बच्चों को बचाएं" और "कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़ हरियाणा बोलेगा खालिस्तान, खालिस्तान।"
मेल में आगे हरियाणा के रेल ट्रैक को भी निशाने पर लेने की बात कही गई, जिसमें खासकर अंबाला से दिल्ली के बीच रेल यात्रा न करने को कहा गया था। इस संदेश का शीर्षक था "जंग हिंदी, पंजाब दी है"।
इसमें जुलाई और 15 अगस्त तक "आईडी मनुखी" और "हरियाणा, चंडीगढ़ पर कब्जा खालिस्तान दा" जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए थे। इस धमकी भरे मेल के अंत में "खालिस्तान नेशनल आर्मी" और इंजीनियर गुरखंक सिंह रुकन वाला और डॉ.
गुरु निरवैर सिंह खान राजदा का नाम भी लिखा था, जो जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग हो सकते हैं।
चंडीगढ़ के स्कूल बार-बार क्यों बन रहे निशाना?
यह कोई पहला मौका नहीं है जब चंडीगढ़ के स्कूल इस तरह की बम धमकियों का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से यह एक चिंताजनक पैटर्न बन गया है।
साल 2026 में ही कई बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, जिसने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को खासा परेशान किया है।
- 21 मई 2026: चितकारा, सेंट स्टीफंस और सेक्रेड हार्ट जैसे बड़े स्कूलों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय और मेयर कार्यालय को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
- 16 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के 4 से 5 स्कूलों को 'खालिस्तान' के नाम से धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे।
- 5-6 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भी बम धमाके की धमकी मिली थी।
- 11 फरवरी 2026: चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी स्कूलों को सुबह-सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे।
- 28 जनवरी 2026: साल की शुरुआत में चंडीगढ़ के 26 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद स्कूलों को खाली कराकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था।
पहले भी हुई है गिरफ्तारी, फिर क्यों रुक नहीं रहा सिलसिला?
इन लगातार मिल रही धमकियों के बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कुछ समय पहले पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और शहर के नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां भेजने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने दावा किया था कि वही चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी धमकियां भेज रहा था।
सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी के बावजूद, धमकी भरे ई-मेल का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने सभी स्कूलों को विशेष सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे।


