पटना: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर जल्द ही सफाई और नगर निगम की अन्य सेवाएं ठप हो सकती हैं। पटना नगर निगम के कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अपनी मांगों को लेकर नाराज ये कर्मी आज दोपहर 3 बजे मौर्या लोक स्थित निगम मुख्यालय पर जुटकर जोरदार प्रदर्शन करने वाले हैं। यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक बड़ी हड़ताल की आहट है, जो पूरे बिहार के नगर निकायों की व्यवस्था को हिला सकती है।
मामला यह है कि बिहार के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के कर्मचारी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला कर चुके हैं। हड़ताल शुरू होने से पहले आज पटना के अलग-अलग अंचलों में प्रदर्शन और आमसभाएं की जाएंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा कर्मियों को इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।
प्रदर्शन की योजना काफी विस्तृत है। सबसे पहले बांकीपुर अंचल पर धावा बोला जाएगा, जिसके बाद कंकड़बाग, पाटलीपुत्र, नूतन राजधानी, अजिमाबाद और पटना सिटी अंचल में प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं, 29 जुलाई की शाम को हड़ताल की पूर्व संध्या पर मौर्या लोक से एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो इस विरोध प्रदर्शन की तीव्रता को दिखाएगा।
समान काम समान वेतन की मांग
इस पूरे विरोध की मुख्य वजह है 'समान काम का समान वेतन'। पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश सिंह का कहना है कि उन्होंने सरकार को पूरा मौका दिया था।
उनके मुताबिक, नगर विकास अधिकारी और यूनियन के पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई थी, जिसमें वेतन विसंगतियों को दूर करने पर चर्चा होनी थी।
चन्द्रप्रकाश सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। कर्मियों का मानना है कि सरकार की यह चुप्पी उसकी 'मजदूर विरोधी' सोच को साफ करती है।
इसीलिए अब कर्मियों ने तय किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
पूरे बिहार में तैयारी और रणनीति
यह आंदोलन सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में इसकी तैयारी चल रही है। बिहार के लोकल बॉडीज कर्मचारियों ने प्रमंडल स्तर पर आमसभाओं का एक पूरा कैलेंडर तैयार किया है।
इसके तहत अलग-अलग तारीखों पर गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बेगूसराय और फिर कोसी, भागलपुर व पूर्णिया प्रमंडल में आमसभाएं की जा रही हैं।
- 5 जुलाई को गया (मगध प्रमंडल) में आमसभा हुई।
- 6 जुलाई को पटना प्रमंडल की बैठक हुई।
- 10 जुलाई को मुजफ्फरपुर (तिरहुत प्रमंडल) में जुटे कर्मी।
- 12 जुलाई को दरभंगा प्रमंडल में चर्चा हुई।
- 14 जुलाई को बेगूसराय (मुंगेर प्रमंडल) में बैठक संपन्न हुई।
अब अंतिम चरण में 29 जुलाई को सभी निकायों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। अगर सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो बिहार के शहरों में कूड़े के ढेर और साफ-सफाई की समस्या गंभीर हो सकती है।

