पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों 'लालू के लाल' यानी तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा एक 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों कानूनी और पारिवारिक दोनों मोर्चों पर घिरते नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक का मामला सालों से अदालत में झूल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनकी कथित पार्टनर अनुष्का यादव और उनके भाई आकाश यादव के साथ शुरू हुआ विवाद अब थाने की दहलीज पार कर कोर्ट तक पहुंच गया है। पहले जो रिश्ता गुपचुप आपसी सहमति से चल रहा था, वो आखिर क्यों और कैसे कानूनी लड़ाई तक आ पहुंचा, आइए इस पूरी कहानी की परतें खोलते हैं।
रिश्तों की उलझी डोर: कब और कैसे शुरू हुआ ये नया पेच?
मामले को समझने के लिए थोड़ा पीछे चलना होगा। तेज प्रताप और अनुष्का यादव के बीच कथित तौर पर एक गुपचुप रिश्ता था।
सूत्रों की मानें तो सब कुछ आपसी सहमति से ही चल रहा था, लेकिन इस रिश्ते में 'अनबन' तब शुरू हुई जब अनुष्का ने एक बेटी को जन्म दिया। बताया जाता है कि इस बच्ची का नाम उज्जैनी रखा गया।
बच्ची के जन्म के बाद कुछ समय तक तो मामला शांत रहा और अंदरखाने सब ठीक-ठाक चला। लेकिन, अनुष्का का परिवार इस रिश्ते को अब और छिपाकर नहीं रखना चाहता था।
वे चाहते थे कि यह रिश्ता सार्वजनिक और आधिकारिक हो जाए।
अनुष्का के परिवार की मांग थी कि तेज प्रताप अपनी पहली पत्नी ऐश्वर्या के साथ चल रहे तलाक के केस को जल्द से जल्द निपटाएं और अनुष्का को अपनी पत्नी के तौर पर आधिकारिक रूप से स्वीकार करें। लेकिन, तेज प्रताप कथित तौर पर इस मामले को लंबा खींच रहे थे, जिससे अनुष्का और उनके परिजन असहज महसूस कर रहे थे।
इसी दबाव बनाने की रणनीति के तहत, अनुष्का के भाई आकाश यादव ने एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने तेज प्रताप यादव की अपने घर में एंट्री ही बैन कर दी।
सूत्रों की मानें तो आकाश यादव का मकसद साफ था— अपनी बहन को न्याय दिलाना। उनकी सोच थी कि अगर तेज प्रताप और अनुष्का की मुलाकातें बंद हो जाएंगी, तो शायद तेज प्रताप पर दबाव बढ़ेगा और वह ऐश्वर्या से तलाक के अपने मामले को जल्दी निपटाने के बारे में सोचेंगे।
यह चाल कितनी कामयाब हुई, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन इस फैसले ने मामले को और भी ज्यादा पेचीदा बना दिया, जिसके बाद एक और बड़ा मोड़ आया।
आधी रात का ड्रामा और FIR तक का सफर
यह मामला सिर्फ पारिवारिक अनबन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जल्द ही कानूनी लड़ाई में बदल गया। आकाश यादव का आरोप है कि 6 जून की रात तेज प्रताप यादव आधी रात को उनके घर में जबरन घुस आए।
वो उस नवजात बच्ची को देखने की जिद पर अड़े थे और उसे अपनी बेटी बता रहे थे। यह घटनाक्रम इतना नाटकीय था कि इसने पूरे मामले को एक नया एंगल दे दिया।
इस 'हाई-वोल्टेज ड्रामे' के बाद तेज प्रताप यादव ने भी तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अनुष्का और उस बच्ची से किसी भी तरह के खून या भावनात्मक रिश्ते को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने उल्टा आरोप लगाया कि आकाश और अनुष्का मिलकर उन्हें बदनाम करने की धमकी दे रहे हैं और उनसे 5 से 10 लाख रुपये की लगातार ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच कानूनी प्रक्रिया ने अपनी रफ्तार पकड़ ली।
- 10 जून: आकाश यादव ने पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव के खिलाफ जबरन घर में घुसने की शिकायत दर्ज कराई।
- 17 जून: शुरुआती शिकायत के बावजूद, जब पुलिस ने कथित रसूख के चलते मामले में FIR दर्ज नहीं की, तो आकाश यादव पटना कोर्ट पहुंच गए।
- कोर्ट का दखल: कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद, पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव और उनके कुछ समर्थकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इसमें जबरन घर में घुसने, डराने-धमकाने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
आगे क्या? कानूनी फंदा और तेज प्रताप का भविष्य
अब यह मामला सिर्फ परिवार की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे अदालत के गलियारों तक पहुंच गया है। चूंकि यह मामला घर में जबरन घुसने, डराने-धमकाने और आपराधिक साजिश का है, इसलिए पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गहन जांच कर रही है।
यदि आकाश यादव द्वारा लगाए गए आरोप, जैसे कि सीसीटीवी फुटेज या अन्य प्रत्यक्षदर्शी सबूत, सही पाए जाते हैं, तो तेज प्रताप यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उन्हें गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत से अग्रिम जमानत लेनी पड़ सकती है।
अगर वह ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो उन पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक सकती है। राजनीतिक गलियारों में हमेशा चर्चा का विषय रहने वाले तेज प्रताप यादव के लिए यह निजी विवाद अब एक बड़ी कानूनी चुनौती बन गया है, जिसका अंजाम क्या होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

