सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज कस्बे में सोमवार देर रात जब लोग गहरी नींद में थे, तभी खीरा मंडी स्थित हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी से अचानक तेज धमाकों जैसी आवाजें आने लगीं। ये आवाजें इतनी डरावनी थीं कि आसपास के लोगों की नींद खुल गई। जब वे बाहर निकलकर आए तो मंज़र देख सहम गए – मेडिकल एजेंसी आग की ऊंची लपटों में घिरी हुई थी और अंदर से लगातार 'फटने' जैसी आवाज़ें आ रही थीं, जैसे कोई बारूद जल रहा हो। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे प्रतिष्ठान को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान में रखी लाखों रुपये की दवाइयां, मेडिकल सामग्री, नगदी और यहां तक कि एक मोटरसाइकिल भी जलकर राख हो गई। यह सब इतना तेज़ हुआ कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया, जो काफी देर तक चला।
कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान का अधिकांश सामान खाक हो चुका था। इस घटना से मेडिकल एजेंसी संचालक संजू को भारी नुकसान हुआ है और उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
रात का सन्नाटा टूटा धमाकों से
हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी के संचालक संजू रोज की तरह सोमवार की रात अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे। सब कुछ सामान्य था और रात का सन्नाटा पसरा हुआ था।
लेकिन आधी रात के बाद अचानक तेज धमाकों जैसी आवाजें आने लगीं। ये आवाजें इतनी जोरदार थीं कि सिर्फ संचालक संजू ही नहीं, बल्कि उनके घर और आसपास रहने वाले लोगों की भी नींद खुल गई।
जब वे घबराहट में बाहर निकले तो जो देखा, उसने उनके होश उड़ा दिए। मेडिकल एजेंसी से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं और चारों तरफ धुआं फैल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद दुकान के भीतर रखी दवाइयां लगातार फटने जैसी आवाज़ें कर रही थीं। ये आवाज़ें धमाकों जैसी थीं, जिसने लोगों में दहशत पैदा कर दी थी।
आग की लपटें इतनी तेजी से बढ़ रही थीं कि देखते ही देखते पूरा प्रतिष्ठान आग की गिरफ्त में आ गया। धुएं का गुबार आसमान में छा गया और पूरा इलाका भयावह मंजर पेश कर रहा था।
लोग समझ नहीं पा रहे थे कि इतनी भीषण आग अचानक कैसे लग गई।
आग का विकराल रूप और बेबस लोग
जैसे ही आग लगने की खबर फैली, आसपास के व्यापारी और स्थानीय लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े। हर कोई अपनी तरफ से आग बुझाने की कोशिश करने लगा।
किसी ने पानी लाने की कोशिश की, तो किसी ने रेत और मिट्टी। लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि कोई भी दुकान के भीतर घुसने की हिम्मत नहीं कर सका।
आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि उनके पास जाना भी खतरनाक था। कुछ ही देर में पूरी दुकान धू-धू कर जलने लगी और आस-पड़ोस का इलाका धुएं से भर गया।
लोगों की आंखों के सामने ही लाखों का सामान जलता जा रहा था और वे कुछ कर पाने में बेबस थे।
स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तत्काल पुलिस की डायल-112 सेवा और फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। वे जानते थे कि अब सिर्फ दमकलकर्मी ही इस भीषण आग पर काबू पा सकते हैं।
तब तक तो आग का तांडव जारी ही था, जिसने पूरे बाजार को खतरे में डाल दिया था।
दमकलकर्मियों का संघर्ष और बड़ा हादसा टला
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का काम शुरू किया।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इसे काबू करना आसान नहीं था। दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कई घंटों के अथक प्रयासों और राहत कार्य के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोका।
हालांकि, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुकान के भीतर खड़ी एक मोटरसाइकिल भी पूरी तरह जलकर राख हो गई थी।
स्थानीय व्यापारियों का कहना था कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंचती तो आग आसपास की अन्य दुकानों तक फैल सकती थी और पूरे बाजार में एक बड़ा हादसा हो सकता था। दमकलकर्मियों की तत्परता और लोगों की मदद से एक बड़ी त्रासदी टल गई।
संचालक का दर्द और प्रशासन से गुहार
हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी के संचालक संजू ने घटना के बाद अपने दर्द को बयां करते हुए बताया कि वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात अचानक ब्लास्ट जैसी आवाज सुनाई दी।
जब वे नीचे आकर देखा तो मेडिकल स्टोर में आग लगी हुई थी और अंदर रखी दवाइयां धू-धू कर जल रही थीं। उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी।
संजू ने बताया कि आग में लाखों रुपये की दवाइयां, मेडिकल उपकरण, दुकान में रखी नगदी और अन्य सामान पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया है। दुकान के अंदर खड़ी उनकी मोटरसाइकिल भी जलकर राख हो गई।
इस भीषण अग्निकांड से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रशासन और शासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है, ताकि वे इस बड़े नुकसान की भरपाई कर सकें और अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर सकें।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अभी तक आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है।
हालांकि, शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस और फायर ब्रिगेड विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इतनी भीषण आग किस वजह से लगी और क्या इसे रोका जा सकता था।
इस मामले में आगे की जांच जारी है।


