मधेपुरा: बिहार के मधेपुरा जिले में एक ऐसी हृदय विदारक घटना हुई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा मुँह को आ जाए। एक बड़े भाई ने सोते हुए अपने छोटे भाई की कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, खून के इस रिश्ते का अंत करने के बाद, उसने पूजा घर में अपनी दिवंगत मां और दोनों भाइयों की एक तस्वीर रखी, उसके सामने एक दीपक जलाया, और फिर खुद को भी गोली मार ली। सुबह का उजाला होते ही, आलमनगर नगर पंचायत का वार्ड नंबर-14 गोलियों की गूँज और चीख-पुकार से सन्न रह गया। अब आलम ये है कि जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की शहनाइयाँ बजने वाली थीं, वहाँ मातम पसरा हुआ है और एक अजीब सी खामोशी छा गई है।
ये दर्दनाक घटना आलमनगर के एक किराना व्यवसायी नवल किशोर भगत के घर में घटी। उनके बड़े बेटे पंकज कुमार (35) और छोटे बेटे छोटू कुमार (28) की मौत से पूरा इलाका सदमे में है।
पुलिस को अभी तक हत्या और आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं मिला है, लेकिन शुरुआती जाँच और पड़ोसियों की बातों से जो तस्वीर उभर रही है, वो काफी उलझी हुई और दुखद है। क्या था पूरा माजरा, कैसे बीती वो रात और क्या-क्या सामने आया है, आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
सुबह-सुबह गोलियों की गूँज और रहस्यमय खामोशी
बुधवार की सुबह थी। घर के मुखिया नवल किशोर भगत अपनी नींद से जागे और रोजमर्रा की तरह घर से बाहर निकले।
उन्होंने देखा कि उनका बड़ा बेटा पंकज कुमार आंगन में टहल रहा था। नवल किशोर सीधे शौचालय की तरफ बढ़ गए।
वो बताते हैं, "शौचालय में ही मुझे दो बार पटाखा फूटने की आवाज सुनाई दी। हमें लगा कि शादी-ब्याह का समय है, इसलिए कोई पटाखा फोड़ रहा होगा।
" लेकिन जब वो शौच करके बाहर निकले, तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने कई बार आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
जब बार-बार बुलाने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो नवल किशोर भगत ने पड़ोसियों को बुलाया। आसपास के लोग जमा हुए और किसी तरह दरवाजा खोला गया।
अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। घर के अंदर, आंगन में, दोनों भाइयों पंकज और छोटू के बेजान शरीर पड़े थे।
एक पल को तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने क्या देख लिया है। घर में सन्नाटा था, लेकिन माहौल चीख-पुकार से भर गया।
पूजा घर में जला दीपक और परिवार की तस्वीर
भीड़ और पुलिस के आने से पहले नवल किशोर भगत ने जो देखा, वो और भी चौंकाने वाला था। उनके पूजा घर में, भगवान शंकर की मूर्ति के ठीक बगल में, पंकज, छोटू और उनकी दिवंगत मां की एक तस्वीर रखी हुई थी।
और उस तस्वीर के सामने एक दीपक जगमगा रहा था। ऐसा लग रहा था मानो किसी ने बहुत सोच-समझकर, किसी अंतिम विदाई के तौर पर यह सब किया हो।
इस दृश्य ने यह साफ कर दिया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी मानसिक उथल-पुथल थी। बड़े बेटे पंकज ने पहले छोटे भाई की हत्या की, फिर मां और भाई के साथ अपनी तस्वीर के सामने दीपक जलाया और फिर अपनी जिंदगी भी खत्म कर ली।
छोटे की शादी और बड़े भाई का बदलता व्यवहार
पड़ोसी राम कुमार ने बताया कि पंकज और छोटू दोनों अपने पिता की किराना दुकान में हाथ बंटाते थे। वे दोनों हमेशा साथ रहते, साथ खाते और साथ ही सोते भी थे।
पहले कभी दोनों भाइयों के बीच किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई थी। लेकिन पिछले कुछ समय से पंकज के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा था।
राम कुमार के मुताबिक, "जब से छोटे भाई छोटू की शादी की बात तय हुई, तब से बड़े भाई के व्यवहार में बदलाव आने लगा।" यह एक अहम कड़ी है, जो इस पूरी घटना की गुत्थी सुलझाने में मदद कर सकती है।
छोटू की शादी 8 जुलाई को होनी थी, और 28 जून को उसका तिलक-फलदान भी संपन्न हो चुका था। घर में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, खुशियों का माहौल था, लेकिन पंकज के मन में क्या चल रहा था, यह कोई नहीं समझ पाया।
मंगलवार की रात भी दोनों भाई हमेशा की तरह साथ सोए, लेकिन फिर रात के अंधेरे में एक भाई ने दूसरे की जान ले ली और फिर खुद भी मौत को गले लगा लिया।
शिक्षा, शादी और मां की यादें
एक और पड़ोसी, अनिल के अनुसार, बड़ा भाई पंकज आर्ट्स से ग्रेजुएट था और आगे की पढ़ाई की तैयारी में भी लगा हुआ था। वह अपने छोटे भाई छोटू से बहुत प्यार करता था।
लेकिन जब छोटू की शादी की बात तय हुई, तो पिछले दो दिनों से पंकज शांत-शांत रहने लगा था। अनिल ने यह भी बताया कि पंकज की शादी के लिए कई बार रिश्ते आए थे, लेकिन उसने हर बार मना कर दिया था।
पंकज की मां का निधन साल 2008 में हो गया था, और अनिल के मुताबिक, घटना से ठीक पहले पंकज ने अपनी दिवंगत मां और दोनों भाइयों की तस्वीर के सामने दीप जलाया था। यह शायद उसकी मां के प्रति, और अपने भाई के प्रति, उसके गहरे भावनात्मक लगाव और अवसाद की ओर इशारा करता है।
उसकी मां की यादें शायद उसके लिए एक बड़ा भावनात्मक सहारा थीं, और छोटू की शादी के बाद उसे अकेलापन महसूस होने लगा हो, यह भी एक संभावना है।
पुलिस की जाँच और फोरेंसिक टीम
घटना की जानकारी मिलते ही आलमनगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अविनाश कुमार ने बताया कि घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।
फिलहाल हत्या और आत्महत्या के पीछे का सही कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने मृतक के पिता नवल किशोर भगत और बहन से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या कोई अन्य कारण शामिल हो सकते हैं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे मधेपुरा को हिला कर रख दिया है और लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर एक भाई ने दूसरे भाई की जान क्यों ली और फिर खुद को भी क्यों खत्म कर लिया।

