बिजनेस डेस्क: अगर आप Paytm इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है! काफी समय से जिस Paytm वॉलेट की वापसी का इंतजार हो रहा था, उसकी उम्मीदें अब परवान चढ़ती दिख रही हैं। जी हां, Paytm ने एक बार फिर अपने पुराने जलवों को वापस लाने की तैयारी कर ली है और इसके लिए बाकायदा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक नए लाइसेंस की गुहार लगाई है। अगर सब ठीक रहा और RBI की हरी झंडी मिल गई, तो देश के करोड़ों Paytm यूजर्स को एक बार फिर से अपनी जेब में 'डिजिटल कैश' रखने की सुविधा मिल जाएगी। ये खबर इसलिए भी खास है क्योंकि एक तरफ जहां यूपीआई बिना इंटरनेट के पेमेंट की नई उड़ान भरने वाला है, वहीं दूसरी ओर Paytm वॉलेट की वापसी डिजिटल पेमेंट के खेल को और भी रोमांचक बनाने वाली है।
तो भैया, डिजिटल पेमेंट की दुनिया में Paytm एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी की पैरेंट कंपनी, जिसका नाम 197 कम्युनिकेशंस है, उसने आरबीआई को एक नया पीपीआई (प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट) लाइसेंस देने के लिए आवेदन किया है।
अगर कंपनी को ये लाइसेंस मिल जाता है, तो समझ लीजिए Paytm वॉलेट की वापसी तय है। वो वॉलेट, जो कभी देश के सबसे लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट्स में से एक था, एक बार फिर ग्राहकों की सेवा में हाजिर हो सकता है।
फिलहाल, इस पर अंतिम फैसला तो आरबीआई ही लेगा, लेकिन उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। तब तक Paytm अपनी मौजूदा यूपीआई सेवाओं को अपने पार्टनर बैंकों के जरिए हमेशा की तरह जारी रखेगा, तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
आखिर Paytm वॉलेट क्यों हुआ था बंद?
ये तो आप जानते ही होंगे कि कुछ समय पहले Paytm पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इस फैसले का असर Paytm के वॉलेट कारोबार पर बहुत बुरा पड़ा था।
एक समय था जब लोग बड़े आराम से Paytm वॉलेट में पैसे डालकर मोबाइल रिचार्ज करते थे, बिजली-पानी के बिल भरते थे, ऑनलाइन शॉपिंग करते थे, दुकानों पर स्कैन करके पेमेंट करते थे और न जाने कितने ही डिजिटल ट्रांजैक्शन झटपट निपटा लेते थे। ये सब कुछ इतना आसान था कि Paytm वॉलेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया था।
लेकिन, जब नियामक कार्रवाई हुई, तो कंपनी अपना वॉलेट बिजनेस पहले की तरह नहीं चला पाई। हालांकि, कंपनी ने हार नहीं मानी।
यूपीआई सेवाएं बंद नहीं हुई थीं और Paytm ने फटाफट दूसरे बैंकों के साथ पार्टनरशिप कर ली। इससे करोड़ों ग्राहकों को अपनी भुगतान की सुविधा मिलती रही।
लेकिन, वॉलेट की वो बात, वो सीधा कंट्रोल, वो खत्म हो गया था। कंपनी को अपने वॉलेट ऑपरेशंस के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
यही वजह है कि अब Paytm फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने और अपने वॉलेट बिजनेस को खुद संभालने की फिराक में है।
पीपीआई लाइसेंस क्या है और Paytm को इसकी जरूरत क्यों है?
चलिए, अब आसान भाषा में समझते हैं कि ये पीपीआई यानी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट क्या बला है। देखिए, पीपीआई एक ऐसा लाइसेंस है जिसकी मदद से कोई भी कंपनी डिजिटल वॉलेट जैसी सुविधाएं दे सकती है।
इसमें ग्राहक पहले अपने वॉलेट में पैसे जमा करते हैं और फिर इन्हीं पैसों से अलग-अलग तरह के भुगतान करते हैं। आप इसे अपनी डिजिटल गुल्लक मान सकते हैं।
इस वॉलेट का इस्तेमाल आप ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी के लिए, यूटिलिटी बिल भरने के लिए, कुछ तय सीमा तक पैसे ट्रांसफर करने के लिए और अपने रोजमर्रा के डिजिटल लेन-देन के लिए कर सकते हैं।
सबसे खास बात ये है कि ये आपके बैंक अकाउंट से बिल्कुल अलग होता है। इसमें आप सिर्फ उतनी ही राशि खर्च कर सकते हैं, जितनी आपने पहले से ही वॉलेट में जमा की हो।
तो भैया, Paytm ने ये नया लाइसेंस इसलिए मांगा है ताकि वह अपने वॉलेट कारोबार पर फिर से सीधा और पूरा कंट्रोल हासिल कर सके। अभी कंपनी यूपीआई सर्विस के लिए दूसरे बैंकों पर निर्भर है।
लेकिन, अगर उसे पीपीआई लाइसेंस मिल जाता है, तो वह अपने प्लेटफॉर्म पर फिर से डिजिटल वॉलेट शुरू कर सकेगी, जैसा पहले हुआ करता था।
Paytm वॉलेट की वापसी से ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
अगर Paytm वॉलेट की वापसी होती है, तो इसका सीधा फायदा करोड़ों ग्राहकों को मिलेगा। सोचिए, एक तो आपके पास यूपीआई का विकल्प है ही, ऊपर से अब एक और पेमेंट का तगड़ा विकल्प मिल जाएगा।
इससे ऐप का उपयोग और भी बढ़ सकता है, क्योंकि लोगों के पास भुगतान के लिए ज्यादा ऑप्शन्स होंगे। कंपनी का मानना है कि ग्राहकों को जितने ज्यादा पेमेंट विकल्प मिलते हैं, उनका अनुभव उतना ही बेहतर होता है।
और ये बात बिल्कुल सही है!
इसके साथ ही, कंपनी अपने मर्चेंट नेटवर्क को भी पहले से ज्यादा मजबूत बना पाएगी। यानी, ज्यादा से ज्यादा दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर Paytm वॉलेट से पेमेंट का ऑप्शन उपलब्ध होगा।
इससे डिजिटल पेमेंट बिजनेस में Paytm अपनी खोई हुई पकड़ को फिर से मजबूत करने की पूरी कोशिश करेगा। ये केवल एक वॉलेट की वापसी नहीं, बल्कि Paytm के पूरे डिजिटल इको-सिस्टम को एक नई ऊर्जा देने जैसा होगा।
आगे क्या होने वाला है?
फिलहाल, Paytm का ये प्रस्ताव आरबीआई के पास विचाराधीन है। केंद्रीय बैंक अब कंपनी के आवेदन, नियमों के पालन और बाकी जरूरी पहलुओं की अच्छे से जांच करेगा।
हर चीज परखने के बाद ही आरबीआई इस पर कोई अंतिम फैसला लेगा। तब तक, जैसा कि हमने पहले भी बताया, Paytm की यूपीआई सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी, तो ग्राहकों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
लेकिन, अगर आरबीआई इस आवेदन को मंजूरी दे देता है, तो ये Paytm के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित होगी। कंपनी एक बार फिर वॉलेट सेवाएं शुरू कर सकेगी, जिससे ऐप पर ग्राहकों की गतिविधि बढ़ेगी और भारत का डिजिटल पेमेंट इको-सिस्टम और भी मजबूत होगा।
तो बस, अब निगाहें आरबीआई के फैसले पर टिकी हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो आने वाले समय में Paytm वॉलेट एक बार फिर से भारतीय डिजिटल पेमेंट बाजार में धमाकेदार वापसी करता हुआ दिखाई दे सकता है!







































