मुंबई: भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों की निगाहें इस हफ्ते एक बड़े इवेंट पर टिकी हैं। देश की सबसे बड़ी और सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। कंपनी ने खुद शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी है, जिसके बाद से पूरे मार्केट में एक हल्की हलचल मची हुई है।
आप समझ सकते हैं कि जब बात मुकेश अंबानी की रिलायंस की आती है, तो सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि पूरा बाजार और लाखों निवेशक सांसें थामकर नतीजों का इंतजार करते हैं। ये आंकड़े सिर्फ रिलायंस के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतीय इकोनॉमी और शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम रोल निभाते हैं।
तो आखिर रिलायंस का बोर्ड कब मिल रहा है और क्या होगा?
कंपनी ने बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का बोर्ड 17 जुलाई को एक अहम मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा होगा अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों पर मुहर लगाना।
यानी बोर्ड की मंजूरी मिलते ही, उसी दिन नतीजे पब्लिक कर दिए जाएंगे। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सिर्फ अकेली कंपनी नहीं है जिसके नतीजे आएंगे, बल्कि इसकी दो बड़ी सब्सिडियरीज – रिलायंस जियो (जो टेलीकॉम सेक्टर में धूम मचा रही है) और रिलायंस रिटेल (जो रिटेल सेक्टर में बड़ा प्लेयर है) – के तिमाही नतीजे भी इसी दिन सामने आएंगे।
ये तीनों नतीजे एक साथ आने का मतलब है कि मार्केट को कई सेक्टरों का हाल एक साथ जानने को मिलेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज इस समय देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के आंकड़ों के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये (यानी 17.71 लाख करोड़ रुपये) से भी ज्यादा है।
ये आंकड़ा अपने आप में बताता है कि कंपनी का कद कितना बड़ा है और क्यों इसके हर मूव पर सबकी नजर रहती है।
पिछली तिमाही का हाल कैसा रहा था?
अगर हम पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था। कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 2,98,621 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।
ये बताता है कि कंपनी का बिजनेस ऑपरेशन लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा थोड़ा कम हुआ था।
यह 12.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये रहा था। अब देखना ये होगा कि जून तिमाही में कंपनी इन आंकड़ों में क्या बदलाव लाती है और क्या प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर कर पाती है।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के नतीजे कब आएंगे और क्या हैं उम्मीदें?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों से ठीक एक दिन पहले, यानी 16 जुलाई को, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) के जून तिमाही के नतीजे जारी होंगे। ये भी एक ऐसी कंपनी है जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है, खासकर रिलायंस से अलग होने के बाद।
पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था, जबकि एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था।
लेकिन एक अच्छी खबर ये थी कि कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू जोरदार तरीके से बढ़ा था। यह 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह सिर्फ 493 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में इतनी शानदार ग्रोथ बताती है कि कंपनी अपने बिज़नेस ऑपरेशंस को तेजी से बढ़ा रही है, भले ही प्रॉफिटेबिलिटी पर अभी थोड़ा दबाव दिख रहा हो। मार्केट को उम्मीद है कि कंपनी अपनी ग्रोथ मोमेंटम को जारी रखेगी।
रिलायंस और जियो फाइनेंशियल के शेयरों की चाल कैसी रही है?
निवेशक हमेशा कंपनी के नतीजों के साथ-साथ शेयर की चाल पर भी नजर रखते हैं। पिछले शुक्रवार, 10 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुआ था।
मार्च 2026 के आखिर तक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो एक मजबूत संकेत है। हालांकि, साल 2026 में अब तक रिलायंस के शेयर में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
ये निवेशकों के लिए थोड़ी चिंता की बात हो सकती है और आने वाले नतीजे शेयर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर भी शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है।
जियो फाइनेंशियल में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस शेयर ने पिछले एक साल में करीब 27 प्रतिशत की गिरावट देखी है।
ये आंकड़े बताते हैं कि दोनों कंपनियों के शेयरों पर नतीजों का काफी असर दिख सकता है।
और जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO कब आ रहा है, ये क्या नया खेल है?
खबरों का बाजार सिर्फ तिमाही नतीजों तक ही सीमित नहीं है। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Limited) अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास जमा कर चुकी है।
अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो ये देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है।
याद होगा, 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी 49वीं सालाना आम बैठक में ये जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा भी कर दिया गया था।
ये एक बड़ा डेवलपमेंट है जो भारतीय शेयर बाजार में नया जोश भरने की उम्मीद रखता है। इस IPO के जरिए कंपनी भारी-भरकम फंड जुटाने की तैयारी में है, जो आगे के ग्रोथ प्लान्स को फाइनेंस करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन रिलायंस ग्रुप के लिए और पूरे भारतीय बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।




































