बाज़ार की ख़बर: ज़रा सोचिए, अगर आपका बैंक कहे कि 'भैया, हमें और बड़े होना है और इसके लिए हमें आपके पैसों की ज़रूरत है', तो कैसा लगेगा? कुछ ऐसा ही धमाका आईपीओ मार्केट में होने वाला है, जहाँ कंपनियों के पिटारे खुलने वाले हैं और निवेशकों के लिए पैसे बनाने के मौक़े भी। अगर आप भी बाज़ार की हलचल पर नज़र रखते हैं, तो आने वाला हफ़्ता आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं होने वाला। जहाँ कुछ आईपीओ कल यानी 13 जुलाई को बंद हो रहे हैं, वहीं अगले ही दिन, यानी 14 जुलाई को, एक नहीं बल्कि तीन-तीन धमाकेदार आईपीओ दस्तक दे रहे हैं। और हाँ, इनमें से एक तो देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) से जुड़ा है, तो माहौल तो गरम होना ही है!
कुल मिलाकर, 14 जुलाई को खुलने वाले इन तीन आईपीओ की बदौलत बाज़ार में क़रीब 10,100 करोड़ रुपये का तगड़ा निवेश आने वाला है। तो कमर कस लीजिए और अपना पोर्टफ़ोलियो तैयार कर लीजिए, क्योंकि ये सिर्फ़ नंबर नहीं, आपके लिए कमाई के नए रास्ते भी खोल सकते हैं।
चलिए, जानते हैं इन ख़ास आईपीओ के बारे में सब कुछ, जो आपकी जेब में उछाल ला सकते हैं।
आईपीओ का खेल क्या है और क्यों है इतनी हलचल?
अब आप सोच रहे होंगे कि ये आईपीओ है क्या बला और क्यों इसके पीछे लोग इतने पागल रहते हैं? तो बता दें, आईपीओ का मतलब है 'इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग' (Initial Public Offering)। जब कोई प्राइवेट कंपनी पहली बार अपने शेयर आम पब्लिक के लिए जारी करती है, ताकि लोग उसमें पैसा लगा सकें और कंपनी भी अपने विस्तार के लिए फंड जुटा सके, तो उसे आईपीओ कहते हैं।
यह कंपनियों के लिए पैसा जुटाने का एक बड़ा ज़रिया है और निवेशकों के लिए नई कंपनियों में शुरू में ही हिस्सेदार बनने का एक सुनहरा मौक़ा। इस बार जो हलचल है, उसकी वजह है पैसों का बड़ा खेल, क्योंकि छोटे-मोटे नहीं, पूरे ₹10,100 करोड़ दाँव पर लगे हैं!
इस साल की बात करें तो आईपीओ मार्केट पहले से ही गुलज़ार है। जनवरी से अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ बाज़ार में आ चुके हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ रही है।
यह दिखाता है कि कंपनियों को बाज़ार पर पूरा भरोसा है और निवेशक भी नए-नए विकल्पों की तलाश में हैं।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ: क्या है इसमें ख़ास?
तो भैया, जो सबसे बड़ी ख़बर है, वो है देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) और फ़्रांसीसी एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ। यह आईपीओ कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि पूरे ₹9,812.91 करोड़ का है! जी हाँ, लगभग दस हज़ार करोड़ रुपये का।
ज़रा सोचिए, कितनी बड़ी रकम है ये।
शुरुआत में तो इस आईपीओ का साइज़ और भी बड़ा, क़रीब ₹11,692.9 करोड़ तय किया गया था। लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में कंपनी ने 30 बड़े निवेशकों से पहले ही फ़ंड जुटा लिया, जिसके चलते आईपीओ का साइज़ कम कर दिया गया।
इसका प्राइस बैंड ₹545 से ₹574 प्रति शेयर फिक्स किया गया है। यानी अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं, तो आपको कम से कम इस रेंज में बोली लगानी होगी।
एक और ख़ास बात यह है कि ये इश्यू पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (Offer for Sale) है। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटा रही है, बल्कि एसबीआई और एमुंडी इंडिया होल्डिंग जैसी मौजूदा प्रमोटर कंपनियाँ अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं।
इसके तहत एसबीआई अपनी 9.95 करोड़ शेयर (जो कंपनी में उनकी 4.89% होल्डिंग है) बेच रहा है, जबकि एमुंडी इंडिया होल्डिंग अपने 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रही है। कुल मिलाकर, यह उन निवेशकों के लिए शानदार मौका है जो एक स्थापित और भरोसेमंद ब्रांड में निवेश करना चाहते हैं।
एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड: गुजरात की कंपनी, क्यों ला रही है आईपीओ?
मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ एक और कंपनी अपनी किस्मत आज़माने आ रही है, और वो है गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (Alpine Texworld)। इनका आईपीओ थोड़ा छोटा है, लेकिन फिर भी देखने लायक है।
यह आईपीओ ₹126.25 करोड़ का है, और इसके तहत सिर्फ़ नए शेयर जारी किए जाएँगे। इसका मतलब है कि कंपनी सीधे तौर पर अपने बिज़नेस के लिए पैसा जुटा रही है।
इस आईपीओ में निवेशक ₹100 से ₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। अब सवाल ये है कि कंपनी इन पैसों का करेगी क्या? तो एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड ने बताया है कि इन पैसों का इस्तेमाल ग्रे फ़ैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए एक नई वीविंग यूनिट लगाने में किया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी अपने कर्ज़ को हल्का करना चाहती है और कुछ आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी इन फंड्स का इस्तेमाल करेगी। यानी, कुल मिलाकर कंपनी अपने आप को मज़बूत करने और भविष्य के लिए तैयार करने में लगी है।
मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज: एसएमई सेगमेंट में भी मौका?
अब बात करते हैं तीसरे आईपीओ की, जो एसएमई (Small and Medium-sized Enterprises) सेगमेंट से आ रहा है। यह है बेंगलुरु स्थित प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का आईपीओ।
इसका साइज़ ₹160.3 करोड़ है, जो एसएमई के हिसाब से काफ़ी बड़ा माना जाता है।
इस आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315 से ₹331 फिक्स किया गया है। मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज इन पैसों का इस्तेमाल कहाँ करेगी? तो कंपनी का कहना है कि वे प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इन फंड्स का इस्तेमाल करेंगे।
यानी, यह कंपनी भी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बिज़नेस को आगे ले जाने पर फोकस कर रही है।
13 जुलाई को कौन से आईपीओ बंद हो रहे हैं?
तो जहाँ 14 जुलाई को नए आईपीओ खुलने वाले हैं, वहीं 13 जुलाई को कुछ मौजूदा आईपीओ में पैसा लगाने का आख़िरी मौका है। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी लेजर पावर एंड इंफ्रा (Laser Power & Infra) का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद हो जाएगा।
इसके अलावा, एसएमई सेगमेंट में देवसन केटेलिस्ट (Devson Catalyst) और हैप्पी स्टील्स (Happy Steels) के आईपीओ भी 13 जुलाई को बंद होंगे। इन आईपीओ में अगर आपने अब तक पैसा नहीं लगाया है, तो आज ही अपनी रिसर्च पूरी कर लें!
इन सभी आईपीओ के शेयर 16 जुलाई को मार्केट में एंट्री करेंगे, जिसके बाद पता चलेगा कि निवेशकों का इन पर कैसा भरोसा रहा है। कुल मिलाकर, आने वाला हफ़्ता बाज़ार में आईपीओ की बहार लेकर आ रहा है, जहाँ हर तरह के निवेशक के लिए कुछ न कुछ मौक़ा ज़रूर है।
बस ज़रूरत है सही जानकारी और सही फ़ैसले की, ताकि आप भी इस सुनहरे मौक़े का फ़ायदा उठा सकें।




































