मनोरंजन की दुनिया: न्यूयॉर्क, गैंगस्टर्स, क्राइम और खतरनाक खेल… ये कॉकटेल ऐसा है कि कोई भी कहानी देखने बैठो, दिमाग में पहले से ही एक इमेज बन जाती है. डार्क शेड्स, खूनी बदला, माफिया की दुनिया का एक अलग ही भौकाल! लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आप कोई कहानी देखना शुरू करते हैं, खूब मन लगाकर देखते हैं, और जैसे ही ख़त्म होती है, तो लगता है कि ये क्या था, कब देखा और क्यों देखा? कुछ ऐसा ही हाल हुआ है MGM+ पर आई नई क्राइम ड्रामा सीरीज़ 'द वेस्टीज़' के साथ. ये शो आया तो है धमाकेदार गैंगस्टर्स की कहानी सुनाने, लेकिन क्या वाकई ये कुछ ऐसा दे पाएगा, जिसे आप सालों तक याद रखेंगे? शायद नहीं. लेकिन जब तक आप इसे देख रहे होंगे, तब तक तो मजा जरूर आएगा.
कहानी सीधी पहुंचती है 60 के दशक के न्यूयॉर्क के हेलस किचन इलाके में. ये वो जगह थी, जहां इटैलियन-अमेरिकन मोब का राज चलता था.
उनका अपना दबदबा, अपने कायदे-कानून. लेकिन इसी इलाके में एक और गैंग पनप रहा था, जिसे कोई जानता तक नहीं था – आयरिश-अमेरिकन क्राइम फैमिली 'द वेस्टीज़'.
ये परिवार रैकेटियरिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे धंधों में लिप्त था. सोचिए, एक ही जंगल में दो शेर! यहीं से कहानी में असली टेंशन शुरू होती है.
सीरीज़ में 'द वेस्टीज़' का मुखिया है ईमन स्वीनी, जिसे आपने 'स्पाइडर-मैन' वाली फ़िल्मों में जे.के.
सिमोन्स के दमदार अंदाज़ में देखा होगा. यहां भी उनका किरदार काफी प्रभावी है, जो अपने परिवार और अपने 'बिजनेस' को बचाने के लिए कुछ भी कर सकता है.
उनकी टीम में और भी धाकड़ एक्टर्स हैं, जिनकी परफॉरमेंस की खूब तारीफ हो रही है. खासकर टाइटस वेलिवर की मूंछों को तो एक स्टार एक्स्ट्रा मिला है, ऐसा रिव्यूज़ में लिखा गया है! कहानी में एक FBI टीम भी है, जो इस गैंग के पीछे पड़ी है.
यानी पुलिस और चोर का एक पुराना, लेकिन दिलचस्प कैट-एंड-माउस चेज़.
लेकिन क्या ये वेस्टीज़ कुछ नया परोस पाई?
शो की सबसे बड़ी खासियत और सबसे बड़ी कमी, दोनों एक जैसी ही हैं. जब तक आप इसे देख रहे हैं, आप पूरी तरह से इसमें खो जाएंगे.
कहानी कहने का तरीका सॉलिड है, भरोसेमंद है और सतह पर मज़ेदार भी लगता है. सब कुछ अच्छा-खासा चल रहा होता है.
आपको लगेगा कि चलो, एक बढ़िया क्राइम ड्रामा देखने को मिल रहा है. लेकिन जिस पल आप टीवी बंद करते हैं, बस! कहानी आपके दिमाग से ऐसे गायब होती है, जैसे कभी थी ही नहीं.
ये शो आपके ज़हन में कोई गहरी छाप नहीं छोड़ता.
तो क्या ये गैंग कुछ ज़्यादा ही 'जेंटलमैन' टाइप था?
ट्रेलर आने के बाद ही कई फैंस ने शिकायत की थी कि 'द वेस्टीज़' काफी 'टेम' यानी हल्की लग रही है, उतनी खूंखार नहीं, जितनी एक गैंगस्टर कहानी में होनी चाहिए. और अब जब पूरा सीज़न देख लिया गया है, तो रिव्यू देने वाले भी इस बात से सहमत हैं.
आप चाहे 'द वेस्टीज़' की असल कहानी न भी जानते हों, लेकिन एक गैंगस्टर क्राइम शो देखते हुए आपकी उम्मीद होती है कि इसमें मार-धाड़, हिंसा और एक क्रूरता का माहौल होगा. वो डार्क और खतरनाक वाइब होनी चाहिए, जो ऐसे शोज़ की जान होती है.
लेकिन यहां आपको वो 'रॉ' और 'ब्रूटल' साइड कम ही देखने को मिलेगी. अक्सर एक्शन सीन भी उतने दमदार नहीं लगते, जितने होने चाहिए थे.
ऐसा नहीं है कि इसमें बिल्कुल भी हिंसा नहीं है, लेकिन जो लेवल आप 'द सोप्रानोस' या 'पीकी ब्लाइंडर्स' जैसे शोज़ में देखते आए हैं, उसकी तो बात ही क्या! 'द वेस्टीज़' उनके सामने कहीं नहीं ठहरता. ये उन शोज़ की लीग का नहीं है, और शायद मेकर्स ने ऐसी कोई कोशिश भी नहीं की.
यह ठीक वैसा ही है जैसे आप एक मसालेदार बिरयानी खाने की उम्मीद कर रहे हों और आपको एक सादा पुलाव मिल जाए – बुरा नहीं है, लेकिन वो मज़ा नहीं आता.
तो फिर आखिर क्या कमी रह गई इस कहानी में?
देखिए, ये कहना गलत नहीं होगा कि 'द वेस्टीज़' के मेकर्स ने मेहनत तो की है. एक बेहतरीन कलाकारों की टीम है, जिसमें हर एक्टर ने अपना काम बखूबी निभाया है.
जे.के.
सिमोन्स हों या टाइटस वेलिवर, सबने अपने किरदारों को ईमानदारी से जिया है. कहानी में बिल्ली और चूहे का खेल भी ठीक-ठाक है, जिससे आप एक पॉइंट तक बंधे रहते हैं.
लेकिन कुछ चीज़ें हैं, जो इसे एक 'ठीक-ठाक' शो से 'शानदार' शो बनने से रोकती हैं.
एक तो वही मार-धाड़ और क्रूरता की कमी, जिसकी उम्मीद गैंगस्टर शोज़ से होती है. दूसरा, कहानी के बीच-बीच में ऐसे मोमेंट्स आते हैं, जहां एक्शन थोड़ा ढीला पड़ जाता है.
ऐसा लगता है कि कुछ मिसिंग है. और सबसे बड़ी बात, जैसा कि पहले भी कहा गया है, इसकी 'फॉरगेटेबिलिटी'.
यह शो आपको कुछ नया सिखाता है, क्योंकि वेस्टीज़ नाम के इस गैंग के बारे में ज़्यादातर लोगों को पता ही नहीं था. 1960 से 1980 के दशक में हेलस किचन में इनका आतंक था, ये जानकारी तो मिलती है.
लेकिन क्या ये जानकारी इतनी दमदार है कि पूरे शो को याद रखा जाए? जवाब है, मुश्किल है.
कुल मिलाकर, 'द वेस्टीज़' एक ऐसा शो है, जिसे आप वीकेंड पर टाइमपास के लिए देख सकते हैं. अगर आपके पास कुछ और देखने को नहीं है और आप एक हल्की-फुल्की क्राइम कहानी चाहते हैं, जो आपको ज़्यादा सोचने पर मजबूर न करे, तो यह आपकी लिस्ट में शामिल हो सकता है.
लेकिन अगर आप 'द गॉडफादर' या 'द सोप्रानोस' जैसी कहानियों के फैन हैं और वैसी ही गहराई और रोमांच की उम्मीद कर रहे हैं, तो हो सकता है आप थोड़ा निराश हों. तो, क्या इसकी दूसरी सीज़न आनी चाहिए? ईमानदारी से कहूं तो, किसी को खास फ़र्क नहीं पड़ेगा.




































