मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से गर्माहट बढ़ने वाली है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का फंड्स मैनेजमेंट बिजनेस अब खुद आईपीओ लेकर आ रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के मेगा आईपीओ की, जिसने खुलने से पहले ही निवेशकों के बीच तगड़ी हलचल मचा दी है। ग्रे मार्केट में इसकी डिमांड ने तो कमाल ही कर दिया है, जिससे लग रहा है कि यह सिर्फ एक आईपीओ नहीं, बल्कि बाजार का अगला बड़ा धमाका साबित हो सकता है।
बाजार के जानकार बता रहे हैं कि इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह है। देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, अपनी इस पब्लिक पेशकश के साथ 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलने जा रही है।
अगर आप भी शेयर बाजार में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।
क्या है इस मेगा आईपीओ की खासियत?
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह आईपीओ सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि काफी खास भी है। कुल 11,692.91 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक है।
इसकी खासियत ये भी है कि यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। अब आप सोचेंगे कि ये ऑफर फॉर सेल क्या बला है? आसान शब्दों में समझें तो, इसमें कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटा रही है, बल्कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
इसका मतलब है कि आईपीओ से जो भी पैसा आएगा, वो सीधा प्रमोटर्स की जेब में जाएगा, कंपनी को अपने कामकाज के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।
आईपीओ के तहत, एसबीआई अपनी 6.3% हिस्सेदारी, यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, दूसरा प्रमोटर, अमुंडी इंडिया होल्डिंग, अपनी 3.7% हिस्सेदारी या 7.56 करोड़ शेयर बेचने जा रहा है।
इस तरह कुल मिलाकर 10% हिस्सेदारी बेची जा रही है।
इस आईपीओ का प्राइस बैंड और जरूरी तारीखें क्या हैं?
अगर आप इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो इन तारीखों और प्राइस बैंड को गांठ बांध लीजिए:
- प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
- एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
- आईपीओ खुलने की तारीख: 14 जुलाई, 2026
- आईपीओ बंद होने की तारीख: 16 जुलाई, 2026
- अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
- रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
- शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 (BSE और NSE पर)
इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए शेयर बाजार के कई दिग्गज नाम एक साथ आए हैं। कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका में हैं।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना बड़ा और महत्वपूर्ण आईपीओ है।
कैसा है कंपनी का बिजनेस और मार्केट में कितनी है पकड़?
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट दरअसल एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करने वाली कंपनी है। सीधे शब्दों में कहें तो, यह देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है।
म्यूचुअल फंड बाजार में इसकी धाक देखते ही बनती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, पूरे म्यूचुअल फंड बाजार में इस कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी रही है, जो अपने आप में एक बड़ा नंबर है।
कंपनी का क्वाटरली एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) का आंकड़ा भी जबरदस्त है। यह ₹12,49,970 करोड़ रुपये रहा है।
अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM बढ़कर ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है। इतने बड़े पैमाने पर एसेट्स मैनेज करना दिखाता है कि कंपनी कितनी मजबूत स्थिति में है और निवेशकों का इस पर कितना भरोसा है।
ग्रे मार्केट में क्या चल रहा है इस आईपीओ का हाल?
आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर सबकी नजर रहती है, क्योंकि ये लिस्टिंग के दिन शेयर की संभावित कीमत का एक मोटा-मोटा अंदाजा दे देता है। 10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयर अभी से ही प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।
यानी, निवेशकों में इसकी डिमांड इतनी तगड़ी है कि वे इसे अलॉटमेंट से पहले ही ऊंचे दाम पर खरीदने को तैयार हैं।
यह लगातार बढ़ता ग्रे मार्केट प्रीमियम इशारा कर रहा है कि इस आईपीओ में निवेशकों को लिस्टिंग पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है। कुल मिलाकर, इस आईपीओ को लेकर बाजार में खासा उत्साह है और अब सभी की निगाहें इसकी लिस्टिंग पर टिकी हैं कि यह शेयर बाजार में किस धमाके के साथ एंट्री मारता है।




































