मुजफ्फरपुर: जिस गाड़ी से बेटी की डोली उठी थी, जिससे नए रिश्तों की शुरुआत हुई थी, उसी गाड़ी का इस्तेमाल उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए किया गया। बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने रिश्तों के नाम पर शर्मसार कर दिया है। यहां एक गर्भवती महिला की न सिर्फ बेरहमी से हत्या कर दी गई, बल्कि उसके शव को बोरी में भरकर, यूरिया डालकर गलाने की कोशिश भी की गई। आरोप सीधे-सीधे ससुराल वालों पर है और मृतक के पिता का दावा है कि ये सब सिर्फ 2 लाख रुपये की दहेज की मांग पूरी न होने की वजह से हुआ है।
मामला मुजफ्फरपुर के गायघाट इलाके का है, जहां खुशबू कुमारी नाम की एक महिला की लाश 6 दिन पहले खेत में मिली। खुशबू अपने पति बिट्टू राम के साथ रहती थी और सात महीने की गर्भवती थी।
पिता विनोद राम ने इस दर्दनाक कहानी का खुलासा करते हुए बताया कि ये सिर्फ उनकी बेटी की नहीं, बल्कि उसके अजन्मे बच्चे की भी हत्या है। ये कोई एक कत्ल नहीं, बल्कि दोहरा कत्ल है, जिसके दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
विनोद राम की आंखों में आंसू और जुबान पर बेटी को खोने का दर्द था। उन्होंने बताया कि खुशबू की शादी पिछले साल फरवरी महीने में बिट्टू राम से हुई थी।
शादी शर्फुद्दीनपुर के राधा-कृष्ण ठाकुर मंदिर में हुई थी और अगले ही दिन दोनों ने कोर्ट में भी अपनी शादी रजिस्टर करवा ली थी। परिवार को लगा था कि बेटी अब सुख से रहेगी, लेकिन उनके सपने जल्द ही टूटने लगे।
शादी के कुछ ही दिनों बाद खुशबू का जीवन प्रताड़ना से भर गया। ससुराल वालों की तरफ से लगातार दहेज की मांग की जाने लगी।
पहले एक महंगी बाइक की जिद थी, जिसे विनोद राम ने अपनी हैसियत से बढ़कर कर्ज लेकर पूरा किया। लेकिन, उनकी मांग यहीं खत्म नहीं हुई।
दहेज की आग और गायब हुई खुशबू
विनोद राम ने बताया कि शादी के वक्त ससुराल वालों ने उनसे अपाची बाइक की मांग की थी। उनकी हैसियत तो स्पलेंडर बाइक देने की थी, लेकिन दादाजी की जिद और बेटी की खुशी के लिए उन्होंने कर्ज लेकर बिट्टू को अपाची बाइक दिलाई।
लेकिन, इस बाइक से भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। इसके बाद उनसे 2 लाख रुपये नकद की मांग की जाने लगी।
खुशबू लगातार अपने पिता को ससुराल में हो रही प्रताड़ना के बारे में बताती थी। ससुराल वालों का अत्याचार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा था।
बीते 24 जून को खुशबू से परिजनों का संपर्क टूट गया। उसी दिन, शादी कराने वाले एक व्यक्ति ने विनोद राम को सूचना दी कि उनकी बेटी ससुराल से लापता है।
यह खबर सुनते ही विनोद राम और उनके परिवार के होश उड़ गए। जब वे आनन-फानन में खुशबू के ससुराल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर में ताला लगा हुआ था और सभी लोग फरार हो चुके थे।
गुमशुदगी की शिकायत और शव की बरामदगी
परिजन सदमे में थे और खुशबू को हर मुमकिन जगह ढूंढने लगे। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई, लेकिन खुशबू का कोई सुराग नहीं मिला।
आखिरकार, 25 जून को विनोद राम ने पीयर थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी खुशबू की तलाश शुरू कर दी, लेकिन 5 दिनों तक पुलिस को भी कोई सफलता नहीं मिली।
फिर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे, पुलिस को एक खेत में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। खबर मिलते ही विनोद राम और उनका परिवार भी मौके पर पहुंचा।
वहां जो दृश्य था, उसने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं। एक बोरी में बंद, गला हुआ शव उनकी बेटी खुशबू का था।
शव को गलाने के लिए आरोपियों ने यूरिया का इस्तेमाल किया था, ताकि पहचान मिटाई जा सके। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था।
पिता ने अपनी बेटी को पहचान लिया।
पिता का दर्द और न्याय की गुहार
विनोद राम ने बिलखते हुए बताया कि उनकी बेटी सात महीने की गर्भवती थी। हत्यारों ने खुशबू को ही नहीं मारा, बल्कि उसके अजन्मे बच्चे को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
उन्होंने कहा, "यह एक नहीं, दो-दो हत्याएं हैं। जिसने अभी दुनिया भी नहीं देखी थी, उसे भी मार डाला गया।
" उन्होंने बताया कि उनका दामाद बिट्टू राम दिल्ली में राजमिस्त्री का काम करता था और इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह वापस दिल्ली भाग गया है।
विनोद राम ने आरोप लगाया कि उनके दामाद और उसके परिवार का आपराधिक प्रभाव है। उन्हें डर है कि कहीं उनकी भी हत्या न कर दी जाए।
उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी और नाती के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके और समाज में ऐसी क्रूरता करने वालों को एक सबक मिल सके।
पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले पर पुलिस ने बताया है कि उन्हें गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद से ही खुशबू की तलाश जारी थी। अब शव बरामद होने के बाद, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
यह देखना बाकी है कि कब तक खुशबू और उसके अजन्मे बच्चे को न्याय मिल पाता है।

