सीतापुर: रात का गहरा सन्नाटा था, गांव अदवारी के ज्यादातर घरों में लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। तभी अचानक एक घर के अंदर कुछ आहट हुई। जिसने सुनी, उसकी नींद टूटी और आंखों के सामने जो मंजर आया, उसे देखकर कलेजा मुंह को आ गया। तीन साए घर में घूम रहे थे, चोर! लेकिन इन चोरों की किस्मत अच्छी नहीं थी। घर की मालकिन ने न सिर्फ हिम्मत दिखाई बल्कि अंधेरे में ही उनमें से एक को पहचान भी लिया – अपने ही गांव का अक्षेलाल!
यह घटना मंगलवार देर रात की है, जब सीतापुर के सकरन थाना क्षेत्र का अदवारी गांव एक ऐसी वारदात का गवाह बना, जिसमें चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। लेकिन उनका सामना एक ऐसी महिला से हो गया, जिसने सिर्फ चीख-पुकार मचाकर हार नहीं मानी, बल्कि उन पर झपटी और एक चोर को पहचान भी लिया।
अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन यह कहानी गांव के अंदर से ही निकले एक चोर की तरफ इशारा कर रही है, जिसने अपने ही पड़ोसियों के घर में डाका डाला।
रात के सन्नाटे में सेंध और एक साहसिक पहचान
पीड़िता साबित्री पत्नी मनोज चौहान बताती हैं कि मंगलवार की रात करीब साढ़े बारह बजे का वक्त रहा होगा, जब उन्हें अपने घर के भीतर कुछ खटपट सुनाई दी। पहले तो लगा कि शायद कोई जानवर होगा, लेकिन जब आवाज़ें साफ हुईं और पैरों की आहट सुनाई दी, तो उनका दिल बैठ गया।
हिम्मत करके उन्होंने आंखें खोलीं तो देखा कि तीन लोग उनके घर के अंदर मौजूद हैं। यह देखकर साबित्री के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने फौरन दिमाग लगाया और चोरों को पहचानने की कोशिश करने लगीं।
इसी बीच चोरों ने चोरी को अंजाम देना शुरू कर दिया था। साबित्री ने उस अंधेरे में भी, उन तीनों में से एक चेहरे को पहचान लिया।
वह कोई और नहीं, बल्कि उनके ही गांव का अक्षेलाल था। यह पहचानते ही साबित्री का खून खौल उठा।
उन्होंने बिना किसी डर के शोर मचाना शुरू कर दिया और अक्षेलाल को पकड़ने के लिए उस पर झपट पड़ीं। इस खींचातानी और संघर्ष में अक्षेलाल की कमीज फट गई।
कमीज का एक टुकड़ा साबित्री के हाथ में रह गया, जो अब इस चोरी की घटना में एक अहम सबूत बन गया है।
सावित्री की चीख-पुकार और उनके साहस को देखकर बाकी के दो चोर घबरा गए। गांव के लोग भी आवाज़ सुनकर जागने लगे थे।
शोर बढ़ता देख, तीनों चोर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। भागते समय वे एक बक्सा वहीं छोड़कर गए, जिसे शायद वे अपने साथ ले जाना चाहते थे।
लेकिन साबित्री ने जो हिम्मत दिखाई, उसने चोरों की इस कोशिश को पूरी तरह सफल नहीं होने दिया।
शादी का कर्ज चुकाने को रखे थे पैसे, गहने भी ले उड़े चोर
चोरों के भाग जाने के बाद साबित्री ने देखा कि घर का क्या हाल हुआ था। उन्होंने पाया कि चोर उनके घर से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए थे।
जो जेवर चोरी हुए, उनमें हार, झाला, मांगबेंदी, कमर बिछुआ और पायल जैसे पांच सोने-चांदी के गहने शामिल थे। इन गहनों की कीमत लाखों में आंकी जा रही है, जो किसी भी मध्यवर्गीय परिवार के लिए बड़ी पूंजी होती है।
लेकिन जेवरात से भी ज्यादा अफसोस साबित्री को 1 लाख 20 हजार रुपये नकद गंवाने का था, क्योंकि इन पैसों से उनकी बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं।
सावित्री ने बताया कि करीब एक महीने पहले ही उनके बेटे की शादी हुई थी। शादी में काफी खर्च हुआ था और परिवार पर थोड़ा कर्ज भी चढ़ गया था।
इस कर्ज को चुकाने के लिए उन्होंने एक दिन पहले ही अपने खेत के सेमल के पेड़ बेचे थे। इन पेड़ों को बेचकर उन्हें कुल 1 लाख 25 हजार रुपये मिले थे।
इन पैसों में से 5 हजार रुपये तो कुछ छोटे-मोटे खर्चों में लग गए थे, लेकिन बाकी के पूरे 1 लाख 20 हजार रुपये उन्होंने घर में ही सुरक्षित रखे थे, ताकि जल्द ही शादी का कर्ज चुकाया जा सके। चोरों ने उन्हीं पैसों पर हाथ साफ कर दिया।
यह सोचकर साबित्री का मन भारी हो रहा था कि जिन पैसों से वे अपने बेटे की शादी का कर्ज उतारने वाली थीं, वही पैसे उनके हाथ से निकल गए। घटना के वक्त साबित्री के पति मनोज चौहान घर पर नहीं थे।
वे मजदूरी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे, जिससे साबित्री घर में अकेली थीं और चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
चोरी की सूचना मिलते ही सकरन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी ली और मामले को गंभीरता से सुना।
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है, और पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच शुरू कर दी है। हालांकि, उनका कहना है कि अभी तक पीड़ित परिवार की तरफ से कोई लिखित तहरीर (FIR) पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसे ही उन्हें लिखित तहरीर मिलेगी, तुरंत मुकदमा दर्ज करके आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस गांव के भीतर से मिली इस जानकारी पर भी काम कर रही है और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
साबित्री के हाथ में मिला कमीज का टुकड़ा भी जांच का एक अहम हिस्सा है, जो आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की मदद कर सकता है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही चोरों को पकड़कर इस चोरी का खुलासा करेंगे।


