औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह माथे पर बल ला देने वाली एक घटना हुई। सुबह-सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही एक वैन अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग पर तामसी मोड़ के पास अचानक अपना संतुलन खो बैठी और 15 फीट नीचे नहर में जा गिरी। ये दृश्य किसी के भी कलेजे को मुंह में ला देने वाला था – मासूम बच्चे स्कूल की बजाय अस्पताल पहुंच गए। इस भयानक हादसे में कुल 13 बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें से 3 की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। जैसे ही वैन नहर में गिरी, आसपास के लोगों ने देवदूत बनकर बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए पास के कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया।
जिस वक्त ये हादसा हुआ, वैन अंबा स्थित संत जेवियर हाई स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही थी। वैन कुटुंबा, लखना, महुआ धाम और मीरपुर गांव से बच्चों को इकट्ठा कर स्कूल की ओर बढ़ रही थी कि तभी तामसी मोड़ पर ये सब हो गया।
सड़क किनारे लगी रेलिंग को तोड़ते हुए वैन सर्र से नीचे लुढ़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, गाड़ी की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
वैन के नहर में गिरते ही उसका अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कांच टूटकर बिखर गए। ये हादसा इतना भयानक था कि सुनकर ही सिहरन दौड़ जाती है।
हादसे का मंजर और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग बिना एक पल गंवाए नहर में कूद पड़े और बच्चों को बचाने का काम शुरू कर दिया।
ग्रामीणों की मुस्तैदी और हिम्मत से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में कुटुंबा रेफरल अस्पताल ले जाया गया।
घायल बच्चों में मीरपुर गांव निवासी अमित पासवान की बेटी साक्षी कुमारी (11), कुटुंब बाजार निवासी गोपाल शरण की बेटी साक्षी कुमारी (12), गौतम कुमार का बेटा आदित्य राज (12), सिकरिया निवासी आरबी प्रताप (5), कुटुंबा निवासी ओमप्रकाश मालाकार की बेटी अमी कुमारी (12), प्रदीप कुमार का बेटा लकी राज सैनिक (12), मीरपुर निवासी कुमार सुगंध आर्यन (8), उसकी बहन सृष्टि कुमारी (5), हर्ष कुमार (12), महुआ धाम निवासी आयुष कुमार (10), अक्षय कुमार (7), मिर्जापुर निवासी वैभव गौरव (6), मौली कुमारी (7), आबिद राजा (13) और अमित कुमार (7) शामिल हैं। इनमें से 5 साल के आरबी प्रताप, हर्ष कुमार (12) और मौली कुमारी (7) की स्थिति गंभीर थी, जिन्हें तुरंत औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया।
पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और स्कूल के टीचर्स भी बच्चों का हालचाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे थे।
ड्राइवर फरार, पुलिस की तलाश जारी
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। हादसे के बाद वैन का ड्राइवर मौके से फौरन फरार हो गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
फिलहाल, दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच-पड़ताल की जा रही है। स्कूल प्रबंधन के राहुल कुमार ने बताया है कि सभी बच्चों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
ड्राइवर ने उन्हें फोन पर बताया कि किसी दूसरे वाहन ने पीछे से टक्कर मारी थी, जिसके चलते वैन का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हुआ। हालांकि, ड्राइवर के फरार होने से उसकी इस बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा, स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
इस हादसे के बाद अभिभावकों में भारी गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है। उनका साफ-साफ आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के परिवहन के लिए ऐसे पुराने और जर्जर वाहनों का इस्तेमाल करता है, जो कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
इतना ही नहीं, अभिभावकों का यह भी कहना है कि वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है, जिससे सुरक्षा का खतरा और भी बढ़ जाता है।
अभिभावकों की मानें तो यह कोई पहली बार नहीं है जब स्कूल वाहनों से जुड़ा कोई हादसा हुआ हो। उनके अनुसार, इससे पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया है।
उनकी लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ रही है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा और उनमें बच्चों को ले जाने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस और प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, औरंगाबाद में यह दुखद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।


