मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी जिले में इन दिनों पुलिस ने अपराधियों की नींद हराम कर रखी है। जिले के एसपी साहब का फरमान है कि अपराधी या तो सुधर जाएं या फिर कानून के फंदे में फंसने को तैयार रहें। इसी कड़ी में शिकारगंज थाने में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर बड़े-बड़े अपराधियों के भी पसीने छूट गए। पुलिस ने यहां हत्या के प्रयास के मामलों में फरार चल रहे छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाकर कुर्की की कार्रवाई की। सोचिए, जब आपके घर के दरवाजे, खिड़कियां और अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएं तो कैसा लगता होगा? दहशत का माहौल, और इसी दहशत ने दो और फरार आरोपियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
यह सब मोतिहारी पुलिस द्वारा अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'महाकुर्की अभियान' का हिस्सा है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के सख्त निर्देश पर शिकारगंज थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में है।
इस अभियान का सीधा और साफ संदेश है कि अगर अपराधी कानून से भागेंगे, तो पुलिस उनके घर तक पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
कुर्की अभियान: पुलिस का सख्त संदेश
मोतिहारी पुलिस ने एक बार फिर दिखा दिया कि अपराधियों के लिए अब जिले में कोई जगह नहीं है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी अपराधी कानून की गिरफ्त से बचने की कोशिश करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
इसी सोच के साथ उन्होंने 'महाकुर्की अभियान' की शुरुआत की है, जिसके तहत फरार चल रहे अपराधियों की संपत्ति पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान सिर्फ दिखावा नहीं है, बल्कि अपराधियों के मन में कानून का डर बिठाने की एक ठोस रणनीति है।
मामले की जड़ और फरार आरोपी
शिकारगंज थाना क्षेत्र में एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था, जिसका कांड संख्या 49/26 है। इस मामले में छह आरोपी काफी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे थे।
न्यायालय ने भी इन आरोपियों के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। आखिरकार, पुलिस ने इन आदेशों पर अमल करते हुए अपनी कार्रवाई शुरू की।
जिन छह आरोपियों के घरों पर यह कुर्की की कार्रवाई की गई, उनमें मोख्तार साहनी, दरोगा साहनी, मधुरेंद्र साहनी, मनीष साहनी, अवनीश साहनी और रजनीश साहनी शामिल थे। पुलिस के रिकॉर्ड में ये सभी हत्या के प्रयास के मामले में वांछित थे और लगातार अपनी जगह बदल रहे थे, ताकि पुलिस इन्हें पकड़ न सके।
बुलडोजर की कार्रवाई: गांव में दहशत का माहौल
कुर्की की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए इंस्पेक्टर सचिदानंद पांडे के नेतृत्व में शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस बल के साथ-साथ एक बुलडोजर भी था, जिसे देखकर गांव में सन्नाटा पसर गया।
लोगों को समझ आ गया था कि पुलिस इस बार कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जैसे ही कुर्की की प्रक्रिया शुरू हुई, बुलडोजर ने फरार आरोपियों के घरों के दरवाजों, खिड़कियों और अवैध निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
गांव वालों के सामने उनके ही पड़ोसियों के घर टूट रहे थे, यह नजारा काफी डरावना था। इस कार्रवाई ने सिर्फ आरोपियों के परिवारों को नहीं, बल्कि पूरे गांव में एक संदेश दिया कि कानून का उल्लंघन करने का अंजाम क्या हो सकता है।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए घर के एक-एक सामान को जब्त किया और जो हिस्सा अवैध पाया गया या कुर्की के दायरे में आया, उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई कानून की ताकत का सीधा प्रदर्शन था।
दबाव का असर: दो आरोपियों का आत्मसमर्पण
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई का असर तुरंत देखने को मिला। इसी अभियान के तहत, लेकिन एक दूसरे मामले (कांड संख्या 48/26) में फरार चल रहे दो आरोपी - सुमन साहनी और रामचंद्र साहनी - को जब इस कुर्की अभियान की खबर लगी और उन्होंने अपने ही साथियों के घरों पर बुलडोजर चलता देखा, तो उनकी हिम्मत जवाब दे गई।
उन्हें लगा कि अगर वे भी इसी तरह भागते रहे, तो अगला नंबर उनका भी हो सकता है। इसी डर और कुर्की की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
उन्होंने मौके पर ही खुद को कानून के हवाले कर दिया, यह इस अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस का दबाव कारगर साबित हो रहा है और अपराधी अब छिपने की बजाय कानून का सामना करने को मजबूर हो रहे हैं।
एसपी का कड़ा संदेश: अपराधियों की खैर नहीं
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने एक बार फिर दोहराया है कि जिले में फरार अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी कानून से बचने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने कहा कि उनका मकसद जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना है और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे अपराधियों के बारे में जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
यह अभियान सिर्फ कुर्की तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संदेश है कि मोतिहारी में अब अपराधियों की खैर नहीं।


