मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहां निर्माणाधीन सड़क पर एक युवा उपचालक को नींद ने मौत की नींद सुला दिया। यह हादसा बरियारपुर थाना क्षेत्र में मुंगेर-मिर्जाचौकी निर्माणाधीन फोरलेन पर कल्याणपुर टोल प्लाजा के पास हुआ। सोमवार को एक हाइवा ट्रक के नीचे सो रहे 18 साल के एक नौजवान को उसी के ट्रक के चालक ने अनजाने में कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी भीषण थी कि जिसने भी देखा, वह सिहर उठा। अब पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है, जो हादसे के बाद फरार हो गया है।
यह घटना एक बार फिर सड़क निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों और उपचालकों की मुश्किल भरी जिंदगी और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं, जो अक्सर लापरवाही या थकान का नतीजा होते हैं।
लेकिन इस बार जिस तरह से एक बेखबर चालक ने एक सोते हुए साथी की जान ले ली, वह वाकई हैरान कर देने वाला है।
सड़क किनारे एक दर्दनाक मंजर
घटना सोमवार की दोपहर की है। मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन का काम तेजी से चल रहा है और ऐसे में यहां दिन-रात मशीनों की गड़गड़ाहट और वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।
इसी फोरलेन पर कल्याणपुर टोल प्लाजा के करीब कंपनी का एक हाइवा ट्रक खड़ा था। बताया जा रहा है कि इस ट्रक का उपचालक, यानी हेल्पर सोनू कुमार यादव, दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद थककर चूर हो गया था।
काम करते-करते जब शरीर जवाब दे जाता है, तो अक्सर ऐसी जगहों पर लोग थोड़ी देर सुस्ताने के लिए कोई भी सुरक्षित जगह ढूंढते हैं। सोनू ने भी शायद यही सोचा होगा, और अपने ही हाइवा ट्रक के नीचे जाकर सो गया।
यह शायद उसे सबसे सुरक्षित जगह लगी होगी, जहां धूप और धूल से भी बचाव हो सके।
नौजवान सोनू की कहानी
मृतक सोनू कुमार यादव की उम्र महज 18 साल थी। वह झारखंड के गोड्डा जिले के महुआर थाना क्षेत्र के लॉगाय गांव का रहने वाला था।
कम उम्र में ही घर-परिवार का सहारा बनने के लिए वह इस कठिन काम में लग गया था। हाइवा जैसे भारी वाहनों पर उपचालक का काम बेहद जोखिम भरा और थका देने वाला होता है।
ऐसे युवा अक्सर बेहतर भविष्य की तलाश में अपने घरों से दूर निकल पड़ते हैं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सोनू के परिवार को जब इस हादसे की खबर मिली होगी, तो उन पर क्या गुजरी होगी, इसकी कल्पना भी करना मुश्किल है।
पुलिस ने सोनू के परिजनों को सूचना दे दी है और उनका इंतजार कर रही है।
थकान और लापरवाही का घातक मेल
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सोनू ट्रक के नीचे आराम कर रहा था, तब ट्रक चालक भी वाहन में ही आराम कर रहा था। कुछ देर बाद जब चालक की नींद खुली, तो उसने सोनू को खोजना शुरू किया।
उसे लगा कि सोनू शायद पास बने चालक और उपचालक के आश्रय स्थल पर आराम करने चला गया होगा या किसी काम से इधर-उधर होगा। इस गलतफहमी में चालक ने वाहन को स्टार्ट किया और उसे आगे बढ़ाने लगा।
लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसका साथी, उसका हेल्पर, उसी के वाहन के नीचे गहरी नींद में सोया हुआ है। जैसे ही हाइवा ट्रक आगे बढ़ा, उसका पिछला भारी-भरकम चक्का सीधे सोनू के सिर को कुचलते हुए निकल गया।
घटना इतनी अचानक और दर्दनाक थी कि सोनू को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और आसपास के लोगों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो वे चीख पड़े। उनके शोर मचाने पर ही ट्रक चालक को अहसास हुआ कि उसने क्या कर दिया है।
जब उसने नीचे देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अपने ही साथी को इस तरह मृत पड़ा देखकर वह घबरा गया।
आरोपी चालक फरार; पुलिस की कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद, आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। शायद उसे डर था कि लोग उसे पकड़ लेंगे या पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी।
सूचना मिलते ही बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
सोनू के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अब आरोपी चालक की पहचान करने और फरार हुए हाइवा वाहन का पता लगाने में जुटी है। बरियारपुर थाना प्रभारी का कहना है कि वे इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं।
आसपास के टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी चालक और वाहन का सुराग मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल सुरक्षा और भारी वाहनों के संचालन में बरती जाने वाली सावधानियों की जरूरत पर जोर दिया है।
एक युवा जिंदगी असमय ही खत्म हो गई, और पीछे छोड़ गई परिवार के लिए गहरा सदमा और पुलिस के लिए एक गुत्थी।

